Saturday, June 15, 2019

Essay in hindi on पिता Father 500 words for school students

पिता वह है जो समय-समय पर हमें अच्छी और बुरी बातों का आभास करा कर आगाह करते हैं | पिताजी हमेशा हमें हार ना मानने और हमेशा आगे बढ़ने की सीख देते हुए हमारा हौसला बढ़ाते हैं | पिता से अच्छा मार्गदर्शक कोई हो ही नहीं सकता ।  मेरे पिता मेरे लिए आदर्श है, क्योंकि वह एक आदर्श पिता है, उनमें वह सारी योग्यता मौजूद है जो एक श्रेष्ठ पिता में होती है । वह मेरे लिए केवल एक पिता ही नहीं बल्कि मेरे लिए सबसे अच्छे दोस्त भी हैं ।  हर बच्चा अपने पिता से ही सारे गुण सीखता है जो उसे जीवन भर परिस्थितियों के अनुसार ढलने के काम आते हैं । उनके पास सदैव हमें देने के लिए ज्ञान का अमूल्य भंडार होता है जो कभी खत्म नहीं होता । 
पिताजी का दिल बहुत बड़ा होता है, कई बार उनके पास पैसे नहीं होते हुए भी वे अपनी जरूरत ढोल कर हमारी जरूरतों को कभी गैर जरूरी फरमाइश को भी पूरा करते हैं, वह कभी हमें या परिवार के सदस्यों को किसी भी चीज के लिए तरसने नहीं देते,  बच्चे कोई बड़ी से बड़ी गलती भी क्यों ना कर दे पिताजी हमेशा कुछ देर गुस्सा दिखाने के बाद उसे माफ कर देते हैं ।
पिताजी परिवार के सभी लोगों से बहुत प्रेम करते हैं वह घर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने देते और हमारी जरूरतें और फरमाइशे भी पूरी करते हैं, किसी प्रकार की गलती होने पर भी हमें डांटने के बजाय हमेशा प्यार से समझाते हैं और गलतियों के परिणाम बताते हुए दोबारा ना करने की सीख भी देते हैं,  पिताजी घर के सभी कार्यों और परिवार के सभी लोगों और उनके स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होते हैं, वह कभी छोटी-छोटी बातों को भी नजर अंदाज नहीं करते बल्कि हर बात को गंभीरता से लेकर उसका महत्व हमें समझाते हैं,
मैंने हमेशा पिता से सीखा है कि चाहे कुछ भी हो जाए हमें अपने आप पर नियंत्रण कभी नहीं खोना चाहिए,  पिताजी हमेशा संयमित व्यवहारकुशलता से हर कार्य को सफलता पूर्वक समाप्त करते हैं, वे कभी मुझ पर या मां पर बिना वजह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा नहीं करते।
पिताजी हमेशा हमें अनुशासन में रहना सिखाते हैं और वे खुद भी अनुशासित रहते हैं, सुबह से लेकर रात तक उनकी पूरी दिन चर्चा अनुशासित होती है, वह समय पर उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर ऑफिस जाते हैं और समय पर लौटते हुए प्रतिदिन शाम को मुझे बगीचे में घुमाने भी लेकर जाते हैं, इसके बाद वह मुझे स्कूल के सारे विषयों का अध्ययन करवाते हैं ।
पिताजी का सबसे महत्वपूर्ण गुण है कि वह सदैव हर समय धीरज से काम लेते हैं और कभी खुद पर से आपा नहीं खोते हर परिस्थिति में वे शांति से सोच समझ कर आगे बढ़ते हैं और गंभीर से गंभीर मामलों में भी धैर्य बनाए रखते हैं। 
पिता प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप होते हैं वह अपनी संतान को सुख देने के लिए अपने सुखों को भुला देते हैं, वह रात दिन अपने बच्चों के लिए ही मेहनत करते हैं और उन्हें हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं जो उन्हें भी कभी नहीं मिली कई बार छोटी सी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में डूब जाते हैं, लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी जाहिर नहीं करतें।
पिताजी कभी अपनी कोई तकलीफ नहीं बताते बल्कि वह घर के लोगों की हर जरूरत और तकलीफ का पूरा ध्यान रखते हैं, इन्हीं सब विशेषताओं के कारण पिता की महानता और अधिक बढ़ जाती है और उनकी तुलना दुनिया में किसी से भी नहीं की जा सकती शायद इसीलिए पिता दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं ।

