Thursday, February 28, 2019

Essay in hindi on दीपावली | Diwali पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

दीपावली या दिवाली हिंदुओं के चार प्रमुख त्योहारों में से एक है, यह दीपों और रौशनी का त्योहार है जिसके अध्यात्मिक मान्यताओं के साथ -साथ स्वच्छता व हमारे पर्यावरण को संतुलित करने में भी अहम भूमिका हैI   जिससे हमारे शारीरिक ,आंतरिक मन को भी स्वस्थ रहने में अहम भूमिका निभाता है, दीपावली जब भी आता है लोगों में जबरदस्त उत्साह व खुशी चेहरे पर देखते ही बनती हैI  दीपावली का अर्थ है दीपों का त्योहर अर्थात प्रकाश का प्रतीक जो अंधेरों में प्रकाश फैला कर डरावनी अंधेरे को दूर करता है उसी प्रकार इस पर्व का महत्व है कि दीपावली मनाने से हमारे बुरे विचार और अज्ञानी जीवन में ज्ञान फैलाकर वास्तविक दुनिया  से रूबरू कराता हैI

Wednesday, February 27, 2019

Essay in hindi on जनसंख्या का दुष्प्रभाव | Effect of Population पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

आज के दौर में जनसंख्या बेरोजगारी ,गरीबी व मानव त्रासदी का प्रमुख कारण हैI  जनसंख्या विस्फोटक पदार्थों से भी अधिक जानलेवा और परेशानियों का प्रमुख वजह भारत में  बना हुआ हैI  वैसे तो पूरे विश्व में जनसंख्या लगतार  बढ़ने से मुख्य समस्या बना हुआ है परंतु विशेषकर हमारे देश में आर्थिक रूप से कमजोर करने में बढ़ती जनसंख्या का बहुत बड़ा हाथ हैI  देश 1947 में आजाद हुआ था तब से हम लोग ढेर सारी समस्याओं  का सामना  कर रहे हैं उनमें से सबसे खतरनाक व विशाल समस्या है जनसंख्या का तेजी से बढ़ना लगभग दस से बारह लाख  औसतन प्रतिवर्ष जनसंख्या में इजाफा होता है, जिसके कारण आग की तरह यह तेजी से ना सिर्फ़ मनुष्य के घर वह स्थानों को अतिक्रमण कर वंचित हो रहे हैं बल्कि जानवरों के लिए भी जंगल धीरे- धीरे मनुष्य के रहने का स्थान में बदल कर जंगल से गांव कस्बों में तब्दील हो गईI 

Sunday, February 24, 2019

Essay in hindi on सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य | Army Training Importance पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

जब ब्रिटिश हुकूमत जब भारत पर शासन कर रहे थे तो हमारे देश की सुरक्षा की जिम्मेवारी उनकी थी, हम अपने देश में  ही उनके विरुद्ध आंतरिक लड़ाई लड़ रहे थे और आजादी के लिए जी जान से संघर्ष कर रहे थेI उस समय हम विदेशी आक्रमण के बारे में बिल्कुल चिंता- ग्रस्त नहीं थे मगर आज सब कुछ पूरी तरह से बदल गया है चाहे नीति हो रणनीति हो सभ्यता, संस्कृति आदिI  हमारा देश आधुनिकता के दौर में है आज हम पूरी तरह से स्वतंत्र सुरक्षित हैI  हर भारतीय का पहला कर्तव्य है कि अपने देश की रक्षा करना और कोई भी ऐसा कार्य न करना जिससे देश की शान धूमिल हो उन्हीं प्रमुख में से एक है विदेशी ताकतों के बीच से अपनी सीमा पार से विदेशी घुसपैठियों, आंतकवादीयों को रोकना जिससे अपराध भ्रष्टाचार कम होI

Saturday, February 23, 2019

Essay in hindi on Prime Minister नरेंद्र मोदी | Narendra modi पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

