Thursday, February 21, 2019

Essay in hindi on रेडियो | Radio पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

प्राचीन समय में रेडियो विज्ञान का एक सुखद उपहार था ,जो सारे संसार को एक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया अर्थात हम किसी भी स्थान पर किसी भी समय देश- विदेश के हालात व खबरें दस-पंद्रह मिनटों के अंदर ही रेडियो के माध्यम से विस्तृत में जान जाते हैं I इसके अलावा भी खबरों के प्रसारण के अलावा भी रेडियो हर व्यवसायियों, छात्रों, किसानों, गृहिणियों सभी वर्गों व उम्रों  के लिए  विशेष रूप से अलग -अलग कार्यक्रम का प्रसारण होता हैI पहले  रेडियो के माध्यम से संगीत और नाटक के साथ -साथ खेल का कमेंट्री सुनने में काफी लोकप्रिय थे आज के आधुनिक युग में भी तकनीकी उपकरणों का वर्चस्व जैसे टेलिविजन, कंप्यूटर ,मोबाइल ,इंटरनेट के आगमन के बावजूद रेडियो के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, भले ही आज हम खबरें को सुनने के साथ -साथ लाइव देख भी सकते हैं फिर भी आकाशवाणी का महत्व उसके प्रसारण न सुनने की  कमी खलती हैI
  रेडियो को भारत में आकाशवाणी का नाम ग्रंथों में उल्लेखित शब्द के अनुसार दिया गया आज से करीब हम पंद्रह -बीस  वर्ष पहले की बात करें तब शायद ही ऐसा कोई समय हो जिस दिन हर घर में रेडियो का वर्चस्व ना हो घर के सारे सदस्य कभी ना कभी एक बार रेडियो पर अपना मनपसंद कार्यक्रम सुनते  मिल जाते थे आज भी सुदूर ग्रामीण इलाकों में रेडियो सर्वाधिक प्रचलित है चाहे वह खेत में काम कर रहा किसान हो या दैनिक कार्यों में व्यस्त गृहिणी,रेडियो  मित्र बनकर मार्गदर्शन के साथ -साथ मनोरंजन भी करता हैI रेडियो को हम  कहीं भी और कभी भी लेकर घूम सकते हैं इनमें अन्य तकनीकी उपकरणों के तरह  विद्युत उपकरणों की सहायता नहीं लेनी पड़ती हैI  आज भी भारत सरकार और राज्य सरकार  द्वारा चलाए जा रहे हैं विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाएं जो आम जनता के लिए उपयोगी है कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसान वाणी और गृहिणियों के लिए सखी -सहेली जैसे प्रचलित कार्यक्रम का वर्चस्व अभी भी रेडियो पर सुनने को मिलता हैI  यहां हर क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं में लोकगीत व खबरें के साथ-साथ विशेष कार्यक्रम का प्रसारण भी होता है जो हर वर्ग के उम्र के लिए उपयोगी है I

 हमारे स्कूल कॉलेजों के दिनों में रेडियो कोई प्रिय मित्र से कम नहीं था शिक्षा के साथ -साथ खेल का कमेंट्री सुनना व मनोरंजन के लिए गीत संगीत, छात्रों के लिए परीक्षा के समय विशिष्ट कार्यक्रम हमेशा आयोजन होते थे जिसे देश के लगभग हर छात्रों  लिए हमेशा से ही उपयोगि था व आज भी रेडियो छात्रों के लिए उतना ही उपयोगी हैI  वर्तमान में रेडियो पर युवावाणी  व मन की बात जैसे कार्यक्रम विशेषकर युवाओं के लिए ही समर्पित हैI रेडियो कार्यक्रम सारी रात और सारे दिन चलते रहते हैं हम चाहे तो किसी भी समय आकाशवाणी का लुफ्त उठा सकते हैं और सबसे बड़ी खासियत यह है कि रेडियो पर प्रसारण होने वाले  कोई भी कार्यक्रम अनैतिक ,अश्लील व अनुपयोगी नहीं होते जिससे हमारे भविष्य में हमेशा उज्जवल के साथ- साथ सही दिशा में बढ़ने में भी सहायक हैI  सुबह होते ही मधुर आवाज में सुनने को मिलता है यह आकाशवाणी का पटना केंद्र है ,यह सासाराम केंद्र है या  जो भी रेडियो स्टेशन केंद्र हो वहां मुख्यतः खबरों का प्रसारण हिंदी में उसके बाद अंग्रेजी व संस्कृत में भी होती हैI  शाम में वर्तमान में भी बुजुर्गों कि जहां बैठकी होती है या दुकानदारों जो उम्रदराज होते हैं आज भी उनके हाथ में रेडियो आसानी से देखने को मिलती है जो अपने व्यवसाय के साथ- साथ रेडियो पर चल रहे   विभिन्न कार्यक्रम का आनंद उठाते हैंI  जिससे यह कहना अनुचित होगा की  रेडियो पूरी तरह से विलुप्त हो रहा है I यह सस्ता और किफायती होने कारण सभी लोगों के बीच आसानी से उपलब्ध रहता है कभी- कभी प्राकृतिक आपदाओं में  जैसे आंधी-- तूफान के कारण स्पष्ट आवाज नहीं आ पाता है  इसका  कारण यह है कि ध्वनि तरंग बनकर हवा में घूमता रहता है जो कभी मरते नहीं और आकाशवाणी हवा की तरंगों में फैली  ध्वनि को  बिजली की शक्ति के ग्रहण से होता है और उसके फल स्वरूप लोगों को सुनाई देता है प्राकृतिक आपदा के उपरांत बिजली तारों का टूट जाने के कारण हमें रेडियो स्टेशनों से  आवाज नहीं आ पाते जिस स्थान से ध्वनि का प्रसारण होता है उसे हम आकाशवाणी केंद्र कहते  हैं I 

 रेडियो के आगमन जब हुआ था तो संचार माध्यम के लिए काफी विशिष्ट उपहार था  क्योंकि यह सिनेमा, ग्रामोफोन और समाचार पत्र के विविधताओं और उनके संगीत, नृत्य, नाटक के साथ- साथ खबरों का संचालन रेडियो पर होने लगा रेडियो का उपयोग अनंत है जो सकारात्मक व शिक्षा प्रसार से लेकर विविध मनोरंजन का प्रसारण में अहम भूमिका निभाता है I 

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