Wednesday, June 12, 2019

Essay in hindi on दहेज प्रथा | Dowry Culture in india

भारत के सदियों पुरातन धर्म से ही अत्यधिक खर्चीली एवं जटील रिती मानी जाती है दहेज प्रथा ।इसमें भारी सजावट, शानदार बहुमूल्य, उपहार तथा दूल्हे के परिवार को खुश करने के लिए लाखों रुपए दिए जाते हैं,  इसे ही दहेज प्रथा कहा जाता है, इस प्रकार की प्रथा वर्षों से चली आ रही है,  पहले माता-पिता अपनी पुत्रियों की शादी में आवश्यक घरेलू वस्तुएं तथा सोना चांदी देते थे,  जो उनकी पुत्रियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए होता था, अब दूल्हे का परिवार दुल्हन के परिवार से जबरत बहुमूल्य वस्तुएं तथा लाखों रुपए की मांग करते हैं,  कभी-कभी दुल्हन के परिवार को इसके लिए अपना घर एवं जमीन तक बेचना पड़ जाता है, दहेज प्रथा हमारे समाज के लिए एक मिसाल हो गई है,  हमने कई बार सुना है कि दुल्हन अपने ससुराल में प्रताड़ित की जाती है, इसका कारण है दहेज। दूल्हे के परिवार को उसकी मांग के अनुसार रकम ना मिलने की स्थिति में वे दुल्हन को प्रताड़ित करते हैं, यह प्रथा सदियों से चली आ रही है!

 इस प्रथा को तुरंत रोकने की आवश्यकता है, अभिभावकों को समझना चाहिए कि दहेज के लिए धन बचाने के बजाय उन्हें अपनी लड़कियों को शिक्षित एवं काबिल बनाने पर ध्यान देना चाहिए ताकि हमारा देश और भी आगे बढ़े, दहेज मांगना या दहेज देना दोनों ही भारत में गैरकानूनी एवं दंडनीय अपराध है, ऐसे मामले के विरुद्ध तुरंत पुलिस से शिकायत करनी चाहिए, दहेज प्रथा समाप्त करने की हमारी जिम्मेदारी बनती है, एवं अपने माता-पिता अभिभावकों पर दहेज ना लेने के लिए दबाव भी बनाना चाहिए, दहेज मुक्त शादी आपसी परिवार एवं सुखद जीवन के लिए अति आवश्यक है , आज हमारे समाज में दिनो दिन दहेज का प्रचलन बढ़ता जा रहा है, जो लोग गरीब परिवार से हैं उनकी बेटी को पीड़ित किया जाता है,  ससुराल वाले लोग ने ना जाने कितने मासूम लड़कीयो को जिंदा जला दिया, हर जगह गांव में यह सुनने को मिलता है कि विवाहित की हत्या कर दिया गया,  किसी के माता-पिता के पास पैसे नहीं है इसलिए उनकी लड़कियां अच्छे घर परिवार में नहीं जाती है उनको समाज का एक बोझ माना जाता है, इसको रोकने के लिए सभी को साथ मिलकर दहेज प्रथा पर आवाज उठानी चाहिए तथा इस को रोका जा सकता है,  इसके लिए लड़की को अच्छी शिक्षा देना चाहिए ताकि बेटी समाज के कानून को समझ सके, ऐसा विश्वास है कि यह प्रथा एक दिन जरूर समाप्त हो सकती है, इसके लिए सभी अभिभावकों को कदम आगे बढ़ाना पड़ेगा, दहेज प्रथा एक कानूनन अपराध है इसको रोकना बहुत जरूरी है, दहेज मांगना और देना दोनों ही अपराध है, ऐसे मामले के सकारात्मक विरोध करनी चाहिए, हमारे समाज के हर युवाओं को दहेज समाप्त करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए ।

