Tuesday, July 30, 2019

Essay in hindi on Flood बाढ़ in for school childrens पर निबंध in Hindi

बाढ़ ज्यादा बारिश और उचित जल निकासी व्यवस्था की कमी के कारण होती है। बाढ़ की गंभीरता हर क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग होता है और उसी के कारण होने वाला विनाश भी अलग-अलग होता है।

बाढ़ भारी बारिश, नदियों और महासागरों जैसे जल निकायों से पानी के अतिप्रवाह, ग्लेशियर पिघलने, तूफान और तटीय किनारों के साथ तेज हवाओं के कारण बनती हैं। जब ज्यादा मात्रा में जल निकलने के लिए अच्छी जल निकासी प्रणाली की कमी होती है तब यह पानी बाढ़ का कारण बनता है।

बाढ़ का पानी प्रभावित क्षेत्र के सामान्य कामकाज को बाधित करता है। गंभीर बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर विनाश हो सकता है।

बहुत से लोग और जानवर गंभीर बाढ़ के कारण अपने जीवन से हाथ धो बैठते हैं। इससे कई लोग घायल और विभिन्न रोगों से संक्रमित होते हैं। कई जगहों पर मच्छरों और अन्य कीड़ों के प्रजनन के लिए जमा होने वाला पानी मलेरिया और डेंगू जैसी विभिन्न बीमारियों का कारण है। हाल ही में पेचिश, न्यूमोनिक प्लेग और सैन्य बुखार के मामलों में वृद्धि हुई है।आज कल बिजली और पानी की आपूर्ति में बाधा आई है जिससे आम जनता की समस्याओं में वृद्धि हो रही है। उन स्थानों पर करंट पकड़ने का जोखिम भी है जहां बिजली की आपूर्ति बरकरार है।

बहुत से लोग अपने घरों और अन्य संपत्तियों जैसे कार, मोटरसाइकिल बाढ़ में खो देते हैं जिन्हें ख़रीदने में सालों लगते हैं। यह सरकार के लिए चिंताजनक विषय है क्योंकि संपत्ति बचाव अभियान के लिए कई पुलिसकर्मियों, फायरमैनों और अन्य अधिकारियों को तैनात करना पड़ता है। गंभीर बाढ़ के मामलों में प्रभावित क्षेत्रों को फिर से तैयार करने में कई साल लगते हैं।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में माल की आपूर्ति कम हो जाती है क्योंकि सड़क परिवहन वहां तक ​​नहीं पहुंच सकता है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में संग्रहीत सामान भी बाढ़ के कारण खराब हो जाते हैं। आपूर्ति की कमी है और मांग अधिक है और इस प्रकार वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी होती है।जब मूसलधार बारिश होती है तो मिट्टी पूरे पानी को अवशोषित नहीं कर पाती और इससे अक्सर मिट्टी का क्षरण होता है जिसके भयानक परिणाम होते हैं। मिट्टी के क्षरण के अलावा मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

बाढ़ सिर्फ मनुष्यों और जानवरों के लिए ही खतरा नहीं है बल्कि वनस्पति के लिए भी ख़तरा है। भारी बारिश अक्सर गड़गड़ाहट, बिजली और तेज हवाओं के साथ होती है। तूफान पेड़ों को उखाड़ फेंकने का एक कारण है। इसके अलावा बाढ़ के दौरान फसल क्षतिग्रस्त हो जाती है और कई अन्य पौधें भी नष्ट हो जाते हैं।साल-दर-साल भारत में कई क्षेत्रों को बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। देश में इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों में उत्तर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल, मुंबई, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश और उड़ीसा, ब्रह्मपुत्र घाटी और दक्षिण गुजरात सहित अधिकांश गंगा मैदान हैं। बाढ़ के कारण इन जगहों को अतीत में गंभीर नुकसान पहुंचा है और अभी भी ख़तरे का सामना कर रहे हैं।

बाढ़ प्राकृतिक आपदाओं में से एक है जो विभिन्न क्षेत्रों में बड़े विनाश का कारण है। यह समय है कि भारत सरकार को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए मजबूत उपायों का पालन करना चाहिए।

Friday, July 12, 2019

Essay in Hindi on Career | करियर पर निबंध in Hindi

एक लड़का हो या लड़की इन दिनों करियर को हर व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व दिया जाता है। शुरुआत से ही हमें हमारे अध्ययनों पर ध्यान केंद्रित करने और परीक्षाओं में अच्छी तरह से अंक हासिल करने के लिए कहा जाता है। ऐसा करने का मकसद एक मजबूत आधार बनाने और अच्छे ग्रेड लाना है जो आपको एक आकर्षक कैरियर बनाने में मदद करेगा।