आजादी के बाद जो दीवानगी वह लोकप्रियता नेहरू जी को मिली थी ठीक उसी प्रकार की लोकप्रियता ना केवल राष्ट्र स्तर पर बल्कि विश्व स्तर पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए देखने को मिलती है I  नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को एक गरीब परिवार में हुआI  उनके पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी था और उनकी माता का नाम हीराबेन मोदी  हैI महज 6 साल की उम्र से ही मोदी ने अपने पिता जिनका चाय का दूकान था उनके साथ दुकान पर हाथ बंटाना शुरू कर दिया, नरेंद्र मोदी का गांव का नाम वडनगर हैI  छात्र जीवन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए I उन्होंने शुरुआती जीवन से समाजिक सक्रियता और स्नातक करने के बाद आर एस एस के पूर्णकालिक सदस्य बने उसके बाद उन्होंने घर छोड़ कर देश के तमाम तीर्थ स्थलों का भ्रमण किया जिसे मालूम चलता है कि नरेंद्र मोदी जी का अध्यात्म के प्रति अधिक लगाव हैI

Thursday, February 21, 2019

Essay in hindi on रेडियो | Radio पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

प्राचीन समय में रेडियो विज्ञान का एक सुखद उपहार था ,जो सारे संसार को एक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया अर्थात हम किसी भी स्थान पर किसी भी समय देश- विदेश के हालात व खबरें दस-पंद्रह मिनटों के अंदर ही रेडियो के माध्यम से विस्तृत में जान जाते हैं I इसके अलावा भी खबरों के प्रसारण के अलावा भी रेडियो हर व्यवसायियों, छात्रों, किसानों, गृहिणियों सभी वर्गों व उम्रों  के लिए  विशेष रूप से अलग -अलग कार्यक्रम का प्रसारण होता हैI पहले  रेडियो के माध्यम से संगीत और नाटक के साथ -साथ खेल का कमेंट्री सुनने में काफी लोकप्रिय थे आज के आधुनिक युग में भी तकनीकी उपकरणों का वर्चस्व जैसे टेलिविजन, कंप्यूटर ,मोबाइल ,इंटरनेट के आगमन के बावजूद रेडियो के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, भले ही आज हम खबरें को सुनने के साथ -साथ लाइव देख भी सकते हैं फिर भी आकाशवाणी का महत्व उसके प्रसारण न सुनने की  कमी खलती हैI

Tuesday, February 19, 2019

Essay in Hindi on एकता | Unity पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

विचारों के सामूहिक मेल को एकता कहते हैं ,वैसे मुख्य विचारधारा जो सामाजिक भलाई के साथ- साथ देश के हमेशा विकास की राह में कदम से कदम मिलाकर चलने में सहायक हो यह एकता का ही उदाहरण हैI  एकता ‘एक’  होने की भावना को जागृत करता है ,जहां सभी लोग एकता के रूप में एक ही मन से किसी कार्यों ,उद्देश्यों  को ध्यान में रखकर किसी भी कार्य को अंजाम देते हैं जिससे सामूहिक भलाई हो सकेI  एकता लोगो  के मकसद ,निश्चय और मनोबल  को प्रोत्साहन कर मजबूत बनाती है ,जिससे कोई भी कठिन कार्य असान लगने लगता हैI  मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है वह बगैर समाज के शायद ही कभी रहना पसंद कर सकता है या यूं कहें कि बिना समाज का इंसान का जीवित रह पाना मुश्किल हैI  उनके सही- गलत कार्यों का फर्क समाज के पसंदानुसार और निर्णय के अनुसार ही निश्चय होता है यह उसकी स्वभाविक कमजोरी है कि किसी भी मनुष्य को अकेलापन पसंद नहीं हो सकती या यूं कहें कि अकेले रहने वाले मनुष्य हमेशा अवसाद से ग्रसित और जीने की लालसा को छोड़कर निराशावादी बन जातें है इसलिए वह हमेशा किसी भी कार्य को करने से पहले अपने परिवार के हर बड़े सदस्यों से परामर्श लेता है चाहे उसके कैरियर बनाना हो या किसी स्थान पर यात्रा करना या बैठना-उठनाI  परिवार के बाद पड़ोस वह अपनी जाति या संप्रदाय के साथ -साथ अपने गांव ,कस्बों या शहरों के मुहल्लों में  भी विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और विचारों का साझा या प्रस्ताव रखता हैI  जब लोग एकमत होने पर कोई विशेष परामर्श देते हैं तो उसका महत्व सही व नैतिक बन जाता हैI  भारत में प्रेम, धर्मनिरपेक्षता ,आपसी विचारों का सामंजस्य  के एकता के मिसाल पर  पूरी दुनिया हमेशा ही प्रेरणा लेती है I