Wednesday, May 29, 2019

Essay in Hindi on एपीजे अब्दुल कलाम | Dr. APJ Abdul Kalam

भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आप सभी ने अवश्य ही सुना होगा वह एक सच्चे भारतीय थे, और उन्होंने अपना जीवन  भारत के लोगो के लिए समर्पित कर दिया | उन्हें सभी लोग आज भी प्रेम करते हैं तथा उनका सम्मान करते हैं |
उनका जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ ,  वह एक गरीब परिवार से थे, लोगों को एक घाट से दूसरे घाट तक पहुंचाना उनकी आय का एकमात्र स्रोत था |
अब्दुल कलाम का परिवार आराम से जी रहा था लेकिन एक भयंकर तूफान में रामेश्वरम घाट को नष्ट कर दिया | युवा अब्दुल कलाम ने हार नहीं मानी वह अपने परिवार की मदद करना चाहते थे उन्होंने देखा कि इमली के बीजों की मांग है, उन्होंने इमली के बीज एकत्रित कर पास की दुकान पर बेचने का निश्चय किया | इसके लिए उन्हें थोड़ा धन प्राप्त होता था,  इस प्रकार उन्होंने अपने परिवार की मदद की, उनका सपना अपने परिवार की मदद करना और वैज्ञानिक बनना था |
विद्यार्थी जीवन में भी उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना किया, उन्होंने उन चुनौतियों को वीरता से सामना किया उन्होंने मद्रास के तकनीक संस्थान से बात कर अभियंता का विशेष अध्ययन किया तथा डॉ अब्दुल जाकिर जैनुलाब्दीन एक वैज्ञानिक बन गए | उन्होंने 1958 मैं डीआरडीओ के लिए काम किया था फिर 1963 में आई एस आर ओ में शामिल हो गए |
उन्होंने भारतीय उपग्रह तथा डीआरडीओ का मिसाइल प्रोग्राम के लिए विशेष योगदान दिया उनके मत दे योगदान मिसाइल के क्षेत्र में था अग्नि पृथ्वी आकाश त्रिशूल तथा नाम का मिसाइल भारत में सामान्य तथा घरेलू गैस बन गए थे | इतना महान वैज्ञानिक होने के अतिरिक्त एक मानवतावादी के रूप में तथा सादगी को सीमा से वे राष्ट्रीय नायक बन गये |
वे 2002 में भारत के बारहवे राष्ट्रपति बने, उन्होंने अनेक पुरस्कार प्राप्त किया पदम भूषण 1981 में पद्म विभूषण 1990 भारत रत्न सर्वोच्च सैनिक पुरस्कार 1998 में तथा राष्ट्रीय अखंडता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार 1957 में प्राप्त किया |

Sunday, April 21, 2019

Essay in hindi on रविवार | Sunday holiday पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

 रविवार हर सप्ताह विद्यार्थियों के लिए या सरकारी ,निजी सभी क्षेत्रों में कार्य करने वाले नौकरी पेशा लोगों के लिए  हों या घर में प्रतिदिन गृहणियों  के लिए जो घरेलू कामकाज में हमेशा व्यस्त रहती हैं I  उन सभी के लिए हर सप्ताह रविवार की  छुट्टी का शुभ संदेश  और खुशियां लेकर आता है और फिर चला जाता हैI  इस दिन लोग अपने रोजमर्रा जिंदगी से छुट्टी पाते  हैं चाहे विद्यार्थी हो या दफ्तरों में काम करने वाले सरकारी बाबू  चाहे भोजन पकाते पकाते और घरेलू कामकाज देखते -देखते घर में  ही प्रतिदिन  बिताने  वाली गृहणियां , उस दिन रविवार एक खुशियां की तरह है लोग उस दिन प्रतिदिन वाले कामकाज को छोड़कर कुछ अलग और नया करते हैं जिससे उनकी नीरसता कम हो जाती हैI  हम स्कूल में पढ़ते हो या कॉलेज में ऑफिस में काम करते हो या कल -कारखानों में सभी लोग रविवार की इंतजार बेसब्री से करते हैं क्योंकि इस दिन काम करने वालों को एक  दिन  की छुट्टी मिलती  है जिसमें वह अपने घर से कहीं और पार्क में खेल मैदान में और जो दूर रहते हैं उन्हें अपने परिवार के साथ घर में समय बिताने का मौका मिलता है I 

Essay in hindi on रविंद्र नाथ टैगोर | Ravindra Nath Taigore पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

भारत देश में महान विभूतियों  सन्यासियों   और न जाने कितने महापुरुषों का जन्म हुआ है, जिन्होंने  हमेशा ऐतिहासिक गौरव के साथ -साथ  देश  का नाम गर्व  से ऊंचा किया है I  उन्हीं रत्नों में से एक रत्न थे रविंद्र नाथ टैगोर ,जिनका जन्म 7 मई 1861 को हुआ था इनके पिताजी का नाम देवेंद्र नाथ टैगोर था जो बहुत बड़े धार्मिक गुरु  थे,जो  अपने  बुद्धिमता और ईमानदारी  के लिए सभी जगह जाने जाते थेI रविंद्र नाथ टैगोर जी का परिवार  बहुत बड़ा था, उनके देखभाल करने के लिए बहुत सारे नौकर और सहयोगी  हुआ करते थे जो बचपन में उनके भाई बहनों का देखभाल किया करते थे I परंतु नौकर और सहयोगी बच्चों के इतने अच्छे से देखभाल नहीं कर पाते थे जिनको यह कार्यभार सौंपा गया था उन्हें बच्चों के खेल  और   नटखट कार्यों  की इतनी आजादी नहीं दी गई थी I अतः आप  कह  सकते हैं  की रविंद्र नाथ टैगोर का घर एक जेल के समान था जहां कड़े अनुशासन का पालन करना पड़ता था उन्हें घर से बाहर जाकर खेलने की आज्ञा नहीं थी और ना ही बाहर के दोस्तों के साथ शरारत करने की ,जिसके कारण  बच्चे अपने साथ ही खेल कर संतुष्टि और खुश रहते थेI रविंद्र नाथ टैगोर अपने विद्यालय के जीवन  में  भी उन्हें खेलने की स्वतंत्रता स्कूल के द्वारा नहीं दी जाती थी , इसीलिए उन्होंने विद्यालय छोड़ दिया और अपने घर से ही प्रमुख रूप से शिक्षा ग्रहण करने लगे I 

