Tuesday, March 5, 2019

Essay in hindi on कृषि | Agriculture पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

हमारा देश कृषि प्रधान देश है जहां आज भी लगभग ६० फीसदी  लोग कृषि पर निर्भर रहते हैं|  हम जनसंख्या के लिहाज से पूरे विश्व में दूसरे स्थान पर काबिज है जहां सामान्यत: लोग गांव में रहते हैं और अपने खेतों में खेती-बाड़ी कर जीविका चलाते है I उन्हीं में से कोई बहुत बड़ा किसान तो कोई गरीब किसान होते हैं अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि भारतीय किसानों के स्थिति उतनी संतोषजनक नहीं होती इसके लिए काफी हद तक प्रकृति पर भी निर्भर रहना पड़ता हैI  अगर मौसम खेती के अनुरूप ना हो तो काफी नुकसान झेलना पड़ता है कभी सूखा तो ,कहीं बाढ़  तो कहीं ओला न जाने ऐसे कितने भी आपदाएं  झेल कर भी किसान अपने कर्तव्य का इमानदारीपूर्वक निर्वाहन करते  हैI   किसानों के हालात  संतोषजनक न  होने के कारण यह भी है  अधिक  किसान गांव में  रहते हैं उनमें से अधिक कम शिक्षित होते हैं जो खेती करने के सही विधि नहीं जान पाते परंतु वह अपने अनुभव व पूर्वजों के बताए गए मार्ग पर चल कर इमानदारी से मौसम अनुसार फसलें उपजाया करते हैंI

Essay in hindi on ताजमहल | Tajmahal पे हिंदी में निबंध (लेख ) nibandh lekh

बात उस समय कि है जब हम विद्यार्थी जीवन मे थे उस समय हमारे विद्यालय मे हमेशा  छुट्टीयो मे कोई ऐतिहासिक स्थल या पर्यटन स्थल घूमया जाता था I जो हमारे देश कि गर्व और भव्यता का प्रतिक हो। जिससे  हमें  प्राचीन भारत और हमारे संस्कृति के बारे में अधिक से अधीक जानकर अपनी ज्ञान  में वृद्धि कर सकें I उनमे से कुछ ऐतिहासिक महत्व रखने के साथ- साथ  अपनी आश्चर्यजनक सुन्दरता के लिये विश्व मे प्रख्यात होते थे  ऐसी स्थलो मॆ सबसे ज्यादा उत्सुकता ताजमहल देखनॆ के समय हमारे अन्दर थी। ताजमहल  मुगल सम्राट शाहजहा द्वारा बनाया गया था जो अपने प्रियतमा बेगम मुमताज महल के यादों में उनके कब्र के पास ही बनाया गया  इसकी भव्यता व सुंदरता की  जीतनी तारीफ की जाय शब्दों की कमी पड़ जाएगी ,चांदनी रात में इसकी चमक दूर -दूर से ही दिखाई पड़ती है जैसे  कोई कोहिनूर हीरा कोयले की खान में सी चमक रही होI  हमें याद है कि मैंने अपने शिक्षकों से अनुरोध किया था की कम से कम इसके बारे में अध्ययन और अधिक जानकारी के लिए दो-तीन दिन यहीं पर रुक अध्ययन किया जाए इसके पीछे हमारी मकसद यही था  इस  ताजमहल को हमेशा देखते रहें I ताजमहल आधुनिक में व भविष्य में भी सबसे आश्चर्यजनक भवनों में शुमार रहेगा मुगल वास्तुकला का सबसे उत्कृष्ट नमूना जिसके वास्तुकार ना सिर्फ  भारतीय बल्कि अफगानी ,फारसी अनेकों यूरोपीय ने मिलकर इसका निर्माण किया थाI