Sunday, February 17, 2019

Essay in hindi on पुस्तकालय | Library पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

वह स्थान जहां विभिन्न प्रकार के पुस्तकों का संग्रह होता है उसे पुस्तकालय कहते हैं I जहां सभी लोग एक-साथ बैठकर अपने पसंदीदा और ज्ञानवर्धक किताबों का अध्ययन करते हैं या दूसरे शब्दों में पुस्तकों का घर को पुस्तकालय से संबोधन किया जाता हैI  पुस्तकालय से अपने आप में खास और विशेष लगाव प्रत्येक पाठकों के बीच  होता है क्योंकि यहां पर हर विचारधारा ,विषयों व लोगों के मनपसंद पुस्तकें हमेशा उपलब्ध रहती है जिससे मनुष्य का ज्ञान विस्तार होकर एक अच्छा चरित्र वाला इंसान बनने में प्रेरित करता है और जीवन के पथ पर हमेशा विकास के बयार की ओर निकलता हैI इसलिए पुस्तकालयों में हमेशा अच्छी-अच्छी कंटेंट और विषयों वाली पुस्तके होती हैं I अच्छी पुस्तकों  की संग्रह और सुचारु और सक्रियता से पुस्तकालय अपने आप में  शिक्षा का अलख जगाने का काम करती है चाहे वह नैतिकता से जुड़े हो या स्वास्थ्य या किसी अन्य विषय से जुड़े पुस्तकें ना सिर्फ पढ़ना बिल्कुल उसे अपने व्यवहार में हमेशा अमल  करने से हमारे पुस्तकालय जाने का आशय  पूरा होता हैI  पुस्तकालय हमारे जीवन के  साथ-साथ मन को ज्ञानी बनाता है जहां से हमारे विचारों का आदान-प्रदान व सूचनाओं से हमारे मन में  ढेर सारी खूबसूरत व उपयोगी विचार उत्पन्न होते हैंI  यहां से देश- दुनिया की नई और पुरानी बातें उनकी नीतियां उनके संस्कृति, वेशभूषा आदि सभी चीजों से रूबरू होने का सौभाग्य प्राप्त होता हैI 

Wednesday, February 13, 2019

Essay in hindi on सुभाष चंद्र बोस | Subash Chandra Bose पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

भारत  वीरो एवं वीरांगनाओं का देश है ,प्राचीन समय से ही  शौर्य व बलिदानों के लिए यह  प्रख्यात है। यहां के लोगों ने अपने निजी वह आरामदायक जिंदगी छोड़कर देश हित के  लिए कड़ा संघर्ष किया और अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया ऐसे कई महापुरुषों महात्मा गांधी ,भगत सिंह, लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस, गोपाल कृष्ण गोखले ,सुभाष चंद्र बोस ,पंडित जवाहरलाल नेहरू आदि जैसे कई महापुरुषों  को अथक व कड़ा संघर्ष के फलस्वरूप आज देश में हम चैन की सांस ,स्वतंत्रतापूर्वक अपने राय रखना और अपने सपनों के हासिल करने की जज्बा रखते हैं । इन्होंने आजादी के लिए ना सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार, दोस्तों और समाज के  लोगों को अंग्रेजों के विरुद्ध कड़ा संघर्ष और अपने हक की अधिकार मांगने के लिए प्रेरित किया। जिसके कारण आज हमारा देश स्वतंत्र हुआ और स्वदेशी लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू की गयी। मातृभूमि के इस नि:स्वार्थ व देश-प्रेमियों का नाम इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा इन विभूतियों का स्मरण मात्र से ही लोगों में देशभक्ति के साथ- साथ देश के प्रति कर्तव्यों के निर्वाहण व अन्याय के विरुद्ध लड़ने को प्रेरित करता है।

Essay in hindi on विज्ञान का योगदान | Contribution of Science पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

किसी भी है विषय व क्षेत्र में क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कहते हैं या किसी भी जुड़े विशेष विषयों उनके बारे में तमाम जानकारियों से परांगत  होना ही विज्ञान की श्रेणी में खड़ा करता हैIआज के आधुनिक युग में बिना विज्ञान के योगदान के बिना जीवित रहना भी संभव नहीं है ,आज की दुनिया दस वर्ष के पहले की  दुनिया से काफी बदलाव हो गया है पहले हमारे पूर्वजों 30 वर्ष पहले की बात और आज की जमाने की बात करते थे व संसाधनों की कमी व अपनी विवशता को स्मरण करते थे परंतु आधुनिक युग में 10 वर्ष में ही  विज्ञान के दौर में काफी बदलाव आ चुके हैं I विज्ञान का असर हमारे दैनिक जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है या यूं कहें यह पूरी तरह से एक विशाल व प्रभावी क्रांति का रूप ले लिया हैI  आज किसी भी तरह की सोच -अवधारणा जो पहले असाधारण वह केवल सपने की सोच होती थी आज  सभी साधारण और हकीकत में तब्दील हो गया है,

Sunday, February 10, 2019

Essay in hindi on मेला | Fair Festival पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                         
एक वैसे स्थान जहां काफी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं या वह स्थान जहां विभिन्न प्रकार की दुकाने जो किसी उद्देश्य अथवा पर्व के अवसर पर एक ही जगह सजाई जाती है उन्हें मेला कहते हैं I मेला का अर्थ है विविधता से भरी रंग- बिरंगी चूड़ियां व  स्वादिष्ट से भरपूर मिठाइयां , आकर्षक खिलौने आदि के साथ -साथ झूले- चरखे  आदि  एक ही जगह एकत्रित होते हैं मेला शहरों से ज्यादा गांव में काफी आकर्षक व उत्साह देखने को मिलती है क्योंकि शहर में संसाधनों की आपूर्ति व हर तरह के दुकानें प्रतिदिन सजी  रहती है परंतु गांव में इसके विपरीत वैसे मौके पर मेला का आयोजन होता है जब कोई पर्व  या किसी महात्मा व साधु- संतों के जन्म या पुण्यतिथि हो I मेरे गांव में दशहरा के अवसर पर मेला का आयोजन होता है जिसमें हर वर्ग के लोग व हर उम्र के लोग आस-पास के क्षेत्रों  के व्यवसायी व ग्रामीण लोग सभी शामिल होते हैंI यह मेला दशहरा  के तत्वधान में हमेशा दुर्गा मंदिर के समीप लगाया जाता है उस समय हमारी गांव की भव्यता व चर्चा पूरे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा होती है ग्रामीणों के संपूर्ण प्रयास से हमेशा दशहरे के दिन आकर्षक मूर्तियां  व सुंदर सजावट ना केवल मंदिर के प्रांगण में देखने को मिलती है बल्कि नवरात्र के नौ दिन पूरी गांव रौशनी  से जगमग रहती है परंतु मेले का आयोजन दशहरा के जिस दिन रावण जलाया जाता है उस दिन होता है I