Wednesday, April 10, 2019

Essay in hindi on जीवन की अभिलाषा | Goal of Life पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

प्रत्येक मनुष्य के पास कोई ऐसी महत्वाकांक्षा या अभिलाषा होता है जिसे वह बचपन से करने का शौक रखता है I या यूं कहे कि उस सपने को जीना चाहता है जिसके लिए वह रोज उस कार्य या लक्ष्य  को  सोचते ही खुश हो जाता है उसे ही अभिलाषा कहते हैंI  बिना अभिलाषा के मनुष्य बिल्कुल वैसा होगा जैसे कि एक सुंदर जलयान बिना जल के, अगर इंसान के पास कोई अभिलाषा ना हो तो वह कभी भी कठिन परिश्रम नहीं कर सकता वह अपनी जिंदगी आराम तरीके से अर्थात उसी तरीके से काटेगा जिस प्रकार चिड़िया और जंगली जानवर जीते हैंI  उसी प्रकार अभिलाषा ना हो तो मनुष्य का भी जिंदगी पशुओं और बेजुबान जानवरों की तरह होगा जो केवल भोजन की तलाश करते रहेगाI 

Essay in hindi on गंगा नदी | River Ganga पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

गंगा नदी पूरे विश्व के सबसे पवित्र और अध्यात्मिक नदियों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है I जिसे भारत में देवी देवताओं के रूप में पूज्नीय माना जाता है उन्हें देवी और माता का भी संज्ञा दिया गया हैI  गंगा नदी में स्नान करना पूरे विश्व में पवित्र आध्यात्मिकता के रूप में प्रचलित हैI   गंगा नदी अपने  अपने भव्यता इतिहास के गौरव में अनोखा नाम अंकित किया हैI गंगा नदी भारत के सबसे बड़ा नदी भी है जो हिमालय पर्वत से निकलकर लगभग 200 मील की दूरी पर से  पहाड़ी क्षेत्रों से बहती हुई हरिद्वार में आकर भूमिगत होकर गिरती हैI  इसलिए हरिद्वार को भी पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक  हिंदुओं के लिए माना गया है जहां हजारों, लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन गंगा में डुबकी लगाने दूर-दराज देश- विदेश से आते हैं और अपने गलती और अनजाने में हुई कोई भूल या चुक  जो अनैतिक कार्य के रूप में हो उसके लिए क्षमा प्रार्थना करते हैं I कहा जाता है इस पवित्र नदी में डुबकी लगाने मात्र सारे पाप धूल जाते हैं I गंगा नदी के किनारे बसे प्रमुख  शहरें जो कि तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध है   वाराणसी ,प्रयागराज ,सिरोन इत्यादि हैं I  जहां से गंगा नदी गुजरती है वहां पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल   के रूप में पूरे विश्व में प्रचलित हो जाता है I  

Tuesday, April 2, 2019

Essay in hindi on विज्ञान का दुरुपयोग | Misuse of Science पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

