Tuesday, February 19, 2019

Essay in Hindi on एकता | Unity पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

विचारों के सामूहिक मेल को एकता कहते हैं ,वैसे मुख्य विचारधारा जो सामाजिक भलाई के साथ- साथ देश के हमेशा विकास की राह में कदम से कदम मिलाकर चलने में सहायक हो यह एकता का ही उदाहरण हैI  एकता ‘एक’  होने की भावना को जागृत करता है ,जहां सभी लोग एकता के रूप में एक ही मन से किसी कार्यों ,उद्देश्यों  को ध्यान में रखकर किसी भी कार्य को अंजाम देते हैं जिससे सामूहिक भलाई हो सकेI  एकता लोगो  के मकसद ,निश्चय और मनोबल  को प्रोत्साहन कर मजबूत बनाती है ,जिससे कोई भी कठिन कार्य असान लगने लगता हैI  मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है वह बगैर समाज के शायद ही कभी रहना पसंद कर सकता है या यूं कहें कि बिना समाज का इंसान का जीवित रह पाना मुश्किल हैI  उनके सही- गलत कार्यों का फर्क समाज के पसंदानुसार और निर्णय के अनुसार ही निश्चय होता है यह उसकी स्वभाविक कमजोरी है कि किसी भी मनुष्य को अकेलापन पसंद नहीं हो सकती या यूं कहें कि अकेले रहने वाले मनुष्य हमेशा अवसाद से ग्रसित और जीने की लालसा को छोड़कर निराशावादी बन जातें है इसलिए वह हमेशा किसी भी कार्य को करने से पहले अपने परिवार के हर बड़े सदस्यों से परामर्श लेता है चाहे उसके कैरियर बनाना हो या किसी स्थान पर यात्रा करना या बैठना-उठनाI  परिवार के बाद पड़ोस वह अपनी जाति या संप्रदाय के साथ -साथ अपने गांव ,कस्बों या शहरों के मुहल्लों में  भी विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और विचारों का साझा या प्रस्ताव रखता हैI  जब लोग एकमत होने पर कोई विशेष परामर्श देते हैं तो उसका महत्व सही व नैतिक बन जाता हैI  भारत में प्रेम, धर्मनिरपेक्षता ,आपसी विचारों का सामंजस्य  के एकता के मिसाल पर  पूरी दुनिया हमेशा ही प्रेरणा लेती है I
एकता ही समाज का निर्माण करती है वरना मनुष्य और पशु की जिंदगी में फिर कोई अंतर नहीं रह जाएगी क्योंकि मनुष्य धरती पर रहने वाले सबसे बड़ा बुद्धिजीवी है जिसे गलत और सही नैतिक -अनैतिक जैसी मुद्दों का पूर्ण ज्ञान व आभास होता हैI  बिना एकता मनुष्य समाज के उन वंचित प्राणियों में शामिल हो जाता है जिसे सम्मानित करना तो दूर लोग बातचीत करना भी पसंद नहीं करते क्योंकि वह हमेशा  हमेशा रूढ़िवादी झगड़ालू और किसी को भी सम्मान -आदर के साथ-साथ आज्ञा का पालन नहीं करतेI मनुष्य को अपने आस-पड़ोस एक- दूसरे के विचारों को आदान -प्रदान कर अपना ज्ञान विस्तार को बना कर अच्छी सभ्यता ,संस्कृति के साथ- साथ जीवनयापन करने का तरीका समझ में आता है I एकता मनुष्य के लिए बेहद ही जरूरी है चाहे वह परिवार, साथी, समाज और देश को हर तरफ से सुखी बनाने में एकता की अहम भूमिका हैI दुर्भाग्यपूर्ण कहीं-कहीं हमें अमीरी- गरीबी की भेदभाव जाति व धर्म के नाम पर शरारती तत्वों व उपद्रवी तबके लोग नफरत फैलाने का कार्य करते हैं परंतु एक समझदार इंसान उनके बीच भी जाकर प्रेम फैलाने में कामयाब हो जाता है क्योंकि यह एक एकता के साथ -साथ समाज के द्वारा प्रारंभ से ही बताई गई और अनुभव के आधार पर ही ऐसा कर सकते हैंI 

