Tuesday, March 12, 2019

Essay in hindi on क्रिसमस | Festival Christmas 25 December पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

क्रिसमस को बड़ा दिन भी कहा जाता है,यह पर्व परमेश्वर यीशु के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है  I क्रिसमस ईसाईयों का एक प्रसिद्ध त्योहार है सबसे खास बात यह है की यह हमेशा 25 दिसंबर को संपूर्ण विश्व में एक साथ मनाया जाता हैI  क्रिसमस दिसंबर महीना में जब आता है तो उसकी तैयारियां जोर- शोर से दिसंबर के शुरुआती दिनों से ही  आरंभ हो जाती है ,भारत से अधिक वैसे देश जहां ईसाईयों का बहुलता अधिक है वहां इसे और भी भव्य तरीके से मनाया जाता है I परमेश्वर यीशु का जन्म इसी दिन हुआ था उन्हें परमेश्वर का पुत्र कहा जाता हैI  यीशु मसीह को इस्लाम में ईसा कहा जाता है I इनके  माता मरियम और पिता का नाम जोसेफ था क्रिसमस का त्योहार आते हीं  लोग हर्षोल्लास- उत्साह के साथ इसकी तैयारियां करते हैं बच्चों और  विद्यार्थियों में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिलती है क्योंकि विद्यालयों एवं कॉलेजों में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है जिस के संदर्भ में करीब 10 दिन पहले से ही नाट्य रूपांतरण और समाज के हित में प्रेरणादाई भाषण की तैयारियां जोर- शोर से होती है जिसमें  विद्यार्थी और शिक्षक  मिलकर इस आयोजन को सफल बनाते हैं I
 सबसे खास बात यह है कि उस दिन किसी एक व्यक्ति सांता  क्लॉज के  रूप  में आता है और कुछ ना कुछ सभी लोगों को उपहार  देता है I क्रिसमस को ईसाई लोग के साथ- साथ अन्य धर्म के लोग भी एक साथ मनाते हैं हिंदुस्तान में इसे बड़ा दिन कहा जाता है क्रिसमस के पूर्व संध्या से ही ब्रिटेन तथा जर्मनी जैसे कुछ देशों में समारोह शुरू हो जाते हैं कई देशों में तो नव वर्ष का आगाज भी इसी दिन को  माना जाता है I  क्रिसमस के एक  दिन बाद बॉक्सिंग डे के रूप में मनाया जाता है यह हमें संस्कृति सभ्यता ,धार्मिक  एकता का पाठ पढ़ाता है इस पर्व का  महत्व ना सिर्फ  केवल विशेष धर्म के लोगों में दिख जाती है बल्कि विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मिलकर बढ़-चढ़कर इस बड़े दिन क्रिसमस को  विशेष दिन बनाते हैंI 
      यीशु के बारे में यह मान्यता है कि वह परमेश्वर के भेजे हुए पुत्र हैं जो मरियम के गर्भ से अध्यात्मिक शक्ति के अनुसार पैदा हुए थे यीशु को याद करना उनके जन्म के उत्साह के साथ साथ उनको धन्यवाद करना ही क्रिसमस बनाना है इस दौरान बाजारों में चहल -पहल व बाजारों की रौनक देखते ही बनती  है विभिन्न कीमती सजावटी और रंग-बिरंगे क्रिसमस ट्री अन्य वस्तुओं से बाजार पूरी भरी रहती है चाहे घर हो या बाजार उस दिन क्रिसमस के एक  सप्ताह पहले से ही छुट्टी होने के कारण सभी लोग अपने घरों को सजावट एक विशेष रूप देते हैं  जो जगमग- जगमग रंगीन रौशनियों  से भव्यता प्रदर्शित करता हैI  चर्च व गिरजा घरों में विशेष रूप से सजावट - संगीत जैसे संस्कृति कार्यक्रम शुरू रहते हैं जो क्रिसमस के बाद तरकरीबन  नए वर्ष के दस्तक तक चलते हैंI  उसमें प्रभु यीशु द्वारा किए गए सामाजिक कार्य व बाइबल में लिखें उद्देश्य विश्व में समाज के लिए हितकारी बातों से सभी  को प्रेरित किया जाता है I यीशु अहिंसा क्षमा का प्रतीक है उन्होंने अंधकार में प्रकाश यानी अज्ञानता व नफरत को दूर कर सभी लोगों में प्रेम की भावना के साथ  विनम्रता सिखलाते हैंI  यीशु के जीवन के सीख ले कर उनकी बातों को अपने व्यवहार में लाना ही भगवान यीशु की क्रिसमस की सच्चे दिल से इस पर्व का मनाने का आशय  पूरा होता है लोग गिरजाघर व चर्च में जाकर प्रार्थना करते हैं व सद्बुद्धि वह हमेशा विश्व में अहिंसा व शांति प्रेम बने रहे इसके लिए कामना करते हैंI  उस दिन लोग नए -नए कपड़े पहन कर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त उठाते हैं और एक दूसरे को तोहफे  देते हैं उस दिन गिरजाघर और चर्चों  की सजावट सामान्य दिनों से काफी भव्य और विशेष होता है I

 लोग रात को 12:00 बजते ही पटाखे और ढोल -बाजे  के साथ सभी खुले मैदान में निकलते हैं ढोल -नगाड़े के साथ लोग झूमते नाचते हैं  अपने प्रिय जनों को क्रिसमस की बधाई देते हैं उस दिन शहरों में प्रभु यीशु मसीह की जुलूस और झांकियां निकलती है जिसमें सभी समुदाय के लोग बढ़ -चढ़कर हिस्सा लेते हैंI  क्रिसमस पर बच्चे एवं युवाओं का सबसे आकर्षण का केंद्र संता क्लाउज होता है जिसकी वस्त्र लाल होती है और दाढ़ी सफेद जो हर बच्चों के लिए घर जा -जा कर उपहार या मिठाइयां बांटता  हैI  विदेशों का कॉमिक्स बुक से कल्पना में किया गया एक कहानी थी जिसके बाद संता क्लॉज का प्रचलन क्रिसमस पर पूरे विश्व में सराहा जाने लगा ,लोग संता क्लॉज को परमेश्वर का दूत  मानते हैं उस दिन क्रिसमस ट्री को विशेष रूप से अनेक प्रकार के रौशनियों  से सजाया जाता हैI  उस दिन केक काटकर लोग इस पर्व को मनाते हैं क्रिसमस के दिन विद्यालयों में दिन और रात दोनों  समय कार्यक्रम होता है य विश्व में सबसे ज्यादा और सबसे प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है  क्रिसमस जिसकी इंतजार पूरे देश- विदेश एक साथ करता हैI  क्रिसमस जीवन में सादगी सुख के साथ-साथ अहिंसा व विनम्रता का पाठ पढ़ाता है इसका अध्यात्मिक के साथ साथ समाजिक महत्व होने के कारण  सभी समुदायों - धर्मों के बीच में काफी लोकप्रिय है I 

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