Tuesday, March 5, 2019

Essay in hindi on ताजमहल | Tajmahal पे हिंदी में निबंध (लेख ) nibandh lekh

बात उस समय कि है जब हम विद्यार्थी जीवन मे थे उस समय हमारे विद्यालय मे हमेशा  छुट्टीयो मे कोई ऐतिहासिक स्थल या पर्यटन स्थल घूमया जाता था I जो हमारे देश कि गर्व और भव्यता का प्रतिक हो। जिससे  हमें  प्राचीन भारत और हमारे संस्कृति के बारे में अधिक से अधीक जानकर अपनी ज्ञान  में वृद्धि कर सकें I उनमे से कुछ ऐतिहासिक महत्व रखने के साथ- साथ  अपनी आश्चर्यजनक सुन्दरता के लिये विश्व मे प्रख्यात होते थे  ऐसी स्थलो मॆ सबसे ज्यादा उत्सुकता ताजमहल देखनॆ के समय हमारे अन्दर थी। ताजमहल  मुगल सम्राट शाहजहा द्वारा बनाया गया था जो अपने प्रियतमा बेगम मुमताज महल के यादों में उनके कब्र के पास ही बनाया गया  इसकी भव्यता व सुंदरता की  जीतनी तारीफ की जाय शब्दों की कमी पड़ जाएगी ,चांदनी रात में इसकी चमक दूर -दूर से ही दिखाई पड़ती है जैसे  कोई कोहिनूर हीरा कोयले की खान में सी चमक रही होI  हमें याद है कि मैंने अपने शिक्षकों से अनुरोध किया था की कम से कम इसके बारे में अध्ययन और अधिक जानकारी के लिए दो-तीन दिन यहीं पर रुक अध्ययन किया जाए इसके पीछे हमारी मकसद यही था  इस  ताजमहल को हमेशा देखते रहें I ताजमहल आधुनिक में व भविष्य में भी सबसे आश्चर्यजनक भवनों में शुमार रहेगा मुगल वास्तुकला का सबसे उत्कृष्ट नमूना जिसके वास्तुकार ना सिर्फ  भारतीय बल्कि अफगानी ,फारसी अनेकों यूरोपीय ने मिलकर इसका निर्माण किया थाI
  यह  केवल भारतीय धरोहर नहीं बल्कि यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल है प्रधान वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी को माना जाता है ताजमहल को   श्वेत संगमरमर से निर्मित किया गया है ताजमहल आगरा के दक्षिणी छोर पर स्थित है जो सन 1631 में  शाहजहां ने यहां आधिकारिक घोषणा की कि इसी स्थान पर बेगम मुमताज का मकबरा  बनेगा इसके उपरांत राजा जयसिंह को इसके बदले में शानदार  महल उपहार में भेंट शाहजहां ने किया था I  ताजमहल का निर्माण करने के लिए करीब 15 से 20,000 कारीगरों ने व देश व विदेश से आए तमाम वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी के दिशानिर्देश में इस निर्माण का अंजाम दिया इन सफेद संगमरमर कई प्रकार की नक्काशी व हीरे जड़कर ताजमहल की दीवारों को सजाया गया था यह यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है चाँदनी रात में उसकी सुंदरता का व्याख्यान शब्दों में करना मुश्किल हैI

  करीब विश्व के हरेक  देशों के  सैलानीयों को इस  अजूबा व  प्यार की निशानी ताजमहल को देखने की इच्छा होती है  क्योंकि भारत के सबसे अच्छे और सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक ताजमहल को माना जाता हैI  इसे पृथ्वी पर वास्तविक स्वर्ग का समान  माना गया है जो नि:स्वार्थ प्रेम ,धैर्य व परिश्रम की निशानी हैI  ताजमहल का मूल आकार  वर्गाकार है इसके चारों कोनों पर चार मीनारें  हैं जो करीब 40 मीटर लंबे व बाहर की तरफ झुकी हुई हुई है जिसके गिरने पर भी मकबरे को कोई क्षति न हो I इन पर कमलाकार आकृति व किरीट कलर्स भी है  बलुआ पत्थर की इमारत की गुंबद की पत्थर पर महीन अक्षरों में नक्काशी व कुछ चित्रकारी उकेरे  गए हैं I  मुगलकालीन अवस्था में हमेशा काले रंग के पत्थरों का इस्तेमाल होता था परंतु ताजमहल एकमात्र मुगलकालीन ऐसी स्थल है जिसमें सफ़ेद संगरमर  का प्रयोग हुआ है , इतने वर्ष के बावजूद भी आज भी देखने पर लगता है जैसे ज कल ही नई नवेली दुल्हन की तरह सजकर  यह ऐतिहासिक भवन बना हो इसी के अंदर शाहजहां  और मुमताज महल के पार्थिव शरीर दफन है पहले केवल मुमताज बेगम की कब्र था परंतु शाहजहां के मरने के  बाद भी यहीं पर दफनाया गया I कला व प्रेम के अलौकिक प्रतीक को ताजमहल दर्शाता है इसके चारों तरफ बाग़ है जिस में रंग-बिरंगी  फूलों की क्यारियाँ लगी हुई है I ताजमहल  के बीचो-बिच एक तालाब है जिसमें ताजमहल का प्रतिबिंब हमेशा दिखाई देता है , जब भी सूरज की लाली पड़ती है तो इस खूबसूरती पर और चार चांद लग जाते हैं

 बाग में पेड़ों की कतारें, मकाबरे के निकट फव्वारे इस प्रकार के दृश देखने से न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का बल्कि मानव के लिए प्रेरणा मिलती है किसी भी कार्य को अगर हम दिल से करना चाहे तो संभव हो सकता है इसके शिलालेखों में सभी पर्यटकों  का स्वागत करता है इसका मुख्य भाग जैसे आधारशिला एवं मकबरे  को निर्मित होने में 12 साल करीब लगे  थे और  मीनारों ,मस्जिदो और अन्य चारदीवारी भवनों के  बाद में लगातार निर्माण जारी रहा  और इतने कारीगर होने के बावजूद 1643 में पूर्ण हुआ थाI  ताजमहल का निर्माण एशिया से लाई गई सामग्री से निर्मित किया गया था इसके निर्माण में करीब 1000 से अधिक हाथी यातायात एवं सामान ढोने के लिए प्रयोग में लाए गए थे कुल मिलाकर 28 प्रकार के पत्थर एवं आभूषण जड़े गए थे ,सफेद संगमरमर से निर्मित ताजमहल का सुंदर चांदनी रात में जो  सुंदरता का नजारा होता है उसकी उस जैसा शानदार सुंदरता कभी नहीं देखने को मिलती  ऐतिहासिक धरोहरों में यूनेस्को द्वारा चुना गया ताजमहल  भारत के गौरवशाली कथाएं को जीवंत बनाने का कार्य करता हैI| 

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