 अगर एकता न हो त भलाई का कार्य में भी संदेह नजर आता है देखा जाता है कि अगर किसी पहलुओं , योजनाओं को समर्थन ना हो तो कोई भी कार्य अधूरे रह जाते हैं क्योंकि उस कार्य को करने वाला इंसान खुद को आत्मविश्वास और अपने कार्य पर विश्वास नहीं कर सकताI  एकता ना होने पर जीवन के सभी लालसाएं  टूटकर बिखर जाते हैं जिसका फायदा आसानी से हमारे दुश्मन उठा ले जाते हैं I राजतंत्रीय व्यवस्था के समय में  भारत सोने की चिड़िया हुआ करती थी परंतु  एकता ना होने के कारण अंग्रेजों के गुलाम बन गई थी परंतु एकता होने पर उन्हें हमारे देश से दुम दबाकर भागना पड़ा ऐसे कई उदाहरण है जिससे मनुष्य हमेशा सबक  और प्रेरणा लेकर एकता व प्रेम के सद्भाव के साथ-साथ देश - विदेश के किसी भी स्थान पर सुखी जीवन व्यतीत करता हैI  आज एकता ना होने पर ही वैचारिक मतभेद का देन है कि भारत के दो खंडों में विभाजित कर दिया गया लोगों में उन्मादी और नफरतों का रंग घोलकर  अपने स्वार्थ साधने में लगे रहते हैंI  आज भी  देखा जाता है कि कई छात्रों, नवयुवकों को राजनीतिक साजिश के तहत या किसी सोशल मीडिया के माध्यम से बेतुका व  झूठा अफवाह फैलाकर नफरत का बीज बोकर शोषण तथा उनकी जिंदगी बेकार बनाने की उपद्रवियों का कोशिश हमेशा रहता हैI  हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि शिक्षा ,नैतिकता, बुद्धिमता ,शांति के साथ -साथ ही देश के सेवा व एक दूसरे की सहायता के साथ जीवन यापन करना ही एक सर्वश्रेष्ठ मनुष्य का पहचान हैI  हमें ईर्ष्या या  किसी से तुलनात्मक बोध नहीं करनी चाहिए बल्कि उसके जैसा अच्छा बनने की कोशिश करनी चाहिए और उसके सफलता के पीछे के संघर्षों को हमेशा समझना और जानने के साथ-साथ मेहनत कर उन मंजिलों को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए I प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जो मनुष्य हमेशा नकारात्मक हिंसा व नफरत   को फैलाता है उसे सामूहिक रूप से समझाना चाहिए और हमेशा कानून के सहायता लेनी चाहिएI  एकता हमारे जीवन के सुखमय व सफलता के राह को बेहद ही आसान कर देता है हमारे आस पड़ोस का वातावरण हमेशा ही सकारात्मक रहा हो तो हम कोई भी कार्य करें समर्थन प्राप्त होती है जिससे मनुष्य दुगने उत्साह के साथ उस कार्य को करता है और एक  दिन सफल हो जाता हैI  एकता हो तो हमें किसी भी दुश्मनों के साजिशों  का प्रभाव नहीं पड़ता एक मनोवैज्ञानिक के अनुसार वैसे लोग जो आपका भलाई नहीं चाहते आपके बुरे व संकट के समय में आक्रोशित करने की कोशिश करते हैं जिससे हमारे अंदर हिंसा व नफरत का विचार पैदा होने लगता है जिससे हमारी एकता व शांति पूरी तरीके से भंग हो सकती हैI  हमें चाहिए कि खराब दौरे में भी धैर्य रखकर सामूहिक रूप से किसी समस्या का हल ढूंढना उस समस्या के समाधान के साथ -साथ हमारे जीवन को आनन्दमयी  बनाता है स्पष्ट है कि एकता के बिना हमारा जीवन एक क्षण  भी नहीं चल सकता I एकता ही सुख ,ऐश्वर्य की जननी है हम किसान और उसके चार लड़के के उदाहरण  लें या  सांप और चींटियों के समूह के, ऐसे अनेक उदाहरण है जिससे हमें संदेश मिलती है कि एकता का महत्व क्या है सिर्फ एकता शक्ति और शौर्य को ही नहीं दर्शाता है बल्कि यह लोगों के बीच एक संदेश व प्रेरणा देने में सफल रहता है कि कोई भी कार्य  असंभव तब तक ही है जब तक उसका प्रयास टुकड़ों में की जाती है अगर हम किसी भी कार्य को सामूहिक रूप से करें तो बेहद ही असान लगता हैI 

   हमारा शरीर एकता का एक सर्वोत्तम उदाहरण है कल्पना करें कि अगर शरीर का कोई भी अंग  अपना कार्य करना बंद कर दे तो  शरीर हमेशा विकार और बुखार दर्द के साथ -साथ अन्य बीमारियों से ग्रसित हो जाता है I  हम कहीं भी रहे परिवार ,समाज या देश में बिना एकता के जिंदगी दुर्लभ है सभी जगह  एकता की जरूरत पड़ती है और एकता हमारे सुंदर विचार बिना भेदभाव और लोगों की सहायता के साथ- साथ हमेशा सही समय पर सही निर्णय से होता हैI  एकता में सच्चा सुख और बल हैI  एकता निराशा  को दूर कर मन के उत्साह को बढ़ाता है जिससे कोई भी योजना व कार्य   आसानी से होने लगते हैं जिससे हमारे विकास व सफलता के नए -नए मार्ग स्थापित होते हैंI 

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