Monday, January 28, 2019

Essay in hindi on सफलता के लिए गुण | Successful in Life goal पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

            
जीवन में संघर्ष और दु:ख से दूरी बनाना कठिन है और कमजोरी भी, क्योंकि जीवन संघर्ष से परिपूर्ण हैI इससे जगत में हर प्राणी चाहे मनुष्य हॊ या जीव-जंतु, सभी लोग संघर्ष और दु:ख से निकलने के लिए हमेशा ही उत्सुक रहते हैं क्योंकि कोई भी संघर्ष व दु:ख अधिक नहीं सहन करना चाहता I संघर्ष का अर्थ केवल कठिन परिश्रम करना ही नहीं है बल्कि जिस क्षेत्र में वह कठिन परिश्रम कर रहा है उसके बावजूद उसे अपेक्षित सफलता ना मिले, फिर भी सकारात्मक सोच के साथ लगातार परिश्रम जारी रख रहा है वहि संघर्ष का पर्याय है I यह नहीं कहा जा सकता कि पूरे विश्व में प्रत्येक व्यक्ति सफल हो क्योंकि किसी विद्वान ने कहा है कि असफलता एक सामान्य बात है पर सफल होना एक अपवाद की तरह है I
          सफलता पाने के लिए किसी भी  क्षेत्र में विश्व की हर मनुष्य की जिंदगी में कुछ ऐसी आदत या गुण होना चाहिए जो मनुष्य को सफल बनाने में अति सहायक हो, कहा जाता है कि जीवन में छोटे- छोटे कदम ही आपके बड़े सपनों के हकीकत में तब्दील करने के लिए सबसे आवश्यक होता है इसलिए हमें हमेशा शुरुआत छोटे- छोटे कदम और रोजाना सकारात्मक विचारों से भरपूर होकर करना चाहिएI किसी भी मनुष्य को सफ़ल होने मे ये  निम्न विशेष गुण का होना आवश्यक हैI 
चरित्र -चरित्र हमारे सफलता के लिए काफी महत्वपूर्ण है या यूं कहें हमारे सपने के उड़ान में सबसे पहला कदम चरित्र का ही है क्योंकि चरित्र व स्वभाव के अच्छे व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में  लोगों का दिल जीतने में कामयाब होते हैंIउनके प्रति लोगों का विश्वास बढ़ जाती है और उन्हें वो सभी दायित्व दी जाती है जिससे उनके कद और पद में इजाफा होI एक चरित्रहीन व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता, चरित्र आपके ईमानदारी, नियमित रूप से उस काम के प्रति निष्ठा से बनती है,समान्यत: लोग उनसे संबंध ही नहीं रखना चाहते जो ईमानदार ना हो जो काम के प्रति जवाबदेह नहीं होI आज के दिनों में बढ़ती जनसंख्या और शिक्षित बेरोजगरी मे इजाफा के कारण सभी लोग ईमानदार और निष्ठावान कार्यकर्ता ढूंढते हैं ताकि वे काम अच्छे तरीके से करने के साथ-साथ अपनी ओर लोगों को आकर्षित भी कर सके ईमानदार लोग जल्दी बेरोजगारी से बच जाते हैंI 

 स्वास्थ्य -स्वास्थ्य ही हमारा धन है , सफलता के लिए स्वस्थ रहना आवश्यक है क्योंकि स्वस्थ व्यक्ति न सिर्फ परिश्रमशील  होते हैं बल्कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं वह हर विकट  परिस्थितियों में भी आशा का किरण देखते हैं और कभी संघर्ष से कतराते नहीं, बिना स्वस्थ रहें हम कभी भी सफल इंसान नहीं बन सकते कोई भी  व्यक्ति अस्वस्थ लोगों को पसंद नहीं करता अगर व्यक्ति अस्वस्थ हो तो वह रूढ़िवादी तरीके से बिना मन का कोई काम करेगा जिससे हर काम अधूरा ही छोड़ सकता है अस्वस्थ व्यक्ति कहीं भी अपने क्षेत्र में कोई प्रभाव नहीं छोड़ सकता इसलिए स्वास्थ्य मनुष्य का एक कुंजी हैI 