यह कहना पूरी तरीके से उचित है कि आज का युग पूरी तरह से विज्ञान का युग है  जहां प्रत्येक घंटे और दिन कुछ न कुछ नई चीजें खोज  और अविष्कार होती रहती  हैI इसके  माध्यम से  हमेशा नयी तकनीकी यंत्र देखने को मिलती है जो आम आदमी के लिए पूरी तरह से नया होता है उपकरणों का कैसे इस्तेमाल करना है इससे लोग अनजान होते हैं और धीरे-धीरे उस यंत्र को चलाना और उसके बारे में पढ़कर उससे काम करना सीखते हैं परंतु विज्ञान ने यह भी सिद्ध किया है कि यह तो सेवक अच्छा  है परंतु इसका स्वामी बिल्कुल बुरा है I  अगर देखे तो इसमें कोई भी संदेह नहीं कि आज चाहे आर्थिक रूप से हो या शक्ति प्रदर्शन के रूप में विज्ञान  के इतने ज्यादा आविष्कार के कारण हमारा देश और  दुनिया दैनिक जीवन में आजीविका के क्षेत्र से लेकर आर्थिक रूप से हमेशा सुधार कर रहा है और जहां कार्यक्षमता को भी बढ़ाने का कार्य कर रहा है ,परंतु यह भी सच है इंसान की विपत्तियां व रोजमर्रा जिंदगी वाले कार्य  जो दैनिक मजदूरों ,दिहाड़ी  मजदूरों और  कारीगरों द्वारा होता था उसका आजीविका  छीनने में भी विज्ञान का अहम योगदान है I 

Essay in hindi on विज्ञापन | Advertisement पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

आज के दौर में विज्ञापन हमारे देश के हर व्यापार और हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है I  अब ऐसा कहा जाता है कि अच्छी गुणवत्ता  और  उत्पाद के साथ -साथ एक अच्छे विज्ञापन जब तक नहीं करते तब तक आप अपनी व्यवसाय और  व्यापार में सफल नहीं हो सकते देश की जनता आपको विज्ञापन के द्वारा ही आपके उत्पाद के गुणवत्ता और अन्य प्रकार के विस्तृतामक  चीजें समझ कर आकर्षित होती है जिसके बाद व अपनी स्वेच्छा से खुले दिमाग से आपके उत्पाद  खरीदते हैं आज के व्यापार में विज्ञापन रीढ़  की हड्डी की तरह है,  जिसके बिना ही कोई  व्यवसाय या व्यापार में निवेश और कुंजी लगाना अनुचित है I                   
 विज्ञापन का अर्थ होता है संभावित उपभोक्ताओं को अपेक्षित वस्तु के अच्छे गुणों को सामने प्रदर्शित करना जिसके आधार पर वह उत्पाद  को खरीदते हैंI विज्ञापन कई प्रकार के होते हैं या यूं कहें की कई माध्यम द्वारा प्रचार- प्रसार किया जाता है जब आप बाजार के या  शहरों की गलियों से गुजर रहे होते हैं तो बड़े-बड़े बैनर पोस्टर और बैनर -कार्ड्स में अभिवादन के साथ- साथ चित्रों द्वारा अपने उत्पाद या किसी सामग्री या किसी कंपनी के जो भी वस्तु संबंधित होती है उसके बारे में पढ़कर लोग आकर्षित  होतें हैं I अगर आप सिनेमा हॉल में जाते हो तो सबसे पहले विज्ञापन प्रदर्शित होती है आजकल तो सोशल मीडिया का  जमाना हो गया जहां अपनी बात रखना बहुत ही आसान हो गया क्योंकि आज सोशल मीडिया की क्रांति वाली जो दौर में हर लोग प्रसारण करता है जो अपने -अपने विज्ञापन के लिए कई प्रकार की वेबसाइट और  पेजें  और जनता के दिल में  जगह बना चुके सेलिब्रिटीज चाहे वह अभिनेता हो क्रिकेटर हो कोई प्रसिद्ध ऐसे व्यक्ति जो जनता में सकारात्मक रूप से काफी नाम कमाया हो उनके द्वारा बड़ी -बड़ी कंपनियां अपने प्रसारण -प्रचार करवाती है I

Wednesday, March 27, 2019

Essay in Hindi on जवाहरलाल नेहरू | Jawalar lal Nehru पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे जिन्होंने हमारे देश के करीब 15 वर्ष प्रधानमंत्री के पद पर रहकर देश की नि:स्वार्थ भाव से सेवा की हैI  जब उन्होंने प्रधानमंत्री की  कुर्सी पर आसन्न  हुए थे तो बिखरे भारत जो अभी हाल ही में न जाने कितने महापुरुषों के बलिदान के फलस्वरुप स्वतंत्र हुआ थाI  उससे  स्वदेशी संविधान और एकात्मक करना आसान नहीं था परंतु उनकी देखरेख में राष्ट्रहित के अनेकों कार्य हुए भारत की उन्नति हुई और करीब 200 वर्षों तक गुलाम रहने के बाद भारत की आजादी में भी उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई थी I नेहरू जी  जन नेता थे जिनका प्रभाव जनता के हर वर्गों के लोगों तक थाI   उन्हें लोग प्यार से चाचा नेहरू भी कहा करते थेI नेहरू जी का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद वर्तमान में प्रयाग में हुआ था उनके पिता जो मशहूर और विद्वान वकील थे जिनका नाम पंडित मोतीलाल नेहरू था वह  पश्चिमी सभ्यता से काफी ही प्रभावित थे  और उनकी माता का नाम स्वरूप रानी नेहरू था ,  जो एक शिक्षित महिला थी  ,नेहरू जी एक शिक्षित और धनी परिवार से ताल्लुक रखते थे जो हर तरीके से ज्ञान में  भी समृद्ध थे I 

