Wednesday, May 29, 2019

Essay in Hindi on एपीजे अब्दुल कलाम | Dr. APJ Abdul Kalam

भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आप सभी ने अवश्य ही सुना होगा वह एक सच्चे भारतीय थे, और उन्होंने अपना जीवन  भारत के लोगो के लिए समर्पित कर दिया | उन्हें सभी लोग आज भी प्रेम करते हैं तथा उनका सम्मान करते हैं |
उनका जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ ,  वह एक गरीब परिवार से थे, लोगों को एक घाट से दूसरे घाट तक पहुंचाना उनकी आय का एकमात्र स्रोत था |
अब्दुल कलाम का परिवार आराम से जी रहा था लेकिन एक भयंकर तूफान में रामेश्वरम घाट को नष्ट कर दिया | युवा अब्दुल कलाम ने हार नहीं मानी वह अपने परिवार की मदद करना चाहते थे उन्होंने देखा कि इमली के बीजों की मांग है, उन्होंने इमली के बीज एकत्रित कर पास की दुकान पर बेचने का निश्चय किया | इसके लिए उन्हें थोड़ा धन प्राप्त होता था,  इस प्रकार उन्होंने अपने परिवार की मदद की, उनका सपना अपने परिवार की मदद करना और वैज्ञानिक बनना था |
विद्यार्थी जीवन में भी उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना किया, उन्होंने उन चुनौतियों को वीरता से सामना किया उन्होंने मद्रास के तकनीक संस्थान से बात कर अभियंता का विशेष अध्ययन किया तथा डॉ अब्दुल जाकिर जैनुलाब्दीन एक वैज्ञानिक बन गए | उन्होंने 1958 मैं डीआरडीओ के लिए काम किया था फिर 1963 में आई एस आर ओ में शामिल हो गए |
उन्होंने भारतीय उपग्रह तथा डीआरडीओ का मिसाइल प्रोग्राम के लिए विशेष योगदान दिया उनके मत दे योगदान मिसाइल के क्षेत्र में था अग्नि पृथ्वी आकाश त्रिशूल तथा नाम का मिसाइल भारत में सामान्य तथा घरेलू गैस बन गए थे | इतना महान वैज्ञानिक होने के अतिरिक्त एक मानवतावादी के रूप में तथा सादगी को सीमा से वे राष्ट्रीय नायक बन गये |
वे 2002 में भारत के बारहवे राष्ट्रपति बने, उन्होंने अनेक पुरस्कार प्राप्त किया पदम भूषण 1981 में पद्म विभूषण 1990 भारत रत्न सर्वोच्च सैनिक पुरस्कार 1998 में तथा राष्ट्रीय अखंडता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार 1957 में प्राप्त किया |