Monday, March 25, 2019

Essay in hindi on शिक्षा का महत्व | Importance of Education पे हिंदी में निबंध (लेख )

मुझे प्रसिद्ध वैज्ञानिक और हमारे पूर्व राष्ट्रपति ए  पीजे अब्दुल कलाम कि वह वाक्य याद आती है जिसमें वह बोलते हैं की गरीबी में पैदा होना कोई श्राप  नहीं और ना ही कोई अपराध है बल्कि हमेशा गरीब रहना सबसे बड़ा पाप या  नाकामी  है I वह खुद गरीबी की तंगहाल  जिंदगी से  शिक्षा  के माध्यम से पुरे विश्व में  एक सम्मानित वैज्ञानिक बनें I  शिक्षा गरीबी व समाज में असमानता ,अनैतिकता  और संक्रीणता को खत्म  करती  है I अपने आप के साथ -साथ परिवार के विकास के लिए  शिक्षा -अध्ययन बहुत जरूरी है क्योंकि शिक्षा हर वर्ग चाहे स्त्री हो या पुरुष ,हर धर्म, हर उम्र  के लोगों  के लिए स्वस्थ और शिक्षित समाज का निर्माण करते हैं I दुनिया में  साधारण से आदमी जो गरीब से गरीब है शिक्षा  द्वारा अपने  जरुरत की वो  हर चीज हासिल कर सकता है जो उसके लिए सपना था I 
शिक्षा हमें नैतिकता के साथ-साथ समाज में सही ढंग से और लक्ष्य के जिजीविषा के साथ जीना सिखाता है आज  भी अगर हम तुलना करें  अन्य देशों से अपने देश भारत का वर्तमान में स्थिति जनसंख्या के अनुसार शिक्षित लोगों का अभी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है I आज के आधुनिक व विज्ञान वाले संसार में शिक्षा मुख्य भूमिका निभाता है इसका मकसद  केवल किसी भी परीक्षा में अंकों के साथ  पास करना नहीं है बल्कि अपने जीवन में उसे अमल करने के साथ-साथ अपने समाज और देश के प्रति किसी वैसे कार्य जो खुद के विकास के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से समाज को विकसित करें असली शिक्षा वही होता हैI  आज शिक्षा का पूरा तंत्र पहले से बिल्कुल बदल चुका है ,आज सभी लोगों को शिक्षा का महत्व इसलिए मालूम है क्योंकि शिक्षा ही एक माध्यम है जिससे  निर्धन मनुष्य भी  अपनी मेहनत से धनवान बन सकता है और अपने ज्ञानार्जन  के साथ -साथ समाज में एक सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकता हैI  शिक्षा हम सभी के लिए उज्जवल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है शिक्षित होने का अर्थ यह कतई नहीं कि हम केवल पढ़ना और लिखना जान  जायें बल्कि शिक्षा हमें इसलिए दिया जाता है क्योंकि सामाजिक और पारिवारिक रूप से लोगों को आदर के साथ- साथ एक ऐसी दृष्टिकोण रखें जिससे हमारे केवल  रटंत ही ना हो बल्कि व सुचारू रूप से प्रयोग में आए I