Tuesday, March 26, 2019

Essay in Hindi on बाल विवाह | Child Marriage पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

वैसे विवाह जिनमें लड़कियों की उम्र 18 वर्ष के कम हो और लड़के का 21 वर्ष से कम हो उनके संपन्न विवाह को बाल विवाह के श्रेणी में रखा जाता है I इस प्रकार के विवाह पूरे दुनिया में प्राचीन समय में प्रचलित थी परंतु भारत में तो 18वीं - 19वीं सदी में हमेशा बाल विवाह ही होते थे अभी भी संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय बाल  आपात निधि रिपोर्ट के अनुसार संपूर्ण भारत में विश्व के 40% बाल विवाह होते हैंI  बाल विवाह समाज के असमानता व  शिक्षा -अशिक्षा संकीर्ण  विचार से घिरे होने के कारण होता है जो असंतुलित के साथ- साथ स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी घातक है I जरा सोचें जो शरीर के लिए हर उम्र के अनुसार क्रियाकलाप बनाया गया है 5 वर्ष से 25 वर्ष की आयु शिक्षा ग्रहण  कर नौकरी सभी गंभीर जिम्मेदारी कार्य को करना होता है परंतु हमारी सीमित सोच वह प्राचीन परंपरा को जीवंत रखने का प्रयास के कारण आज भी ग्रामीण और  छोटे नगरीय क्षेत्रों में अधिक बाल विवाह होते हैंI  विश्व से बाल विवाह का प्रचलन धीरे धीरे नगण्य  हो चुका है परंतु आज भी भारत में बाल विवाह होती हैI 

Monday, March 25, 2019

Essay in hindi on खुशहाल जीवन जीने का तरीका | Way to Lead a Happy Life

प्रत्येक कोई हमेशा खुश रहना चाहता है ,लोगो का हमेशा लक्ष्य होता है कि किसी भी तरीके से उस कार्य को करें  जिससे हमें आनन्द  की प्राप्ति हो I  हमें खुशहाल रखने की कार्य सर्वाधिक रूप से विज्ञान और वैज्ञानिकों ने किया है  जो हर तरीके के मनोरंजन से लेकर तकीनीकी यंत्रो तक आविष्कार करके रोजगार के अवसर के साथ -साथ व्यस्तता जिंदगी बना दिया,  जिससे लोगों  के समाजिक व्यवहार और नैतिक चीजों की सूझ-बुझ  होI सामान्यत:आनन्द और खुशियों को लेकर लोग हमेशा संदेह में रहते हैं दोनों का अर्थ अलग- अलग है क्योंकि हमें खुशियों के द्वारा आनंद की प्राप्ति होती हैI  जब भी कोई ऐसा कार्य जिससे करने में हमें किसी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं बल्कि दिलचस्पी पैदा होता है और उसके बेहतर तरीके से करना चाहते है जिसे अन्य  लोगों के द्वारा भी समर्थन और प्रोत्साहन  मिलता है उसे ही  आनन्द समझा जाता है जबकि  खुशियां हमारे दिमाग का मनोवृति है जो आत्मविश्वास दिलाता है हमारे मनोवृति ही हमारी खुशियां को निर्धारित करती है इस प्रकार से हम समझ सकते हैं की आनन्द यानी प्रसन्नता इंद्रियों के माध्यम से प्राप्त होता है जबकि  खुशी स्वयं से ही मन के   भीतर पाया जाता है 

Essay in hindi on छठ पूजा | Chatth Puja of Bihar पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

छठ पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी के दिन  मनाया जाने वाला एक हिंदू पर्व है I प्रमुख रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश में मनाया जाता हैI छठ  बिहार के सबसे महान  पर्व  है जो आस्था और अध्यात्म का प्रतीक हैI  यह त्यौहार काफी कठोर नियम और अनुष्ठान के साथ चार दिनो में सम्मिलित होता है इसमें सबसे पहले स्नान कर खरना ,निर्जला उपवास करना होता है इसमेंप प्रकृति को मानव जगत के लिए दिए गए उपहार और सर्वोच्च जगत के लिए सूर्य  द्वारा जनजीवन को चलाने के लिए मनुष्य द्वारा सूर्य भगवान को धन्यवाद किया जाता हैI  परंतु इस पर्व को क्यों मनाया जाता है इसके पीछे पौराणिक महत्व और कथाएं छिपी हुई हैI छठ पर्व आस्था का महापर्व के रूप में जाना जाता है बिहार और झारखंड में तो अधिकतर संख्या में मनाया जाता है वैसे अब देश के हर कोने में  विदेशों में भी छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता हैI

