Saturday, June 15, 2019

Essay in hindi on पिता Father 500 words for school students

पिता वह है जो समय-समय पर हमें अच्छी और बुरी बातों का आभास करा कर आगाह करते हैं | पिताजी हमेशा हमें हार ना मानने और हमेशा आगे बढ़ने की सीख देते हुए हमारा हौसला बढ़ाते हैं | पिता से अच्छा मार्गदर्शक कोई हो ही नहीं सकता ।  मेरे पिता मेरे लिए आदर्श है, क्योंकि वह एक आदर्श पिता है, उनमें वह सारी योग्यता मौजूद है जो एक श्रेष्ठ पिता में होती है । वह मेरे लिए केवल एक पिता ही नहीं बल्कि मेरे लिए सबसे अच्छे दोस्त भी हैं ।  हर बच्चा अपने पिता से ही सारे गुण सीखता है जो उसे जीवन भर परिस्थितियों के अनुसार ढलने के काम आते हैं । उनके पास सदैव हमें देने के लिए ज्ञान का अमूल्य भंडार होता है जो कभी खत्म नहीं होता । 
पिताजी का दिल बहुत बड़ा होता है, कई बार उनके पास पैसे नहीं होते हुए भी वे अपनी जरूरत ढोल कर हमारी जरूरतों को कभी गैर जरूरी फरमाइश को भी पूरा करते हैं, वह कभी हमें या परिवार के सदस्यों को किसी भी चीज के लिए तरसने नहीं देते,  बच्चे कोई बड़ी से बड़ी गलती भी क्यों ना कर दे पिताजी हमेशा कुछ देर गुस्सा दिखाने के बाद उसे माफ कर देते हैं ।
पिताजी परिवार के सभी लोगों से बहुत प्रेम करते हैं वह घर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने देते और हमारी जरूरतें और फरमाइशे भी पूरी करते हैं, किसी प्रकार की गलती होने पर भी हमें डांटने के बजाय हमेशा प्यार से समझाते हैं और गलतियों के परिणाम बताते हुए दोबारा ना करने की सीख भी देते हैं,  पिताजी घर के सभी कार्यों और परिवार के सभी लोगों और उनके स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होते हैं, वह कभी छोटी-छोटी बातों को भी नजर अंदाज नहीं करते बल्कि हर बात को गंभीरता से लेकर उसका महत्व हमें समझाते हैं,
मैंने हमेशा पिता से सीखा है कि चाहे कुछ भी हो जाए हमें अपने आप पर नियंत्रण कभी नहीं खोना चाहिए,  पिताजी हमेशा संयमित व्यवहारकुशलता से हर कार्य को सफलता पूर्वक समाप्त करते हैं, वे कभी मुझ पर या मां पर बिना वजह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा नहीं करते।
पिताजी हमेशा हमें अनुशासन में रहना सिखाते हैं और वे खुद भी अनुशासित रहते हैं, सुबह से लेकर रात तक उनकी पूरी दिन चर्चा अनुशासित होती है, वह समय पर उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर ऑफिस जाते हैं और समय पर लौटते हुए प्रतिदिन शाम को मुझे बगीचे में घुमाने भी लेकर जाते हैं, इसके बाद वह मुझे स्कूल के सारे विषयों का अध्ययन करवाते हैं ।
पिताजी का सबसे महत्वपूर्ण गुण है कि वह सदैव हर समय धीरज से काम लेते हैं और कभी खुद पर से आपा नहीं खोते हर परिस्थिति में वे शांति से सोच समझ कर आगे बढ़ते हैं और गंभीर से गंभीर मामलों में भी धैर्य बनाए रखते हैं। 
पिता प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप होते हैं वह अपनी संतान को सुख देने के लिए अपने सुखों को भुला देते हैं, वह रात दिन अपने बच्चों के लिए ही मेहनत करते हैं और उन्हें हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं जो उन्हें भी कभी नहीं मिली कई बार छोटी सी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में डूब जाते हैं, लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी जाहिर नहीं करतें।
पिताजी कभी अपनी कोई तकलीफ नहीं बताते बल्कि वह घर के लोगों की हर जरूरत और तकलीफ का पूरा ध्यान रखते हैं, इन्हीं सब विशेषताओं के कारण पिता की महानता और अधिक बढ़ जाती है और उनकी तुलना दुनिया में किसी से भी नहीं की जा सकती शायद इसीलिए पिता दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं ।