Wednesday, February 6, 2019

Essay in hindi on होली | Holi Festival पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

               
होली भारत का महत्वपूर्ण त्योहार है या यूं कहें कि भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय त्योहारों में से एक है क्योंकि इस पवित्र एवं उत्साह के रंग में सभी धर्म, रंग ,वेशभूषा, जाति, संप्रदाय के लोग एक ही रंग में झूमते हुए  दिल से एक दूसरे को गले लगा कर इस पर्व का लुफ्त उठाते हैं I  होली के रंग में लोगों के बीच गिले-शिकवे दूर हो जाता है एक दूसरे के साथ गले मिलते हैं चाहे बच्चे हों  या बड़े सभी लोगों के उत्साह होली के दिन देखते ही मिलता है I होली का भारत में काफी महत्व है इसके संदर्भ से बहुत सारी पौराणिक प्रचलित कथाएं है परंतु सबसे प्रसिद्ध कथा है कि आज ही के दिन भक्त पहलाद को नया जीवन मिला था अर्थात उन्हें मारने की असफल कोशिश उनके पिता राक्षस हिरण्यकश्यप  के द्वारा किया गया थाI  राजा हिरण्यकश्यप नामक राक्षस ने भगवान  विष्णु से नफरत के कारण वह अपने राज्य में किसी को भगवान का उपासना करने नहीं देता था परंतु उसका पुत्र पहलाद भगवान का अत्यंत ही भक्त था जिससे हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को मृत्युदंड देने की घोषणा कियाI उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को भस्म करने के लिए भेजा, होलिका को वरदान मिला था कि वह कभी भी आग में भस्म(जल) नहीं सकतीI
इससे  पहले भी हिरण्यकश्यप  ने अपने पुत्र को कई प्रकार से जान लेने की कोशिश की थी परंतु हमेशा भगवान के स्मरण करते हुए प्रहलाद सुरक्षित बच जाते थेI हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को प्रहलाद को गोद में लेकर बैठने को अग्नि में कहा ताकि ईश्वर के प्यारे भक्त  का जीवन लीला समाप्त हो सके परंतु ठीक उसके विपरीत होलिका  जलक़र भस्म हो  गई और प्रह्लाद बच गए, ईश्वर के अत्यंत भक्त प्रह्लाद की याद के रूप में होली मनाई जाती हैI इसके अतिरिक्त भी कुछ प्रमुख कथा कृष्ण और शिव के संदर्भ में भी प्रचलित है, कथा चाहे जो भी हो परंतु इन बातों से सिद्ध होता है की  होली हम सभी को बुराइयों को त्याग कर अच्छाइयां  ग्रहण करने का संदेश देता हैI यह भी सिखाता है कि अपने किसी भी कला का सदुपयोग करना चाहिए कभी भी अहंकार नहीं करना  चाहिएI 

होली हमेशा फाल्गुन  मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता  हैI  नेपाल में भी यह पर्व काफी लोकप्रिय है I होली मुख्यत: दो दिनों का पर्व है, पहले दिन  होलिका दहन करते हैं दूसरे दिन लोग एक दूसरे के साथ रंग-गुलाल, अबीर लगाकर , मीठे व स्वादिष्ट पकवान खाकर एक दूसरे के गले मिलते हैं और इस रंग में अमीरी-गरीबी ,धर्म- जाति को भूलकर गीत-संगीत के धुन पर नाचते -गाते हैंI  होली को फगुआ भी कहते हैं यह गांव में और भी आकर्षक लगता है क्योंकि होली में लोकगीत और गीत-संगीत की महफ़िल से पूरे ग्रामवासी उत्साह व उमंग से भर जाते हैंI गांव में फगुआ का खुमार  बसंतपंचमी से ही शुरू हो जाती है खेतों में सरसों का  खिलना ,नए-नए मंजर आम के पेड़ पर, कोयल की मीठी आवाजें ,गेहूं की बलिया की ललहाती व इठलाती रहना मानो खेतों  कई प्रकार के फसलों से श्रृंगार और दुल्हन की तरह सजा हो ,प्रकृति की एक अलग ही अद्भुत आकर्षण देखने को मिलती हैI होली ब्रज और मथुरा में अलग तरीके से मनाई जाती है इन जगहों के विशेष कर लठमार होली वीश्व भर में प्रसिद्ध हैI होली से ठीक एक दिन पहले होलिका दहन होता है जिसमें हर घरों से गोबर का सूखा लेप से या कोई भी इंधन का वस्तुएं चंदा के रूप में लिया जाता है और उस दिन रात को लोग उस ढेर में बुराई को जला कर हमेशा धर्म और अच्छे मार्ग पर चलने की कामना करते हैं व गंदे विचारों को उसी आग में त्याग करने का प्रतिज्ञा करते हैंI

  दूसरे दिन ही भगवान ने हिरण्यकश्यप को नरसिम्हा के रूप में अवतार लेकर उसका सीना चिर दिया था जो स्वर्ग में आकर गिरी जिससे सारे देवता खुशी से झूमकर होली खेले थें,उसी के भाँती होलिका दहन के दूसरे दिन रंग -अबीर के साथ  शुरुआत होती है होली, जो सभ्य नाच व  हुड़दंग में तब्दील हो जाती हैI होली उत्साह व एकता का पर्व हैI  बच्चे व नौजवान  आपस में फिल्मी गानों पर नाचते व रंग गुलाल उड़ाते हैं तो वृद्ध लोग झाल,ढोल -बाजा आदि  के साथ फगुआ गाते हैंI  होली के नाम सुनते ही पूरे बच्चे नौजवान आदि सभी लोग उत्साह से भर जाते हैं लोगों को एक दूसरे की सारे गिले-शिकवे दूर होकर एक साथ जुड़ना पकवान का आनन्द  लेना और मुस्कान बिखेरते रहना यही होली के सबसे बड़ा आकर्षण हैI  होली आपसी एकता का प्रतीक व महत्व को दर्शाती है यह हमारे जीवन में हमेशा गहरी सोच व नकारात्मक सोच को दूर रख कर हमेशा ऊर्जावान बनने की सीख देती हैI  होली हमें भाईचारे और आपसी सहयोग सुख शांति का संदेश  देता हैI   

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