करियर किसी भी व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह किसी भी इंसान की जीवनशैली का नेतृत्व करता है जिससे समाज में उसकी स्थिति निर्धारित होती है। जहाँ हर कोई एक अच्छी जीवन के सपने देखता है वहीँ हर कोई मजबूत कैरियर बनाने में सक्षम नहीं होता जो अच्छी जीवन शैली को सुनिश्चित करता है।

करियर आमतौर पर किसी व्यक्ति के जीवन के पेशेवर पहलू से जुड़ा होता है। हालांकि कुछ व्यक्ति इसे अपने जीवन से जोड़ते हैं और अपने काम के अतिरिक्त सीखते हैं।


करियर का चयन करना एक बड़ा निर्णय है और विडंबना यह है कि जब हमें ऐसे निर्णय लेने की आवश्यकता होती है तो हम इस तरह के बड़े निर्णय लेने के लिए तैयार नहीं होते। हम अभी हमारे स्कूली जीवन में हैं जहाँ हमें विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी स्ट्रीम के बीच चयन करना पड़ता है जो मुख्य रूप से हमारे बाद के करियर के रास्ते को प्रभावित करता है। हालांकि पहले माता-पिता, शिक्षकों और बड़े भाई बहन थे जो हमारे करियर के विकल्प को बड़े पैमाने पर प्रभावित करते थे पर इन दिनों बच्चे अधिक जागरूक हो गए हैं – इसके लिए इंटरनेट को धन्यवाद। अंतिम निर्णय लेने से पहले हम इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्प और साथ ही उनकी संभावनाओं का पता लगा सकते हैं। हालांकि बड़ों की सलाह की अभी भी अनुशंसा की जाती है क्योंकि वे हमसे अधिक अनुभवी हैं।

हमारे कैरियर का चयन करते समय हम सभी को बहुत सावधान रहना चाहिए। हमें किसी क्षेत्र में सिर्फ इसलिए प्रवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि हमारे मित्र या भाई ने इस क्षेत्र को चुना है या हमारे माता-पिता हमें इस क्षेत्र में ले जाना चाहते हैं। हमें अपने दिल की बात सुननी चाहिए। हमें यह समझना होगा कि वास्तव में हमारा हित क्या है, यह देखना होगा कि हम इसमें कितने अच्छे हैं और फिर इसके साथ जुड़े अन्य पहलुओं की समीक्षा करनी चाहिए। अन्य पहलुओं में इस क्षेत्र में जाने की लागत, बाजार में ऐसे पेशेवरों की मांग, इस क्षेत्र में मिलने वाले पैकेज और क्षेत्र में विकास की संभावनाएं शामिल हैं।

मेरा सपना

मैं डांसर बनना चाहता हूं। मेरा झुकाव इस क्षेत्र में थोड़ा ज्यादा है। यह मुझे बेहद दिलचस्प लगता है और मुझे लगता है कि मैं वास्तव में इसमें अच्छा काम कर सकता हूं। मुझे पता है कि यह मेरी ख़ूबी है तथा यह और ज्यादा विकसित होगी। मुझे यकीन है कि मेरा परिवार मेरे निर्णय का सम्मान करेगा और मुझे अपनी पसंद के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

आपके द्वारा चुना गया करियर आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर बहुत प्रभाव डालता है। यह समाज में आपकी स्थिति, आपकी जीवनशैली, आपके सामाजिक चक्र और आपके रिश्तेदारों के साथ आपके संबंधों को भी निर्धारित करता है। इसलिए आपके करियर को बुद्धिमानी से चुनना महत्वपूर्ण है।

नौकरी देने वाली कंपनियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपनी लिंक्डइन प्रोफाइल को बनाए रखना आवश्यक है। इसके अलावा इस मंच के साथ-साथ अन्य जॉब पोर्टल्स पर भी सक्रिय रहें जिससे कि किसी भी नए अवसर की तलाश में मदद मिला सके। इस मंच पर एक अच्छी प्रोफ़ाइल आपको अच्छे अवसरों को प्राप्त करने में मदद दे सकता है।


एक ही क्षेत्र के पेशेवरों के साथ पब्लिक रिलेशन और नेटवर्किंग बनाए रखना नवीनतम जानकारी के साथ उद्योग क्षेत्र में अद्यतित रहने के लिए आवश्यक है।