Wednesday, February 6, 2019

Essay in hindi on होली | Holi Festival पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

               
होली भारत का महत्वपूर्ण त्योहार है या यूं कहें कि भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय त्योहारों में से एक है क्योंकि इस पवित्र एवं उत्साह के रंग में सभी धर्म, रंग ,वेशभूषा, जाति, संप्रदाय के लोग एक ही रंग में झूमते हुए  दिल से एक दूसरे को गले लगा कर इस पर्व का लुफ्त उठाते हैं I  होली के रंग में लोगों के बीच गिले-शिकवे दूर हो जाता है एक दूसरे के साथ गले मिलते हैं चाहे बच्चे हों  या बड़े सभी लोगों के उत्साह होली के दिन देखते ही मिलता है I होली का भारत में काफी महत्व है इसके संदर्भ से बहुत सारी पौराणिक प्रचलित कथाएं है परंतु सबसे प्रसिद्ध कथा है कि आज ही के दिन भक्त पहलाद को नया जीवन मिला था अर्थात उन्हें मारने की असफल कोशिश उनके पिता राक्षस हिरण्यकश्यप  के द्वारा किया गया थाI  राजा हिरण्यकश्यप नामक राक्षस ने भगवान  विष्णु से नफरत के कारण वह अपने राज्य में किसी को भगवान का उपासना करने नहीं देता था परंतु उसका पुत्र पहलाद भगवान का अत्यंत ही भक्त था जिससे हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को मृत्युदंड देने की घोषणा कियाI उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को भस्म करने के लिए भेजा, होलिका को वरदान मिला था कि वह कभी भी आग में भस्म(जल) नहीं सकतीI

Essay in Hindi on वर्षा ऋतु | Rainy Season पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                
भारत में सभी देशों के मुकाबले सबसे अधिक मौसम में विविधता पाई जाती हैI यहां ऐसे  सामान्यतः छह ऋतुएं  है परंतु मुख्य रूप से चार हैंI मेरे नजर में उन सब से अधिक उपयोगी ऋतु,वर्षा ऋतु हैI  वर्षा ऋतु की शुरुआत सुबह के बादलों से भरी होती है सूर्य भगवान का आगमन आकाश में स्पष्ट नहीं दिखाई देते, गर्गराहट  और समय-समय  पर बिजली का चमकने  से कभी -कभी डरावनी भी लगती हैI  उस समय पूरी वायुमंडल का वातावरण बदल जाता है थोड़ा अंधेरा छाई रहती है और बारिश  से भीषण गर्मी से राहत मिलती है इस मौसम में अधिकांशत: कोई भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकलता यह मौसम सभी जीव-जंतु व प्राणियों के लिए वरदान हैI यह मौसम बच्चों को बहुत ही लुभाती है इस मौसम में बच्चे वर्षा में अपने आप को भिंगोते हैं, नदियां व छोटे-छोटे तालाबों में तैरते हैं तो कहीं देखा जाता है कि उत्साह भरे अपने कागज के नाव को, खिलौने वाले बत्तख को पानी में तैराना काफी मनोरंजन बना देती हैI

Friday, February 1, 2019

Essay in hindi on अनुशासन | discipline पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

