Monday, March 25, 2019

Essay in hindi on खुशहाल जीवन जीने का तरीका | Way to Lead a Happy Life

प्रत्येक कोई हमेशा खुश रहना चाहता है ,लोगो का हमेशा लक्ष्य होता है कि किसी भी तरीके से उस कार्य को करें  जिससे हमें आनन्द  की प्राप्ति हो I  हमें खुशहाल रखने की कार्य सर्वाधिक रूप से विज्ञान और वैज्ञानिकों ने किया है  जो हर तरीके के मनोरंजन से लेकर तकीनीकी यंत्रो तक आविष्कार करके रोजगार के अवसर के साथ -साथ व्यस्तता जिंदगी बना दिया,  जिससे लोगों  के समाजिक व्यवहार और नैतिक चीजों की सूझ-बुझ  होI सामान्यत:आनन्द और खुशियों को लेकर लोग हमेशा संदेह में रहते हैं दोनों का अर्थ अलग- अलग है क्योंकि हमें खुशियों के द्वारा आनंद की प्राप्ति होती हैI  जब भी कोई ऐसा कार्य जिससे करने में हमें किसी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं बल्कि दिलचस्पी पैदा होता है और उसके बेहतर तरीके से करना चाहते है जिसे अन्य  लोगों के द्वारा भी समर्थन और प्रोत्साहन  मिलता है उसे ही  आनन्द समझा जाता है जबकि  खुशियां हमारे दिमाग का मनोवृति है जो आत्मविश्वास दिलाता है हमारे मनोवृति ही हमारी खुशियां को निर्धारित करती है इस प्रकार से हम समझ सकते हैं की आनन्द यानी प्रसन्नता इंद्रियों के माध्यम से प्राप्त होता है जबकि  खुशी स्वयं से ही मन के   भीतर पाया जाता है 

Essay in hindi on छठ पूजा | Chatth Puja of Bihar पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

छठ पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी के दिन  मनाया जाने वाला एक हिंदू पर्व है I प्रमुख रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश में मनाया जाता हैI छठ  बिहार के सबसे महान  पर्व  है जो आस्था और अध्यात्म का प्रतीक हैI  यह त्यौहार काफी कठोर नियम और अनुष्ठान के साथ चार दिनो में सम्मिलित होता है इसमें सबसे पहले स्नान कर खरना ,निर्जला उपवास करना होता है इसमेंप प्रकृति को मानव जगत के लिए दिए गए उपहार और सर्वोच्च जगत के लिए सूर्य  द्वारा जनजीवन को चलाने के लिए मनुष्य द्वारा सूर्य भगवान को धन्यवाद किया जाता हैI  परंतु इस पर्व को क्यों मनाया जाता है इसके पीछे पौराणिक महत्व और कथाएं छिपी हुई हैI छठ पर्व आस्था का महापर्व के रूप में जाना जाता है बिहार और झारखंड में तो अधिकतर संख्या में मनाया जाता है वैसे अब देश के हर कोने में  विदेशों में भी छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता हैI

Essay in hindi on शिक्षा का महत्व | Importance of Education पे हिंदी में निबंध (लेख )

मुझे प्रसिद्ध वैज्ञानिक और हमारे पूर्व राष्ट्रपति ए  पीजे अब्दुल कलाम कि वह वाक्य याद आती है जिसमें वह बोलते हैं की गरीबी में पैदा होना कोई श्राप  नहीं और ना ही कोई अपराध है बल्कि हमेशा गरीब रहना सबसे बड़ा पाप या  नाकामी  है I वह खुद गरीबी की तंगहाल  जिंदगी से  शिक्षा  के माध्यम से पुरे विश्व में  एक सम्मानित वैज्ञानिक बनें I  शिक्षा गरीबी व समाज में असमानता ,अनैतिकता  और संक्रीणता को खत्म  करती  है I अपने आप के साथ -साथ परिवार के विकास के लिए  शिक्षा -अध्ययन बहुत जरूरी है क्योंकि शिक्षा हर वर्ग चाहे स्त्री हो या पुरुष ,हर धर्म, हर उम्र  के लोगों  के लिए स्वस्थ और शिक्षित समाज का निर्माण करते हैं I दुनिया में  साधारण से आदमी जो गरीब से गरीब है शिक्षा  द्वारा अपने  जरुरत की वो  हर चीज हासिल कर सकता है जो उसके लिए सपना था I