Thursday, January 24, 2019

Essay in Hindi on समाचारपत्र News Paper पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                
देश-विदेश की वर्तमान स्थिति और उनके बारे में पूरे विस्तृत जानकारी हमें समाचारपत्र के माध्यम से मिलती है। समाचारपत्र को देश का चौथा स्तंभ के रूप में माना गया है, यह हमेशा से ही हमारे लिए उपयोगी रहा है चाहे वह अंग्रेजों कि सरकार को उखाड़ फेंकने में और युवाओं में जोश भर कर क्रांति लाने में या वर्तमान दौर में किसी भी सत्ता काबीज सरकार को कुर्सी उखाड़ फेंकने में समाचार पत्र की भूमिका अहम है। खेल, राजनीतिक फिल्में ,राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय आदि खबरें हमें समाचार पत्र द्वारा मिलती है।  प्रसिद्ध लेखकों ,नेताओं ,विद्वानों  के विचार को जनता के पास पहुंचाने का कार्य करता है। यह सरकार और जनता के बीच पुलिया का कार्य करता है,इसका प्रभाव व शक्ति का उपयोग हमेशा न्यायपालिका व सरकारों के चल रहे अनेकों  योजनाओं के बारे में विस्तृत सूचना दे कर जनता को जागरूक करने का कार्य करता है ,वैसे तो आधुनिक युग में विज्ञान द्वारा अनेकों उपकरणों के माध्यम से संचार व्यवस्था काफी तेजी से कार्य करता है हम मिनटों में देश -विदेश की खबरें की जानकारियां हमें इंटरनेट व टेलीविजन, रेडियो आदि जैसे उपकरणों के माध्यम से मिल जाती है
पर समाचार पत्र की खासियत है की यह विस्तृत जानकारी एवं विवरण देता है एक ही अखबार में ढेर सारी पन्नॊ के माध्यम से अन्य के मुकाबले हमें अधिक खबरें एवं ज्ञान प्राप्ति समाचारपत्र से मिलती है।  हम ज्ञान की बात इसलिए बोल रहे हैं की समाचार पत्र केवल खेल, राजनीति ,फिल्म, घटनाएं, राष्ट्रीय ,अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कि खबर तक ही सीमित नहीं है बल्कि छात्रों के लिए रोजाना करंट अफेयर्स का कार्य करता है जिससे करोड़ों युवाओं के भविष्य संवारने में मदद करता है समाचारपत्र एक बड़ी शक्ति है जिसके बिना हमारा ज्ञान सीमित है। 

  समाचारपत्र सर्वप्रथम चीन से आया यानी समाचार पत्र का उदय चीन से हुआ यह स्पष्ट नहीं है क्योंकि लोगों का यह भी कहना है कि छपाई का काम पहली बार चीन में हुआ इसलिए लोग चीन को इसका श्रेय देते हैं परंतु कुछ इतिहासकारों वह विद्वानों के अनुसार इसका जन्म इटली के रॊम शहर में बताया जाता है। इटली के वेनिस नगर से समाचार पत्रिका उदय होते हुए यह पूरे यूरोप में तेजी से फैल गया।  भारत में समाचार पत्रों का आगमन 18 वीं शताब्दी में अंग्रेजों द्वारा हुआ सर्वप्रथम अंग्रेज इसका प्रयोग अपने लाभ के लिए करते थे उस समय भारत में केवल अंग्रेजी भाषा में ही समाचारपत्र की छपाई होती थी, जिसमें अंग्रेजों द्वारा किए गए एवं अत्याचारों की चर्चा नहीं होती थी परंतु धीरे-धीरे यह हर भाषा में हिंदी, उर्दू, संस्कृत ,गुजराती आदि जैसे क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित होने लगी, जो भारतीय पत्रकारों ,लेखको द्वारा आजादि के लडाई मे प्रमुख कार्य किया जिससे युवाओं को अंग्रेजी सरकार को उखाड़ फेंकने में प्रेरणा मिली और आज भी कर रहा है भारत में सर्वाधिक हिंदी भाषा में अखबार पढ़ा जाता है।  समाचरपत्र हर उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है।समाचारपत्र दैनिक, सप्ताहिक ,मासिक होते हैं,समाचारपत्र एक बड़ी शक्ति और स्वतंत्र रूप से कार्य करती है, इससे सत्ताधारी ,पक्ष -विपक्ष में बैठे सारे राजनीतिक दल, उद्योगपति से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक डरते हैं आज के आधुनिक दौर में जनता को जागरूक कर सरकार द्वारा उचित कार्यों पर एवं अनुचित कार्यों पर आदि की कार्यों का पुष्टि करता है जिससे जनता जागरूक हो सके।  यह हमारे अच्छे सरकार का स्थापना में मदद करता है यह हमारे व्यवसाय व व्यापार आदि में भी मदद करता है शेयर मार्केट संबंधी वह मूल्यों के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए विशेष दैनिक और सप्ताहिक समाचारपत्र भी प्रकाशित होते हैं।  छात्रों के नौकरियों के लिए विज्ञापन की रिक्तियां की जानकारियां हमें समाचार पत्र के माध्यम से मिलता है

 इस प्रकार से समाचार पत्र हमारे दैनिक जीवन की आशापूर्ण करता है आज हर घर में इसका होना बहुत जरूरी हो गया है बड़े-बड़े नगरो शहरों में लोग बिस्तर से उठते हैं सबसे पहले समाचारपत्र का लुफ्त उठाते हैं । हम कह सकते हैं कि जिंदगी के रोजमर्रा वस्तुओं में से एक समाचार पत्र है , यह जानकारियों के साथ-साथ ,चुटकुले, हास्य लेख व नैतिकता भी फैलाता है।  बच्चों के लिए  विशेष कहानियां ,कार्टून वाले हास्य चित्र, चुटकुले आदि के कारण सभी के लिए समाचारपत्र पसंदीदा  मनोरंजन का साधन है। यह रेलों  ,मोटरों  ,हवाईजहाज आदि के माध्यम से हम तक पहुंचता है। विश्व में हमारे देश के मुकाबले कहीं ज्यादा लोकप्रिय है, विश्व में सर्वाधिक समाचारपत्र पढ़ने वाला देश हांगकांग है परंतु इसका भारत में भी लोकप्रियता बहुत है। हमारे समाज के नई दिशा देकर ज्ञान-विज्ञान आदि कि प्रतिदिन जानकारियां से अवगत कर समाचार पत्र हमारे जीवन को परिपक्व एवं ज्ञानी बनाने का कार्य करता है।  इस प्रकार हम कह सकते हैं कि समाचारपत्र का हमारे जीवन में काफी अहम योगदान है।  
               

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