Tuesday, April 2, 2019

Essay in hindi on विज्ञान का दुरुपयोग | Misuse of Science पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

यह कहना पूरी तरीके से उचित है कि आज का युग पूरी तरह से विज्ञान का युग है  जहां प्रत्येक घंटे और दिन कुछ न कुछ नई चीजें खोज  और अविष्कार होती रहती  हैI इसके  माध्यम से  हमेशा नयी तकनीकी यंत्र देखने को मिलती है जो आम आदमी के लिए पूरी तरह से नया होता है उपकरणों का कैसे इस्तेमाल करना है इससे लोग अनजान होते हैं और धीरे-धीरे उस यंत्र को चलाना और उसके बारे में पढ़कर उससे काम करना सीखते हैं परंतु विज्ञान ने यह भी सिद्ध किया है कि यह तो सेवक अच्छा  है परंतु इसका स्वामी बिल्कुल बुरा है I  अगर देखे तो इसमें कोई भी संदेह नहीं कि आज चाहे आर्थिक रूप से हो या शक्ति प्रदर्शन के रूप में विज्ञान  के इतने ज्यादा आविष्कार के कारण हमारा देश और  दुनिया दैनिक जीवन में आजीविका के क्षेत्र से लेकर आर्थिक रूप से हमेशा सुधार कर रहा है और जहां कार्यक्षमता को भी बढ़ाने का कार्य कर रहा है ,परंतु यह भी सच है इंसान की विपत्तियां व रोजमर्रा जिंदगी वाले कार्य  जो दैनिक मजदूरों ,दिहाड़ी  मजदूरों और  कारीगरों द्वारा होता था उसका आजीविका  छीनने में भी विज्ञान का अहम योगदान है I 

         पहले युद्ध इतनी भयानक तबाही इसलिए नहीं मचाती  थी क्योंकि उस समय विज्ञान का कोई प्रभाव उतना नहीं था परंतु आज आधुनिक हथियारों से लैस विंध्वसकारी  लड़ाई होती है जिनमें हर पक्ष की तरफ से लाखों निर्दोष नागरिकों का भी जान वीर सैनिकों लड़ाकुओं  के साथ जाती है  जो पूरे विश्व के  लोगों के लिए जो शांति स्थिरता के साथ -साथ खुशहाल जिंदगी छीन  लेती हैI  पहले युद्ध तीर धनुष उसके बाद बंदूके धातु का बना हुआ अस्त्र होते थे परंतु आज स्थितियां बिल्कुल बदल चुकी है कुछ सैनिकों को मार डाला जाता था और मुद्दा जीत- हार का इसी के साथ ख़त्म हो जाती थी  क्योंकि वह युद्ध  नीति के नियमानुसार लड़ी जाती थी ,परंतु आज के दिनों में युद्ध बहुत बड़े पैमाने पर किसी देश या संगठन द्वारा लड़े जाते हैं जिसकी विपति और दर्दों को  स्थितियां शब्दों में बयां करना  आम लोगों के लिए असंभव हैI  यह ना केवल दो राष्ट्रों के बीच बल्कि पूरे विश्व में जो अलग -अलग विचारधारा व देश के समर्थक होते हैं उनके बीच  छिड़ जाती है जिससे हर देशों के नागरिक बेमतलब मारे जाते हैंI  विज्ञान का दुष्परिणाम का सबसे बड़ा उदाहरण अमेरिका द्वारा  बमबारी कर विषैली रसायनों से परमाणु बम को हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराया था जिसका प्रभाव करीब तीन दशक तक पूरे जापान देश में रहा था वहां के लोग  विकलांग व असक्षम जन्मजात पैदा होने लगे थे I एक विचारधारा और युद्ध के निर्णायक लड़ाई में कभी -कभी मानवता पूरी तरह से शर्मसार हो जाती वह लड़ाई योद्धाओं के बीच में  ना बनकर पूरे अवाम  के लिए बन जाती है I यह सभी चीजें  नई विकसित विस्फोटकों और हथियारों का ही परिणाम है इसलिए जो विज्ञान के सजगता  और विकसित पहुंच की फायदा उठाकर  छवि धूमिल  कर दी जाती है I 