Essay in hindi on शिक्षा का महत्व | Importance of Education पे हिंदी में निबंध (लेख )

मुझे प्रसिद्ध वैज्ञानिक और हमारे पूर्व राष्ट्रपति ए  पीजे अब्दुल कलाम कि वह वाक्य याद आती है जिसमें वह बोलते हैं की गरीबी में पैदा होना कोई श्राप  नहीं और ना ही कोई अपराध है बल्कि हमेशा गरीब रहना सबसे बड़ा पाप या  नाकामी  है I वह खुद गरीबी की तंगहाल  जिंदगी से  शिक्षा  के माध्यम से पुरे विश्व में  एक सम्मानित वैज्ञानिक बनें I  शिक्षा गरीबी व समाज में असमानता ,अनैतिकता  और संक्रीणता को खत्म  करती  है I अपने आप के साथ -साथ परिवार के विकास के लिए  शिक्षा -अध्ययन बहुत जरूरी है क्योंकि शिक्षा हर वर्ग चाहे स्त्री हो या पुरुष ,हर धर्म, हर उम्र  के लोगों  के लिए स्वस्थ और शिक्षित समाज का निर्माण करते हैं I दुनिया में  साधारण से आदमी जो गरीब से गरीब है शिक्षा  द्वारा अपने  जरुरत की वो  हर चीज हासिल कर सकता है जो उसके लिए सपना था I 

Tuesday, March 19, 2019

Essay in hindi on ग्रीष्म ऋतु | Summar Season पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

ग्रीष्म ऋतु हमेशा फ़ाल्गुन के शुरुआती दिनो के बाद यानी होली के बाद से ही होती है।जिसका  प्रभाव नवम्बर तक रहती है।गर्मी हर ऋतुओ के मुकाबले काफ़ि उबाऊ और   संघर्षपूर्ण होता है जिसे झेलना लोगो कि मजबुरी होती है। उस समय लू चलती रहती है।हमेशा तापमान उच्च रहता है,सूरज के प्रकोप को झेल पाना आसान नही होता।उस समय दिन कि अवधि बढ़ जाती है और रातें छोटी होती हैं I  फिर भी कंपकंपाती ठंड से राहत मिलती है क्योंकि ठंड हमेशा से ही केवल अमीरों को लिए बनायी जाने वाली ऋतू कहलाती है क्यूंकि उस समय यथासंभव सामर्थ्य लोग हि गर्म कपडे का उपयोग कर पाते  है  जिससे ठण्ड से बचा जा सके और बेघर और निर्धन लोग असमर्थ होने के कारण हमेशा ठण्ड के प्रकोप से काल के गाल में समा जाते हैं ।गर्मी के दिन शुष्क और नीरस होति है  लहलहाति धूप मे अपना रोजमर्रा जीन्दगी का कार्य करना असम्भ्व हॊता है ,जिससे आर्थिक रुप से भी लोगो को परेशानी झेलना पड्ता है ।दिन के साथ-साथ रात भी काफी गर्मी से प्रभावित होती है  जिससे  सोना भी काफी  मुश्किल होता हैI जल का स्तर काफ़ि नीचे चले जाने के कारण गर्मी मे पानी की काफ़ि किल्लत का सामना करना पड्ता है कुए ,तालाब,नहरे,नदिया के पानी सुखने लगते है ।

Essay in hindi on रक्षाबंधन ! Raksha bandhan Festival पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