      
वर्तमान में देश की सबसे बड़ी समस्या अनुशासनहीनता हैI भ्रष्टाचार,अराजकता आदि बड़ी -बड़ी घटनाएं घटित होने में अनुशासनहीनता सबसे बड़ी कारण है या यूं कहें कि अनुशासनहीन व्यक्ति असमाजिक के साथ- साथ पशु के समान मूर्ख व समाज के दुश्मन होते हैI जिन्हें संवेदनशीलता, नैतिकता से कोई लेना देना नहीं होता,अनुशासन का अर्थ है  आज्ञाकारी व समाज द्वारा बनाए गए नैतिक नियमों का पालन करना जिससे समाज को उचित कर्तव्य निर्वाहन  कर भला हो सकेI  जिससे हम खुद के साथ- साथ पूरे  देश का विकास कर सके इसलिए इन नियमों के अनुसार कार्य करने की आदत डालनी चाहिएI  बड़े -बुजुर्गों और ज्ञानी लोगों के दिए गए सुझावों को ईमानदारी से  बखूबी निभाना ही  अनुशासन  कहलाता है I हम दुनिया के किसी भी क्षेत्र में इस निश्चित नियम को पालन करके ही सफल व इंसान कहलाने योग्य बन सकते है,क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समाज में ही रहता है जहां रीति- रिवाज ,उचित- अनुचित ,नैतिक- अनैतिक, वेशभूषा , आदर -अनादर जैसी बातें बचपन से ही सिखाया जाता है ताकि वह भविष्य में अपने परिवार व समाज के लिए कुछ कर सकेI कोई भी इंसान आगे अपने क्षेत्र में समाज के कारण ही बढ़ सकता है जो कि उसके अच्छे किए कार्यो  ,फैसलों पर समर्थन करता हैIहमें सफल और लोगों में विश्वासी बने रहने के लिए अनुशासित और आज्ञाकारी जिंदगी जीना होगा जिससे एक अच्छे इंसान व्यक्तित्व की उत्पत्ति हो फिर जिससे लोग भी व्यक्तिगत रूप से आपके लिए आपके हित में सब कुछ समर्पित कर देंगेI

Essay in hindi on डाकिया | Postman पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh


वैसे डाक विभाग में कार्यरत व्यक्ति जो पत्र,मनी-ऑर्डर आदि दूसरे घर तक पहुंचाने का कार्य करता है उसे डाकिया कहते हैंI डाकिया की नियुक्ति सरकार द्वारा किया जाता है और सरकार से ही उनका आजीविका चलती है अर्थात सरकार द्वारा ही उनकी वेतन दी जाती हैI  डाकिया का ड्रेस खाकी पैंट , खाकी कमीज ,खाकी टोपी या पगड़ी होती है जो अपने साथ खाकी रंग का थैला या चमड़े का थैला लिया रहता है जिसमें पत्र ,मनीऑर्डर आदि संबंधी कागजात भरे होते हैंI अगर हम आज से करीब तीन दशक पहले की बात करें जब विज्ञान का प्रभाव  संचार माध्यम में थोड़ा कम था तब उतनी मोबाइल, कंप्यूटर आदि जैसे उपकरणों का वर्चस्व नहीं था तब  एक दूसरे का हाल-चाल या किसी दूसरे स्थान पर पैसे और तोहफे आदि  पहुंचाने का कार्य पत्र,मनीऑर्डर आदि के माध्यम से ही की जाती हैI   गांवों, कस्बों ,शहरों  आदि सभी जगह पर पत्र के माध्यम से हि एक दूसरे को सुख -दु:ख का  समाचार लेते या किसी प्रकार के आर्थिक सहायता हो या कहीं दूर अपने भाई को राखी भेजना हो या किसी विशेष पर्व के सामग्री हो सभी डाकिया के माध्यम से ही संभव हो पाता है Iआज भी तकनीकी रूप से सक्षम होने के बावजूद पत्र और मनीआर्डर , डाकपोस्ट आदि का  प्रचलन कम नहीं हुआ हैI  डाकिया हमारे लिए हर मौसम व परिस्थितियों में भी काम  करता है चाहे धूप हो या मूसलाधार बारिश,कंपकंपाती ठंड में भी  घर- घर जाकर परिवार को खबर देता हैIहमारे मुस्कान को बढ़ाने में डाकिया का सहयोग अतुलनीय है ,डाकिया की जिंदगी में शायद ही कभी फुर्सत  के पल हो I