 गन पाउडर,मिसाइलें,आरडीएक्स जैसी हथियारों हैं जो हर राष्ट्र अपनी शक्ति प्रदर्शन और रक्षा विभाग को मजबूती देने के लिए इस तरीके के अस्त्र तैयार  करने में व्यस्त हैं I विश्व के तमाम वैज्ञानिक हमेशा गहरे अध्ययन और शोध कर प्रयोगशाला में अनेकों अस्त्र-शस्त्र का निर्माण करते रहते हैं जो भारी मात्रा में लोगों के लिए मुसीबत बन सकती है  I फिर भी अगर देखा जाए ऐसे लोगों को लिए जो इंसानियत को क्रूरता से खत्म करते हैं उन  आंतकवादी, राष्ट्र विरोधी दुश्मनों के लिए इस प्रकार के अस्त्र काफी उपयोगी होता है क्योंकि आज पूरी विश्व आतंकवाद से ग्रसित हैI  आतंकवादी घटना से लोगों को न जाने  कितने जीवन बेमतलब का गंवाना  पड़ा है परंतु दुर्भाग्यपूर्ण यह है की सुरक्षाकार से  विपरीत वैसे आतंकी संगठनों ने ही  उस तरीके का प्रयोगशाला बनाकर या कब्जा कर ,वैज्ञानिकों को डराते धमकाते हैं और इस तरह के आधुनिक विध्वंसक हथियारों का निर्माण करवा कर पूरे विश्व में अशांति   का माहौल पैदा करते हैं इसलिए ही आज विज्ञान के गलत प्रयोग की वजह से आतंकी घटना होती रही है जो भय  बना हुआ है I इसीलिए विज्ञान के हमें सही तौर तरीके वह उचित सर से प्रयोग करनी चाहिए
 संयुक्त राष्ट्र परिषद के अनुसार आज आधुनिक व आतंकी घटना पूरे विश्व के लिए चुनौती के रूप में बन गया है हिंसा ,हत्या  आम बात हो गया है क्योंकि लोगों के पास  अस्त्र नई नई तकनीकी वाले हथियार आसानी से उपलब्ध होती जा रही है और यह सिर्फ और सिर्फ विज्ञान के पहुंच हर जगह हर क्षेत्र में अधिक होने के कारण हुआ हैI  जिसका मनुष्य द्वारा अधिकतर गलत उपयोग किया जाता है चाहे वह बिजली संबंधी हो जिससे लोग बेवजह बिजली बर्बाद करते हैं यह और भी ऐसी सुविधाएं जिससे लोग कम समय में  अधिक परिणाम  पाने के लिए गलत ढंग से उपयोग करते हैंI  जिसका नतीजा आज सबके सामने है इन सबसे इतर सबसे बड़ा विज्ञान का दुरूपयोग हिंसा और आतंकवाद के क्षेत्र में आतंकियों द्वारा वामपंथियों द्वारा किया जाता है जिसमें सार्वजनिक और निजी ,सरकारी मूलभूत सुविधाएं जैसे की बिल्डिंग, विद्यालय ,अस्पताल रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जो आर्थिक रूप से भी और निजी रूप से भी काफी  मुश्किलों का सामना करना पड़ता है I  सारी चीजें  विज्ञान के गलत उपयोग के  कारण होता है ,जो आज पूरे विश्व के अस्तित्व का चुनौती देता है चाहे हम मोबाइल, गैजेट या किसी अन्य प्रकार के यंत्र जो बातचीत मनोरंजन के लिए बनाया जाता है परंतु हम अपने तौर तरीके से गलत उपयोग कर न सिर्फ खुद से ही अपने स्वास्थ्य को विनाशकारी बना रहे हैं बल्कि पक्षियों और वृक्षों को भी रेडिएशन  फैलाकर उनको क्षति पहुंचाते हैं I  इसलिए विज्ञान का दुरूपयोग होता है क्योंकि इंसान अपने स्वार्थ पूर्ति लालच, ईर्ष्या और अहंकार में विज्ञान को गलत तरीके से प्रयोग करता है I 

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