Friday, February 1, 2019

Essay in hindi on अनुशासन | discipline पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

      
वर्तमान में देश की सबसे बड़ी समस्या अनुशासनहीनता हैI भ्रष्टाचार,अराजकता आदि बड़ी -बड़ी घटनाएं घटित होने में अनुशासनहीनता सबसे बड़ी कारण है या यूं कहें कि अनुशासनहीन व्यक्ति असमाजिक के साथ- साथ पशु के समान मूर्ख व समाज के दुश्मन होते हैI जिन्हें संवेदनशीलता, नैतिकता से कोई लेना देना नहीं होता,अनुशासन का अर्थ है  आज्ञाकारी व समाज द्वारा बनाए गए नैतिक नियमों का पालन करना जिससे समाज को उचित कर्तव्य निर्वाहन  कर भला हो सकेI  जिससे हम खुद के साथ- साथ पूरे  देश का विकास कर सके इसलिए इन नियमों के अनुसार कार्य करने की आदत डालनी चाहिएI  बड़े -बुजुर्गों और ज्ञानी लोगों के दिए गए सुझावों को ईमानदारी से  बखूबी निभाना ही  अनुशासन  कहलाता है I हम दुनिया के किसी भी क्षेत्र में इस निश्चित नियम को पालन करके ही सफल व इंसान कहलाने योग्य बन सकते है,क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समाज में ही रहता है जहां रीति- रिवाज ,उचित- अनुचित ,नैतिक- अनैतिक, वेशभूषा , आदर -अनादर जैसी बातें बचपन से ही सिखाया जाता है ताकि वह भविष्य में अपने परिवार व समाज के लिए कुछ कर सकेI कोई भी इंसान आगे अपने क्षेत्र में समाज के कारण ही बढ़ सकता है जो कि उसके अच्छे किए कार्यो  ,फैसलों पर समर्थन करता हैIहमें सफल और लोगों में विश्वासी बने रहने के लिए अनुशासित और आज्ञाकारी जिंदगी जीना होगा जिससे एक अच्छे इंसान व्यक्तित्व की उत्पत्ति हो फिर जिससे लोग भी व्यक्तिगत रूप से आपके लिए आपके हित में सब कुछ समर्पित कर देंगेI

Essay in hindi on डाकिया | Postman पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh


वैसे डाक विभाग में कार्यरत व्यक्ति जो पत्र,मनी-ऑर्डर आदि दूसरे घर तक पहुंचाने का कार्य करता है उसे डाकिया कहते हैंI डाकिया की नियुक्ति सरकार द्वारा किया जाता है और सरकार से ही उनका आजीविका चलती है अर्थात सरकार द्वारा ही उनकी वेतन दी जाती हैI  डाकिया का ड्रेस खाकी पैंट , खाकी कमीज ,खाकी टोपी या पगड़ी होती है जो अपने साथ खाकी रंग का थैला या चमड़े का थैला लिया रहता है जिसमें पत्र ,मनीऑर्डर आदि संबंधी कागजात भरे होते हैंI अगर हम आज से करीब तीन दशक पहले की बात करें जब विज्ञान का प्रभाव  संचार माध्यम में थोड़ा कम था तब उतनी मोबाइल, कंप्यूटर आदि जैसे उपकरणों का वर्चस्व नहीं था तब  एक दूसरे का हाल-चाल या किसी दूसरे स्थान पर पैसे और तोहफे आदि  पहुंचाने का कार्य पत्र,मनीऑर्डर आदि के माध्यम से ही की जाती हैI   गांवों, कस्बों ,शहरों  आदि सभी जगह पर पत्र के माध्यम से हि एक दूसरे को सुख -दु:ख का  समाचार लेते या किसी प्रकार के आर्थिक सहायता हो या कहीं दूर अपने भाई को राखी भेजना हो या किसी विशेष पर्व के सामग्री हो सभी डाकिया के माध्यम से ही संभव हो पाता है Iआज भी तकनीकी रूप से सक्षम होने के बावजूद पत्र और मनीआर्डर , डाकपोस्ट आदि का  प्रचलन कम नहीं हुआ हैI  डाकिया हमारे लिए हर मौसम व परिस्थितियों में भी काम  करता है चाहे धूप हो या मूसलाधार बारिश,कंपकंपाती ठंड में भी  घर- घर जाकर परिवार को खबर देता हैIहमारे मुस्कान को बढ़ाने में डाकिया का सहयोग अतुलनीय है ,डाकिया की जिंदगी में शायद ही कभी फुर्सत  के पल हो I