Friday, March 8, 2019

Essay in hindi on सह-शिक्षा | Co Education पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

कुछ विद्यालय ऐसे होते हैं जहाँ लड़के या लड़कियों की अलग पढ़ाई की व्यवस्था की जाती है I उस  विद्यालय में अगर लड़की पढ़ती है तो  लड़के का नामांकन नहीं होता ठीक उसी प्रकार जहां लड़के पढ़ते हैं वहां लड़कियों का नामांकन नहीं होता परंतु कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जहां छात्र एवं छात्राएं एक साथ बैठकर एक ही कक्षा में पढ़ते हैंI  जहां दोनों को समान  शिक्षक द्वारा शिक्षा प्रदान की जाती है,ऐसी  शिक्षा व्यवस्था को सह  शिक्षा प्रणाली कहा जाता हैI सह शिक्षा का अर्थ है जहां छात्र और छात्राएं एक साथ बैठकर पढ़ाई करते हैंI आज  शहरों में  उच्च व निजी   विद्यालयों में सह शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से समान  है और अनिवार्य  भी परंतु आज भी छोटे नगरों  व ग्रामीण विद्यालय में इस प्रकार की शिक्षा प्रणाली विवाद बना हुआ है कुछ बुद्धिजीवियों के मानना है कि जीवन चक्र के दो पहिया पुरुषों और औरतें हैं  दोनों को  मिलकर पहिये को खींचना है इसलिए दोनों को भविष्य में एक साथ ही जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठानी है इसलिए कोई भी क्षतियाँ सह-शिक्षा में नहीं है क्योंकि अगर छात्र एवं छात्राएं एक साथ शिक्षा ग्रहण  करते हैं तो एक दूसरे को भावनात्मक रूप से अच्छी तरह से समझते हैं जिसके कारण सामान्य दोस्त की तरह व्यवहार करते हैं जिससे कभी  हानि नहीं पहुंचा सकते क्योंकि उन्हें एक दूसरे से व्यवहारिक संबंध बनते हैं जिससे भविष्य में किसी प्रकार के दुर्व्यवहार अनैतिक कार्यों का बढ़ावा अच्छी नहीं लगतीI 

Essay in hindi on ईद | Festival Eid पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

ईद मुसलमानों का प्रसिद्ध त्योहार है जिसका बेसब्री से लोगों को इंतजार रहता है I यह  विश्व के  साथ -साथ  पुरे  भारत में बड़ी तैयारी के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैI  ईद एकता एवं आपसी मेल-जोल का प्रतीक है I  ईद -उल- फितर इस्लामी कैलेंडर के अनुसार दसवें महीने के पहले दिन मनाया जाता है यह  इस्लामी कैलेंडर के सभी महीनों के समान चांद के दिखाई देने पर शुरू होता है I  उस समय रमजान का पाक महीना में पूरा महीना व्रत रखा जाता है रोज सुबह जल व कुछ खा कर बिना पानी के पूरे दिन- भर रहना पड़ता है और उसके बाद पुनः शाम को रोजा तोड़ा जाता है I इसके लिए अल्लाह  आशीर्वाद ,ऊर्जा सभी में प्रदान करते हैं  जिसके कारण तापमान अधिक होने के कारण भी लू के समय भी प्यास के मारे गला सुखता है फिर भी लोग धैर्य के साथ आस्था व  अध्यात्म के प्रति निष्ठावान रहना हमें ईद सिखाता है I रमजान का महीना सबसे पाक महीना है इस समय लोग हर जरूरतमंदों को दान करते हैं और अपने कमाई हुई अंश का थोड़ा भाग ईद के दिन ईदी के   तौर पर दिया जाता हैI  रमजान के पूरे एक  मास बात आसमान में ईद के चांद के दर्शन होते ही इसकी घोषणा हो जाती है ईद की ,  ईद के दिन सुबह --सुबह लोग उठ कर नहा- धोकर नए-नए कपड़े पहनकर मस्जिद में सबसे पहले  नमाज पढ़ते हैं I   फिर हर समुदाय, धर्म के लोगों  को अपने घर पर आमंत्रित किया जाता है और पकवान का लुफ्त उठाया जाता हैI  बच्चे ,बुजुर्ग, महिलाएं सभी लोग गले लगा कर एक दूसरे का अमन चैन व तरक्की की कामना करते हैंI