 छात्रों को देश का  भविष्य बताया जाता है आज के छात्र कल के सम्मानित नागरिक बनेंगे और अपने मातृभूमि का नाम और भी ऊंचा करेंगे I इसलिए एक  शिक्षित व्यक्ति को हमेशा एक अलग सकारात्मक कठिन परिस्थितियों में भी सोच के लिए विकसित करता है ,जो बड़े से बड़े भी दु:ख के बीच अपना आत्मविश्वास  से लबरेज होता हैI  अगर शिक्षा न केवल रोजगार  व खाने के लिए भोजन का प्रबंध करता है बल्कि शिक्षित लोगों के  कारण ही हम और आप इस दुनिया में समृद्धिपूर्वक  और आसानी से जीवित रह पाते हैं, क्योंकि मनुष्य  बिना शिक्षा  के समाज व अपने बारे में अपने  कार्य क्षमता के बारे में कभी जान -पहचान नहीं सकताI  शिक्षा हमें हमेशा ईमानदारी और देश के हित में प्रतिष्ठित कार्य करने को प्रोत्साहित करती है जिससे न सिर्फ अपराध, चोरी, डकैती बल्कि उस तरह के हर कार्य  जो इंसानियत के नाम पर धब्बा हो  उस तरह के दुर्गुणों को दूर सिर्फ और सिर्फ शिक्षा का अलख  जलाने और फैलाने से  होती  है क्योंकि शिक्षा हमें  कठिन परिश्रम, कठिन परिस्थितियों में धैर्य आचरण  में विनम्रता और समस्याओं के समाधान के साथ -साथ देश समाज और  बुराई को  मिटाने के लिए अपने जीवन को न्यौछावर कर देना भी सिखाती हैI  शिक्षित लोग ही मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ और मजबूत होते हैंI  एक अशिक्षित मनुष्य  न तो खुद संतुष्ट हो पाता है और ना ही अपने परिवार को और समाज को संतुष्टि पूर्वक नजर में आ पाता  है आज अशिक्षित   लोग पूरे संसार में एक श्राप  की तरह जीवन जीने को मजबूर हैं I प्राचीन समय की बात किया जाए तो शिक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोई जागरूकता नहीं थी लोग वेदों और शास्त्रों का अध्ययन के साथ -साथ किसी भी विषयों का अध्ययन करना केवल ब्राह्मण और  कुछ विशेष जाति के लोगों के  ही दैनिक जीवन का कर्त्वय सोचते थे परंतु आज शिक्षा हर घर हर गांव और परिवार के सदस्य जो कभी विद्यालय न गए  हो फिर भी अपने बच्चों व सगे संबंधियों को शिक्षित होने का सुझाव देते हैं  और  उन्हें  शिक्षा न पाने का अफ़सोस होता है इसलिए कि किसी भी जीवन की राहत में बाधा बन रहे क्षेत्र को शिक्षा से हम खत्म कर सकते हैं I शिक्षा का अर्थ यह कतई नहीं जो डिग्री हासिल करना हो बल्कि शिक्षा हमें अपने आप में मूल्यवान बनाती है I आज आधुनिक युग में अगर डॉक्टर ,इंजीनियर, पायलट से लेकर अनेक प्रकार के विद्वान ,साहित्यकार देख रहे हैं जो समाज के विभिन्न पहलुओं पर विभिन्न क्षेत्रों में निवारण का कार्य करते हैं शिक्षा उसी का एक जरिया है मेरे विचार से शिक्षित व्यक्ति की बातों में शालीनता और विनम्रता के साथ- साथ नकारात्मकता को दूर कर हमेशा पर्यावरण व समाज के लिए एक ऐसा नींव  डालता है जिस के मार्ग पर चलकर  हर व्यक्ति संतुष्ट और सुखी हो जाता हैI  आज बढ़ती जनसंख्या के साथ -साथ अपराध ,बेरोजगारी, आंतकवाद ,भ्रष्टाचार इत्यादि सही मायने में शिक्षा न ग्रहण करने की वजह से है I  एक शिक्षित व्यक्ति हमेशा ईमानदार और खुद में वैसे कार्य को करने के लिए लालायित  रहता है जिससे समाज में एक सम्मान  मिलेI  डिग्रियां व कागज पर लिखित शब्दों को रट जाना हिं शिक्षित का पहचान नहीं है  बल्कि अपने कर्तव्य को समझना, अनुशासित रहना और अनैतिक कार्यों के प्रति डटकर मुकाबला करना  गरीबों और जरूरतमंदों के बीच विद्या का अलख  जला रहे एक शिक्षित व्यक्ति का प्रतीक है I 

No comments:

Post a Comment