Friday, March 8, 2019

Essay in hindi on ईद | Festival Eid पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

ईद मुसलमानों का प्रसिद्ध त्योहार है जिसका बेसब्री से लोगों को इंतजार रहता है I यह  विश्व के  साथ -साथ  पुरे  भारत में बड़ी तैयारी के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैI  ईद एकता एवं आपसी मेल-जोल का प्रतीक है I  ईद -उल- फितर इस्लामी कैलेंडर के अनुसार दसवें महीने के पहले दिन मनाया जाता है यह  इस्लामी कैलेंडर के सभी महीनों के समान चांद के दिखाई देने पर शुरू होता है I  उस समय रमजान का पाक महीना में पूरा महीना व्रत रखा जाता है रोज सुबह जल व कुछ खा कर बिना पानी के पूरे दिन- भर रहना पड़ता है और उसके बाद पुनः शाम को रोजा तोड़ा जाता है I इसके लिए अल्लाह  आशीर्वाद ,ऊर्जा सभी में प्रदान करते हैं  जिसके कारण तापमान अधिक होने के कारण भी लू के समय भी प्यास के मारे गला सुखता है फिर भी लोग धैर्य के साथ आस्था व  अध्यात्म के प्रति निष्ठावान रहना हमें ईद सिखाता है I रमजान का महीना सबसे पाक महीना है इस समय लोग हर जरूरतमंदों को दान करते हैं और अपने कमाई हुई अंश का थोड़ा भाग ईद के दिन ईदी के   तौर पर दिया जाता हैI  रमजान के पूरे एक  मास बात आसमान में ईद के चांद के दर्शन होते ही इसकी घोषणा हो जाती है ईद की ,  ईद के दिन सुबह --सुबह लोग उठ कर नहा- धोकर नए-नए कपड़े पहनकर मस्जिद में सबसे पहले  नमाज पढ़ते हैं I   फिर हर समुदाय, धर्म के लोगों  को अपने घर पर आमंत्रित किया जाता है और पकवान का लुफ्त उठाया जाता हैI  बच्चे ,बुजुर्ग, महिलाएं सभी लोग गले लगा कर एक दूसरे का अमन चैन व तरक्की की कामना करते हैंI 

  ईद हमें भाईचारे एवं प्रेम सिखाता है यह जितना आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण  है उतना ही  समाजिक रूप से भी I यह हमें नैतिकता का पाठ पढ़ाता है ,ईद के दिन गांव या शहर सभी जगह मेला  लगता है मेले में सबसे अधिक उत्साह बच्चों में देखने को मिलती है I  बड़े ,बूढ़े  सभी लोग इस खुशी में शरीक होते हैंI रमजान का महीना आरम्भ होती ही उत्साह देखने को मिलती है लोग ईद की तैयारी में लग जाते हैं I रमजान इस्लाम के अनुसार सबसे पाक महीना माना जाता है, कहा जाता है कि इस महीने में भूल से किसी प्रकार के गलतियों को दिल से क्षमा मांगने पर मिल जाती है I इस  दिन जात- पात, अमीरी- गरीबी,  सभी भेदभाव को भूलकर एक दूसरे के साथ गले मिलकर प्रसन्न होते हैं, सेवाईयां  और पकवानों का आनंद लेते हैं I ईद कोई विशेष धर्म से अधिक हमेशा मानवता धर्म पर चलने  को मार्गदर्शन करता है, ईद आने पर सभी लोग खुशियों से भर जाते हैं आज भी बचपन के वो दिन याद आते हैं जब अभिभावकों के द्वारा बच्चों को ईदी मिलती थी जिसके द्वारा मेले में शरीक होकर हम अपने दोस्तों के साथ उपयोगी वस्तुओं का खरीदारी करने  के साथ -साथ जरूरतमंदों के लिए कुछ वस्तुएं  दान करते थे I

 ईद  का आरंभ पैगंबर मुहम्मद  ने सन 624 ई  में जंग-ए-बदर के बाद उनके द्वारा मनाया गया था, इसमें अल्लाह को शुक्रिया अदा करते हैं और सुख -शांति की कामना करते हैं I ईद के दिन जो दान दी जाती है उसे जकात -उल- फितर कहते हैंI  ईद के दिन रमजान पाक महीने के 30 दिनों के बाद पहली बार दिन में स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त उठाया जाता है ईद का अर्थ -उत्सव और खुशी होता हैI  जो इस पर्व को आते ही सभी के चेहरे पर परिभाषित करते देखने को मिलती हैI  पूरे विश्व में एक साथ मनाए जाने वाला पर्व में से एक भले ही  मुसलमानों के लिए ईद सबसे बड़ा पर्व हैI  परंतु यह किसी एक धर्म व जाति का प्रतिनिधत्व  ना करके पूरे हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व  करता है और प्रेम ,अमन ,चैन भाईचारे को बढ़ावा देता हैI   इसलिए ईद को हिंदुस्तानियों का पर्व भी कहा जाता हैI  यह महीना अपने आप में ही विशेष आस्था के प्रतीक म है यह  महीना दार्शनिक दृष्टिकोण से आत्म शुद्धि का महीना भी होता हैI  ईद के  चार दिन पहले से हि बाजारो मे स्वादिष्ट सेवइयां और मिष्ठानों से बाजार  सजी रहति है I  ईद उल्लास उमंग लेकर आता है I मेले की जलेबियाँ और रंग -बिरंगे कपड़ों में से आ रहे इत्र की खुशबुएँ हो या दोस्तों की घर की प्रेम की मिठास वाली सेवइयां ये सभी चीजें मिलकर ईद कोऔर विशेष बनाती है I यह  पर्व भारतीय जीवन के लिए सुख,शान्ति और उन्नति का सन्देश लेकर आती  है I 

No comments:

Post a Comment