Wednesday, February 6, 2019

Essay in Hindi on वर्षा ऋतु | Rainy Season पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                
भारत में सभी देशों के मुकाबले सबसे अधिक मौसम में विविधता पाई जाती हैI यहां ऐसे  सामान्यतः छह ऋतुएं  है परंतु मुख्य रूप से चार हैंI मेरे नजर में उन सब से अधिक उपयोगी ऋतु,वर्षा ऋतु हैI  वर्षा ऋतु की शुरुआत सुबह के बादलों से भरी होती है सूर्य भगवान का आगमन आकाश में स्पष्ट नहीं दिखाई देते, गर्गराहट  और समय-समय  पर बिजली का चमकने  से कभी -कभी डरावनी भी लगती हैI  उस समय पूरी वायुमंडल का वातावरण बदल जाता है थोड़ा अंधेरा छाई रहती है और बारिश  से भीषण गर्मी से राहत मिलती है इस मौसम में अधिकांशत: कोई भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकलता यह मौसम सभी जीव-जंतु व प्राणियों के लिए वरदान हैI यह मौसम बच्चों को बहुत ही लुभाती है इस मौसम में बच्चे वर्षा में अपने आप को भिंगोते हैं, नदियां व छोटे-छोटे तालाबों में तैरते हैं तो कहीं देखा जाता है कि उत्साह भरे अपने कागज के नाव को, खिलौने वाले बत्तख को पानी में तैराना काफी मनोरंजन बना देती हैI
जब भी वर्षा ऋतु का आगमन होता है हमें भी अपने बचपन की शानदार यादें ताजा हो जाती है बारिश के समय हमारी यही कामना रहती थी कि हमेशा बारिश विद्यालय जाने के समय मूसलाधार हो ताकि विद्यालय ना जा कर घर पर ही पढ़ें-लिखें व  स्वादिष्ट व्यंजनों का लुफ्त लें,जैसे हीं बारिश खत्म होती साईकिल का दौड़ लगती कोई ना कोई फिसल जाता तो सारे दोस्त इकट्ठे होकर उसे सहायता करते और बाद में   खिलखिला कर हँसते थे I वर्षा ऋतु हर उम्र के लोगों के लिए  खास है,इसका आगमन भारत में जुलाई से होती है और अक्टूबर तक रहती हैI  

 इस  ऋतु के समय नदियां,तलाबों,नहरें  आदि जलमग्न रहती है जिससे  कृषि के साथ -साथ जीव- जंतु के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है, अक्सर देखा जाता है कि अप्रैल-मई में पड़ने वाली भीषण गर्मी से ना केवल मानव बल्कि अधिक जीव-जंतु भी काफी प्रभावित होते हैं,उन्हें पीने की पानी तक नसीब नहीं होता जिसे कारण उनका पतन आसानी से हो जाता है और कुछ दूसरे क्षेत्रों में पलायन के लिए विवश हो जाते हैंI परंतु वर्षा ऋतु के आगमन से ही पूरी तरह से धरती जलमग्न और वातावरण में ठंडक पहुंचने  से मेढक  धरती से बाहर निकल कर टर्रराता है  काफी  जलीय जीव फिर से सक्रीय हो जाते हैं  और इसके साथ ही जंगल में रहने वाले जानवरों को प्यास से मरना नहीं पड़ताI  वर्षा ऋतु किसानों के लिए सर्वोत्तम है बिना बारिश के हम किसी भी फसल का उत्पादन नहीं कर सकते, हमें प्रचुर मात्रा में फसल उपजाने के  लिए हमेशा  बारिश पर  निर्भर रहना पड़ता हैIअगर बारिश जितनी मूसलाधार होती है उतने ही अच्छे व अधिक फसलें की उपज होती हैI  वर्षा के समय सावन, भादो जैसी महीने का आगमन होता है ग्रामीण सभ्यता में उस समय स्त्रियां झूले झूलती हैं व लोकगीत से मनमुग्ध  हो जाता हैI  सबसे अधिक शाकाहारी जीव -जंतुओं के लिए यह मौसम वरदान है,इस  मौसम के कारण हीं  उन्हें चारा व घास आदि का भोजन प्राप्त होता हैI  वर्षा के बिना किसी भी  प्रकार की जीवन का कल्पना धरती पर नहीं की जा सकती क्योंकि जल सभी के लिए महत्वपूर्ण हैI  बिना जल के उपयोग किए बिना कोई भी जीव- जीवित नहीं रह सकता इसके आगमन से ही प्राकृतिक सौंदर्य में काफी निखार आ जाता हैI 

 बारिश बंद  होने के बाद चारों ओर से खुले और शीतल हवा से भरपूर मैदानों के  फर्श पर हरियाली  घाँसे  व पेड़ -पौधों के हरियाली से भरपूर मौसम काफी ऊर्जावान दिखाई देती हैI अक्सर बारिश के बाद व्यापारी,व्यवसायी, विद्यार्थी आदि लोग घर से अपने -अपने कर्तव्य का निर्वाहन यानी अपने-अपने काम में लग जाते हैं जिससे काफी चहल -पहल बढ़ जाती हैI   अगर बारिश समय पर ना होती है तो  सूखा होने कारण काफी  जान- माल की हानी होती  हैI  इसलिए हमें वर्षा के संभावना बढ़ाने के लिए हमेशा जागरूक वह सक्रिय रहना चाहिए हमें अधिक मात्रा में पेड़  और पौधे लगाए जाने चाहिएI  हमें वातावरण को प्रदूषित करने वाले वस्तुए का उपयोग करने से बचना चाहिए,अनावश्यक जल का उपयोग नहीं करनी चाहिएI  हम बारिश के जल को जमा कर किसी भी कार्य के उपयोग में ला सकते हैं जल का सबसे शुद्धतम रूप है वर्षा का जलI  बारिश के बाद प्रकृति खूबसूरत हो जाती है लोग अपने दैनिक कार्यों में फिर से व्यस्त दिखाई देते हैं परंतु किसान के लिए यह ऋतु किसी मित्र से कम नहीं उन्हें अपने आजीविका वह अच्छी फसल के लिए इस मौसम का बेसब्री से इंतजार रहता हैI  इस समय अक्सर  फेरीवाले जैसे व्यापारियों की जीवन को थोड़े समय के लिए अस्त-व्यस्त रहती  है परंतु इस मौसम के बिना किसी की भी आजीविका व भोजन का कल्पना नहीं कर सकतेI  इस प्रकार वर्षा ऋतु  उपयोगी होने के साथ-साथ प्राकृतिक का दिया हुआ एक अनमोल उपहार हैI  


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