उद्योग संगोष्ठियों और घटनाओं में हिस्सा लें
इन दिनों कई सेमिनार और उद्योग महोत्सव आयोजित किए जाते हैं। उद्योगों में अधिक अंतर्दृष्टि प्राप्त करने और प्रभावशाली लोगों से मिलने के लिए इस तरह के सेमिनारों में भाग लेने का सुझाव दिया जाता है।

इसके अलावा समय-समय पर अपने कैरियर के लक्ष्यों की समीक्षा करना और सीखना बंद न करें।

भारत सरकार को ऐसे मुद्दों को रोकने चाहिए जो देश के व्यक्तियों को अच्छे करियर के अवसर प्रदान करने में बाधा पैदा कर रहे हैं। एक देश जो अपने नागरिकों की प्रतिभा और कौशल को महत्व देता है और इसे एक सही गति से सही दिशा में आगे बढ़ाता है।

Monday, July 1, 2019

Essay in hindi on सावन | Sawan month पे हिंदी में निबंध 500 words

सावन को साल का सबसे पवित्र महीना माना जाता है।  ऐसी मान्यता है कि इस माह का प्रत्येक दिन किसी भी देवी-देवता की आराधना करने के लिए सबसे उपयुक्त होता है, विशेष तौर पर इस माह में भगवान शिव, माता पार्वती और श्री कृष्ण की आराधना की जाती है।
चैत्र के पांचवे महीने को सावन का महीना कहा जाता है।  इस माह के सभी दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण रखते हैं। गहराई से समझा जाए तो इस माह का प्रत्येक दिन एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है।

हिंदू परिवारों में सावन को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण महीने के तौर पर देखा जाता है।  इसकी महत्ता इस बात से समझी जा सकती है कि सावन के माह में मांसाहार पूरी तरह त्याज्य होता है और शाकाहार को ही उपयुक्त माना गया है, इसके अलावा मदिरा पान भी निषेध माना गया है।

हालांकि मॉडर्न होती जीवनशैली और बाहरी चकाचौंध के चक्कर में लोग अपने वास्तविक मूल्यों को दरकिनार कर चुके हैं। उदाहरण के लिए नवरात्रि को ही ले लीजिए, शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां नवरात्रि के दिनो में मांस, मदिरा का सेवन किया जाता है। ऐसा ही कुछ सावन में भी देखा जाता है।

हिंदू धर्म, अनेक मान्यताओं और विभिन्न प्रकार के संकलन से बना है।  हिंदू धर्म के अनुयायी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ रहते हैं कि हिंदू जीवनशैली में क्या चीज अनिवार्य है और क्या पूरी तरह वर्जित। यही वजह है कि अधिकांश हिंदू परिवारों में नीति-नियमों का भरपूर पालन किया जाता है।
भगवान शिव के भक्त कावड़ ले जाकर गंगा का पानी शिव की प्रतिमा पर अर्पित कर होने प्रसन्न करने का प्रयत्न करते हैं। इसकी अलावा सावन माह के प्रतेक सोमवार को भगवान शिव पर जल चढ़ाना शुभ और फलदाई माना जाता है।
सावन के महीने में व्रत रखने का भी विशेष महत्व दर्शाया गया है। ऐसी मान्यता है कि कुंवारी लड़कियां अगर इस पूरे महीने व्रत रखती है तो उन्हें उनकी पसंद का जीवनसाथी मिलता है।  इसके पीछे भी एक कथा मौजूद है जो शिव और पार्वती से जुड़ी है।
पिता दक्ष द्वारा अपने पति का अपमान होता देख सती ने आत्मदाह कर लिया था। पार्वती के रूप में सती ने पुनर्जन्म लिया और शिव को अपना बनाने के लिए उन्होंने सावन के सभी सोमवार का व्रत रखा।  फलस्वरूप उन्हें भगवान शिव पति रूप में मिलें।

यह सब तो पौराणिक मान्यताएं हैं, जिनका सीधा संबंध धार्मिक कथाओं से है। परंतु सावन के महीने में मांसाहार से क्यों परहेज किया जाता है इसके पीछे का कारण धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक भी है।

दरअसल सावन के पूरे माह में भरपूर बारिश होती है जिससे कि कीड़े-मकोड़े सक्रिय हो जाते हैं। इसके अलावा इस मौसम में उनका प्रजनन भी अधिक मात्रा में होता है। इसलिए बाहर के खाने का सेवन सही नहीं माना जाता।
आयुर्वेद में भी इस बात का जिक्र है कि सावन के महीने में मांस के संक्रमित होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है, इसलिए इस पूरे माह मांस-मछली या अन्य मांसाहार के सेवन को निषेध कहा गया है।