Saturday, March 16, 2019

Essay in hindi on आतंकवाद | Terrorism पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

आतंकवाद आतंक शब्द से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ हिंसात्मक और अनैतिक रुप से  हिंसा और दहशत फैलाना है या तानाशाही रवैया और बल-पूर्वक अपने विचारधारा को मानने पर मजबूर करते हैं ।यह  निर्दोष  लॊगो पर हथियारों से लैस उन पर हमला करते हैं ऐसे ही कार्य करने वाले को आंतकवादी कहा जाता है। इनका तरह-तरह के रूप होता है  लोगों में मनोवैज्ञानिक रूप से भी  सरकार और गणमान्य लोगों के प्रति भड़काने  का कार्य करते हैं । यह एक प्रकार के हिंसात्मक  गतिविधि के रूप में कहा जा सकता है जो कि अपने धार्मिक ,आर्थिक, राजनीतिक एवं तानाशही विचारधारा और लक्ष्य की पूर्ति के लिए गैर कानूनी, अनैतिक कार्य निर्दोष नागरिकों के बिच धार्मिक हिंसा उन्माद आतंकवाद के रूप में सम्मिलित किया जाता है ।वैसे लोग जो देश के संविधान का अवमानना ,देश के विरुद्ध खड़ा होना अन्य देशों के मासूम बच्चों को शिकार बनाते हैं वैसे तो आंतकवादी का कोई  जात या धर्म नहीं होता वह अपने विचारधारा, वह अपनी बात मनवाने के लिए मारने और डराने  का काम  करते हैं परंतु करीब  वर्षों से अग्रवादी हमले में विशेष इस्लामिक नारे अल्लाह हू अकबर नारे और वह सभी को इस्लाम धर्म अपनाने की बात करते हैंI बल्कि उन्हें खुद इस्लाम या किसी भी धर्म के बारे में कुछ पता नहीं होता उनका मकसद होता है बस एक मनोवैज्ञानिक दबाव के रूप में या एक सिरफिरे के रूप में अपनी बात को रखना और किसी से इस बात को लागू करवाना वैसे आंतकवादी लोग अपने परिवार के हित के सोचते हैं ना ही अपने घर नहीं जाती नहीं समुदाय ।
 वह हमेशा यही सोचते हैं कि हम ऐसा कार्य करें जिससे हमारा वर्चस्व बढे  और लोगों में हमारे नाम का खौफ हो , वह अपने आप को  ईश्वर की तरह मानने को बोलते हैं  इस प्रकार के पागलपन या घिनौनी कृत्य को भी आंतकवाद में शामिल किया जा सकता है।  आतंकवादी हमेशा वह होते हैं जिन्हें किसी प्रकार के न तो धार्मिक ना ही सामाजिक चेतना की  ज्ञान  होती है।  उन्हें हमेशा अपने मालिक और समूह के सदस्यों   के किसी भी कार्य को बलपूर्वक तरीके से अंजाम देने को ही अपना धर्म समझते हैं ,उन्हें अपने विचारधारा ठोकने के लिए पैसा ताकत और प्रचार प्रसार की भी जरूरत होती है इसलिए वह किसी भी घटना को अंजाम देकर अपने ऊपर जिम्मेवारी ,लेते हैं ताकि लक्ष्य के बारे में लोगों तक पहुंच बने उनका मकसद कामयाब हो और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रेस मीडिया, सोशल मीडिया के सहारे उनका नाम सभी जान सके। आतंकवाद मानवीय  जाति को बड़े पैमाने पर हमेशा प्रभाव करती है हमेशा दहशत में रहते हैं हर समाजिक स्थलों ,राष्ट्रीय स्थलों  देश के धरोहर आदि को निशाना बनाते हैं । उनका काम हमेशा हर दो देशों के प्रति नफरत फैलाना, युद्ध करना और हर देशों को जीत कर उस पर अपने विचारधारा  को थोपना  होता है, ताकि विश्व मेंवो  शासन कर सके। 

 ऐसे कई सारे घटनाएं  है जो आंतकवाद से आतंकियों द्वारा मानव-त्रासदी का कारण बना है।  9\11, 26 \11 हैदराबाद ब्लास्ट ,,बेंगलुरु ब्लास्ट आदि कई प्रकार के ऐसी घटनाएं हुई है जिससे अधिक संख्या में जान-माल कि हानि होति है । ऐसे तो आंतकवाद पूरे विश्व के लिए खतरा है जिसे खत्म करना चुनौती बना हुआ है परंतु भारत की जनसंख्या ,गरीबी आर्थिक रूप से दुर्बल करने में आंतकवाद की भूमिका प्रबल रही है।  आतंकी समूह को खत्म करने के लिए पूरे विश्व  मिलकर आर्थिक- वित्तीय रूप से एक दूसरे को सहायता करती है । उन्हें शांतिपूर्वक  मुख्यधारा में लौटने का जागरूक भी  किया जाता है परंतु आज भी दिन -प्रतिदिन आतंकियों  की संख्या  बढ़ रही है कुछ ऐसे भी आंतकवादी होते हैं जिन्हें जो शिक्षित होते हैं परंतु अपने जीवन किसी दूसरे को शिक्षा करने के बजाय खून -खराबे और नफरत फैलाते हैं। आज इसलिए यह जरुरी हो गया है की शिक्षा के साथ -साथ लोगों में नैतिक -अनैतिक की समझ, देशप्रेम की भावना हमेशा जागृत हो ताकि रूढ़िवादी और बुराई ताकतों से एकजुट होकर मजबूती से पराजित कर सकें। ऐसे में आतंकवाद ,उग्रवाद काफी ढीले पड़ खुद हो सकता है । 



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