परिश्रम-  लगातार मेहनत करते रहना यह भी सफलता के लिए अहम कड़ी है अगर मनुष्य परिश्रमी हो तो कितना भी बुद्धिमान व्यक्ति को  मात देने का क्षमता रखता है अगर मनुष्य बुद्धिमान हो पर परिश्रमी न हो, आलसी हो वह कभी सफल नहीं हो सकता क्योंकि वह अहंकार के कारण पूरी दुनिया में सीखने की लालसा को छोड़ अपने आप को ही सर्वश्रेष्ठ जाहिर करता हैI  परंतु परिश्रमी औसत बुद्धि के होते हुए भी नियमित परिश्रम करने के साथ-साथ अपना प्रभाव छोड़ सकते हैंI आजकल सभी लोग स्मार्ट वर्क(smart work) करना चाहते हैं परंतु उसका (smart work) अर्थ यह बिल्कुल नहीं की परिश्रम नियमित न करें या ज्यादा परिश्रम ना करें बल्कि उसका आशय यह है कि उतना ही परिश्रम में और ज्यादा काम को निपटाया जा सकेI  परीक्षा में देखा जाता है कि मेहनती विद्यार्थी हमेशा बेहतर अंक के साथ- साथ केवल पास ही नहीं होते बल्कि शिक्षकों पर प्रभाव छोड़ते हैं जिससे वह प्यारे और लोग के लिए आदर्श हो जाते हैं वही बातें हमारे कैरियर के किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए लागू होती है इसका सबसे अच्छा उदाहरण है कछुआ और खरगोश की कहानी जिसमें कछुआ औसत होते हुए भी नियमित परिश्रम करके प्रतियोगिता अपने नाम कर लेता हैI  
 ज्ञान- बुद्धिमता हमारे सफलता का अहम गुण है अगर हम मेहनती हैं पर मंदबुद्धि के हैं तो हम कभी भी उस कार्य को सुचारु ढंग से नहीं कर पाएंगे बुद्धिमान व्यक्ति किसी कार्य को नियमित रूप से करता है परंतु वही मूर्ख की बातें करें तो सब कुछ परिणाम के हित में रखकर कार्य करता है ,वह कम समय में ही काफी सफलता अर्जित करने की इच्छा रखता है और  परिणाम ना मिले तो निराशावादी हो कर उस कर्य को छोड़ देता है, जिससे उनका जीवन असफल बन जाता है I  कोई भी क्षेत्र में नियोक्ता बुद्धिमान कर्मचारी को ज्यादा तवज्जो देता है क्योंकि आज के आधुनिक दौर तकनीकी व विज्ञान का दौर है, हमेशा लोगों के नए सुझाव और ज्ञान की उत्पत्ति ,विकास का एक योजना और माध्यम हैI  जो हमेशा बेहतर करने के लिए हमेशा कुछ नया करने के लिए और आगे बढ़ने के लियॆ प्रेरीत करता है, बुद्धिमान का अर्थ यह कतई नहीं कि यह भगवान का दिया हुआ एक उपहार है जो हर व्यक्ति मे जन्म से हि उसमे विद्यमान रहता हैI बल्कि नियमित रूप से अभ्यास और नि:स्वार्थ रूप से नया सीखना हमारे जिज्ञासा को जागृत करता है और रोजाना कोई ना कोई ज्ञान अर्जित करता है और वो धीरे- धीरे बुद्धिमान का संकेत प्रकट हो समाज में बुद्धिमान बन जाता हैI  अगर ज्ञानी लोग ना रहे तो दुनिया गरीबी व मंदबुद्धि के साथ क्षेत्र के सेवाओं में निष्क्रिय बन जाएगा और अर्थव्यवस्था के साथ- साथ कोई भी कार्य सुचारू रूप से ना हो पाएगा I   
अत: यह लागू होता है कि जो व्यक्ति इन गुणों  से परिपूर्ण हो वही व्यक्ति सफल हो सकता है और यह सभी गुण उत्पन्न करने की शक्ति हम सभी में है, बस नियमित रूप से ईमानदारी और जिज्ञासा वादी हो कर सकारात्मक ढंग से काम करने की जरूरत है अपनी बीते हुए कड़वी यादों को भुला कर,अपनी गलतियों पर पश्चात करने के बजाय उसे सबक ले और वर्तमान में खुशहालपूर्वक जीने की चेष्टा करें तो कोई भी सुख- समृद्धि से परिपूर्ण व्यक्ति बन सकता हैI 

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