Sunday, February 24, 2019

Essay in hindi on सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य | Army Training Importance पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

जब ब्रिटिश हुकूमत जब भारत पर शासन कर रहे थे तो हमारे देश की सुरक्षा की जिम्मेवारी उनकी थी, हम अपने देश में  ही उनके विरुद्ध आंतरिक लड़ाई लड़ रहे थे और आजादी के लिए जी जान से संघर्ष कर रहे थेI उस समय हम विदेशी आक्रमण के बारे में बिल्कुल चिंता- ग्रस्त नहीं थे मगर आज सब कुछ पूरी तरह से बदल गया है चाहे नीति हो रणनीति हो सभ्यता, संस्कृति आदिI  हमारा देश आधुनिकता के दौर में है आज हम पूरी तरह से स्वतंत्र सुरक्षित हैI  हर भारतीय का पहला कर्तव्य है कि अपने देश की रक्षा करना और कोई भी ऐसा कार्य न करना जिससे देश की शान धूमिल हो उन्हीं प्रमुख में से एक है विदेशी ताकतों के बीच से अपनी सीमा पार से विदेशी घुसपैठियों, आंतकवादीयों को रोकना जिससे अपराध भ्रष्टाचार कम होI
आधुनिक दौर में मूलत: देखा गया है कि कुछ घुसपैठिए गुप्त तरीके से अपना पैठ बनाकर  आसानी से बहके युवकों को  देश के विरुद्ध भड़का कर अपराध जगत और आंतकवाद की श्रेणी में खड़े कर देते हैं I यह इसलिए होता है कि कुछ लोग में  देशप्रेम की  कमी और सच्चाज्ञान के साथ- साथ देश के प्रति जिम्मेदारी का आभास नहीं होती जिससे बुराई ताकतें  हमेशा दहशत फैलाना चाहता हैI प्रत्येक नागरिक को हमेशा सतर्क और सावधान  के साथ- साथ इस संदर्भ में हमेशा तैयार रहना चाहिए कि अगर हमारे वीर सैनिकों  को युद्ध के समय हमारी सहायता की जरूरत पड़े या आंतरिक गतिविधियों को हल निकालने में उनकी उपस्थिति कम पड़ जाए तो यह जरूरी हो जाता है की कुछ लोगों को सैनिकों की भांति ही कर्तव्य करनी चाहिए कुछ लोगों को रिजर्व रखा जाए सुरक्षा एजेंसियों  और सुरक्षाबलों के साथ- साथ हर राज्य के पुलिस के कारण हम अपना सामान्य जिंदगी खुशहालीपूर्वक जीते हैं क्योंकि वे लोग हमारे लिए वतन पर रखवाली कर रहे होते हैं और हमारी सुरक्षा ही उनका कर्तव्य और पूजा है हमारे देश को उन पर हमेशा ही गर्व से सीना चौड़ा हो जाता है I जिस पर हमारा देश के इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाती है वह  खुशी से ईमानदारी  व निस्वार्थ रूप से बिना किसी शिकायत के हमारी सेवा में तत्पर रहते हैं परंतु किसी हमले के दौरान उनकी सहायता करना हर भारतीय का कर्तव्य है , ऐसा भी हो सकता है कि उनके जरूरतमंद  संसाधनों की किन्ही  वजह से पूर्ति ना हो पाए क्योंकि उन्हें सामग्री के साथ -साथ अलग-अलग टुकड़ों में रवाना होना होता है जो निश्चित समय के लिए मुठभेड़ व आपदा जैसे कार्य में राहत बचाव का कार्य करते हैं उनकी संसाधनों को  पहुंचने में देर हो जाती है क्योंकि सैनिक दल ही एक दूसरे सैनिक दल का सरकार द्वारा भेजे जाने वाले  सामग्री ,वस्तुएं उनके तक पहुंचाते  है ऐसे में चाहिए कि सरकार को सैन्य प्रशिक्षण  स्कूल और कॉलेजों अनिवार्य कर देना चाहिए I

  जिससे लड़के और लड़कियां दोनों प्रशिक्षित होकर आपातकालीन के समय जरूरतमंदों के सहायता कर सकें भीषण बाढ़, तूफान ,अपराधियों ,उपद्रवियों आदि   को गलत करने से रोकने  में सक्षम होI  इससे पूरे देश में चारों तरफ चाहे बूढ़े हो या नौजवान सभी के मन में हमेशा ऊर्जा वह देश भक्ति की भावना जागृत रहेगा ,वह हमेशा अपना सबकुछ न्यौछावर  कर आसानी से अपने मातृभूमि की रक्षा में सहायता कर सकते हैं और सभ्य आदमी की तरह देश के प्रति अपना कर्तव्य का पालन  कर सकते हैं चाहे वह अपराधियों से या भ्रष्टाचारियों से लोहा लेकर देश के आंतरिक व बाहरी रूप से मजबूती देने का कार्य  हो या देश के आंतरिक मतभेदों को सुलझाने का  जिससे देश में शांति -व्यवस्था सिलसिलेवार ढंग से कायम रहेगी क्योंकि एक सैनिक जितना साहसिक और वीर होते हैं उतना ही विकट परिस्थितियों में सुलभ सुझाव व हल निकालते हैंI  यदि सैन्य प्रशिक्षण विद्यालयों और कॉलेजों में अनिवार्य  हो जाती है तो  छात्रों में पढ़ाई के साथ -साथ बचपन से ही कड़ी मेहनत और विकट परस्थितयों में संघर्ष करने  को मुकाबला करने में सक्षम रहेंगेI  जिससे भविष्य में नौजवान सैनिक बनेंगे इसके अतिरिक्त ऐसी प्रशिक्षण उन्हें और अधिक ऊर्जावान बनाएगी क्योंकि आज के विद्यार्थी ही कल के नागरिक बनेंगे उनमें बहादुरी ,साहस  और अनुशासन के साथ- साथ बुद्धिमता के सारे गुण बचपन से रहेंगेI  दुनिया में सबसे ज्यादा अनुशासित सैनिकों को माना  जाता है जिससे छात्रों में अनुशासन व हर कार्य के प्रति जिम्मेदारी भी होगी सैन्य  प्रशिक्षण एक पाठ स्वयं के लिए होगी  जो कोई भी कार्य अधूरा नहीं  छोड़ सकता संघर्ष में होते हुए भी अपनी जान का प्रवाह ना कर कर दूसरे के लिए हमेशा खड़ा रहना उनकी सहायता करना जैसे गुणों से लबरेज सैनिक होते हैं बहुत सारे देशों में सैन्य  प्रशिक्षण अनिवार्य पहले से ही है जिससे उन देशों में सैनिकों को शीत युद्ध वह हर आपदा में सहयता की सामूहिक जिम्मेवारी  रहती है जिससे वहां की विकास की गति पर कोई असर भी नहीं पड़ता व जान माल की हानि कम से कम होती हैI  सरकार को इस संदर्भ में  रुचि दिखानी चाहिए ताकि शीघ्र ही सैन्य  प्रशिक्षण  पाठ्यक्रम में शामिल हो जिससे बेरोजगारी के साथ साथ हर क्षेत्र में भारत सक्षम और सशक्त बनेगाI  जिससे युवाओं में नशाखुरानी व गलत कार्यों के संगत में न पढ़कर उनका भविष्य  हमेशा उज्जवल रहेगाI अगर जब युवा सही रास्ते पर कदम बढ़ाएंगे तो देश की विकास की रफ़्तार और तेजी से आगे बढ़ेगी I  

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