Thursday, February 28, 2019

Essay in hindi on दीपावली | Diwali पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

दीपावली या दिवाली हिंदुओं के चार प्रमुख त्योहारों में से एक है, यह दीपों और रौशनी का त्योहार है जिसके अध्यात्मिक मान्यताओं के साथ -साथ स्वच्छता व हमारे पर्यावरण को संतुलित करने में भी अहम भूमिका हैI   जिससे हमारे शारीरिक ,आंतरिक मन को भी स्वस्थ रहने में अहम भूमिका निभाता है, दीपावली जब भी आता है लोगों में जबरदस्त उत्साह व खुशी चेहरे पर देखते ही बनती हैI  दीपावली का अर्थ है दीपों का त्योहर अर्थात प्रकाश का प्रतीक जो अंधेरों में प्रकाश फैला कर डरावनी अंधेरे को दूर करता है उसी प्रकार इस पर्व का महत्व है कि दीपावली मनाने से हमारे बुरे विचार और अज्ञानी जीवन में ज्ञान फैलाकर वास्तविक दुनिया  से रूबरू कराता हैI

 इस संदर्भ में अनेकों पौराणिक कथाएं हैं जिससे स्प्ष्ट हॊता है कि यह पर्व क्यो मनाया जाता है ?सबसे प्रमुख कथा के अनुसार इसी दिन भगवान राम अयोध्या मे लंका के राजा रावण का वध करके लौटे थे जहां उनके आगमन पर अयोध्या की प्रजा बहुत खुश होकर एक विशेष रूप से सजावट व दीप जलाकर  स्वादिष्ट व्यंजन का लुफ़्त उठाने  के साथ-साथ संगीत और नृत्य के माध्य्म से अपनी खुशियाँ  व्यक्त किये थे।दूसरे कथानुसार बुराई के प्रतीक राक्षस नरकासुर का श्री कृष्ण ने आज ही के दिन वध किया था इसके उपरांत देवलोक व धरति पर भगवान और मानव के बीच खुशियों का माहौल था जिसमें लोग दीप  के साथ भगवान श्री कृष्ण का आरती याचना करके उनका धन्यवाद किया थाI  एक कथा और भी है जो प्रचलित है ऐसा माना जाता है कि राजा बलि को भगवान बामन द्वारा आज ही के दिन पताल में भेज दिया गया कथा चाहे जो भी हो जिसका शुद्ध रूप से यह स्पष्ट होता है कि यह दिवस लोगों में खुशी और उत्साह को बढ़ाने का काम करता है जिसे आनंदमयी तरीके से लोग इस उत्सव को मनाते हैंI  यह त्योहार नवंबर के महीने में मनाया जाता है उस समय वर्षा ऋतु समाप्त होता है और ठंडी मौसम का आगमन होती है ,घर में साफ सफाई और पुताई होती है जिससे सभी घरों का रौनक काफी बढ़ जाता है सभी लोग चाहे दुकान हो या घर सजावट करके स्वच्छ व स्वस्थ बनाते हैंI  उस दिन मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते हैं रात को मां लक्ष्मी का पूजा करके धन और शांति की कामना आशीर्वाद मांगते हैं और नए -नए कपड़े पहन कर घर के चारो ओर सभी जगह मोमबती और दीये जलाये जाते है, जगमगाहट सजावटी रंग-बिरंगे अनेक प्रकार के बल्बो द्वारा अपने घर को रौशनी से चकाचौंध करते हैंI  

उस दिन बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिलती है लोग नए कपड़े पहन कर खील, बताशे ,मिठाईयां और खिलौने के साथ- साथ पटाखे, फुलझड़ियां छोड़ते हैं और आसपास के सभी बच्चे  और अभिभावक मिलकर एक दूसरे को बधाइयां और मिठाई खिलाते हैं I उस दिन कुछ लोग  ताश और जुए खेलते हैं जो थोड़ी समस्या वह परेशानी का  सबब बन सकता है क्योंकि यह पर्व बुराई पर अच्छाई के जीत हुआ उस खुशी मे मनाया जाता हैI हमेशा गलत संगतो व दुर्गुणों को दूर कर हमेशा धर्म व सच्चाई पर चलने का सीख दीपावली जैसे पर्व से मिलती है व उस रात सभी लोग किसी ना किसी मनोरंजन करते जागते रहते हैंI  उस दिन बाजार पूरे ग्राहकों से भरे होती है  जहां भीड़ प्रत्येक प्रत्येक दुकानों पर सामानों की प्रचुरता लगी रहती है प्रत्येक दुकानदार हमेशा व्यस्त रहते हैं मिठाइयां ,खील, बताशे व पटाखे के साथ -साथ सजावट के भी दुकानों पर भीड़ लगी रहती है  उस दिन गाँवों में भी मेला लगता हैI  लोग आतिशबाजी करते हैं और लडकियां,महिलायें आध्यात्मिक गीत,संगीत गाती और सुनतीं हैंI   यह त्योहार  स्वैच्छिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है जितने भी कीटाणु रोगजनक कीड़े मकोड़े होते हैं सभी घर में साफ़- सफाई व पेंट   करने से नष्ट  जाते हैं इस प्रकार दीपावली हमारे जीवन को दृघायु भी बनाता है I  सभी लोग अच्छे मनोदशा में और खुशी की मुद्रा में रहते हैं क्योंकि उस समय अनाजों  का गोदाम स्टोर भरा होता हैI दीपावली आध्यात्मिक व स्वैच्छिक रूप से महत्वपूर्ण होने के कारण बच्चे ,बूढ़े,महिलायें सभी लोगों को इस पर्व का बेसब्री से इंतज़ार रहता हैI 

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