रक्षाबंधन भाई- बहनों के लिए महत्वपूर्ण पर्व है, यह प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता हैI बहन द्वारा भाई के राखी जिसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है उससे बांधने के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता हैI राखी  रेशम धागे के डोर हो या रंग -बिरंगी कीमती आभूषण वाले राखी सभी  राखियों का एक ही महत्व होता हैI  भाई द्वारा बहन के हर संकट में रक्षा करना इसीलिए राखी को रक्षा -सूत्र भी कहा जाता है, हर  बहनें अपने भाई के राखी बांधती हैं इसमें उम्र की तुल्य नहीं होता बड़े हो या छोटे सभी भाइयों को बहनों द्वारा राखी बंधवाने के बाद हमेशा वचन दिया जाता है कि वे हर परिस्थिति में अपनी बहन को रक्षा करेंगेI इस पर्व  को लेकर भाई से ज्यादा बहनों में अत्याधिक उत्साह देखने को मिलती है, रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर  सभी नौकरीपेशा हों या व्यापार में या देश -विदेश किसी भी व्यवसाय से सम्मिलित बहने एवं भाई एक दूसरे के घर पहुंचकर इस खास मौके पर राखी बांधती है और अपने भाई को लंबी उम्र की दुआ करती हैं, वहीं पर भाई भी उनके स्नेह को बरकरार रख कर हर परिस्थितियों में उन्हें रक्षा व सहायता करने का वचन देता है Iहमें याद है बचपन के दिनों से ही रक्षाबंधन  हम दोनों भाई बहनों के लिए बहुत ही खुशियाँ वाला  पर्व हुआ करता था और आज भी हुआ करता है उस दिन हमेशा बहन का  हुक्म चलती है और बहन छोटी हो तो और भी जिम्मेवारी बढ़ जाती हैI रक्षाबंधन के दिन राखी के बाद भाई- बहन एक दूसरे को मिठाई खिलाते हैं और भाई कुछ उपहार के रूप में अपनी बहन को भेंट  देता है, रक्षाबंधन एक पवित्र त्यौहार  है जो भाई -बहन के रिश्ते को मजबूत करता है और दोनों को पवित्र प्रेम को  दर्शाता है, उस दिन भाई अपनी बहन की छोटी-मोटी गलतियों को माफ करता है और बहनें  अपने भाई की छोटी-मोटी गलतियों को माफ कर एक दूसरे को हर परिस्थितियों में एक होने की वचन देते हैंI 

Saturday, March 16, 2019

Essay in hindi on आतंकवाद | Terrorism पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

आतंकवाद आतंक शब्द से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ हिंसात्मक और अनैतिक रुप से  हिंसा और दहशत फैलाना है या तानाशाही रवैया और बल-पूर्वक अपने विचारधारा को मानने पर मजबूर करते हैं ।यह  निर्दोष  लॊगो पर हथियारों से लैस उन पर हमला करते हैं ऐसे ही कार्य करने वाले को आंतकवादी कहा जाता है। इनका तरह-तरह के रूप होता है  लोगों में मनोवैज्ञानिक रूप से भी  सरकार और गणमान्य लोगों के प्रति भड़काने  का कार्य करते हैं । यह एक प्रकार के हिंसात्मक  गतिविधि के रूप में कहा जा सकता है जो कि अपने धार्मिक ,आर्थिक, राजनीतिक एवं तानाशही विचारधारा और लक्ष्य की पूर्ति के लिए गैर कानूनी, अनैतिक कार्य निर्दोष नागरिकों के बिच धार्मिक हिंसा उन्माद आतंकवाद के रूप में सम्मिलित किया जाता है ।वैसे लोग जो देश के संविधान का अवमानना ,देश के विरुद्ध खड़ा होना अन्य देशों के मासूम बच्चों को शिकार बनाते हैं वैसे तो आंतकवादी का कोई  जात या धर्म नहीं होता वह अपने विचारधारा, वह अपनी बात मनवाने के लिए मारने और डराने  का काम  करते हैं परंतु करीब  वर्षों से अग्रवादी हमले में विशेष इस्लामिक नारे अल्लाह हू अकबर नारे और वह सभी को इस्लाम धर्म अपनाने की बात करते हैंI बल्कि उन्हें खुद इस्लाम या किसी भी धर्म के बारे में कुछ पता नहीं होता उनका मकसद होता है बस एक मनोवैज्ञानिक दबाव के रूप में या एक सिरफिरे के रूप में अपनी बात को रखना और किसी से इस बात को लागू करवाना वैसे आंतकवादी लोग अपने परिवार के हित के सोचते हैं ना ही अपने घर नहीं जाती नहीं समुदाय ।

Wednesday, March 13, 2019

Essay in hindi on क्रिकेट | Cricket पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

Cricket मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट है I मैं हमेशा इस खेल को खेलता हूं स्कूली दिनों से ही क्रिकेट से मेरा बचपन से जुड़ाव हैI  वैसे तो हमारे विद्यालय में कई प्रकार के खेल का आयोजन होता था परंतु मेरी तरह अधिकतर सहपाठी  क्रिकेट को तवज्जो ज्यादा देते थे क्योंकि क्रिकेट जितना खेलने में मजा आता है उतना ही देखने में भीI  खेल हमें अनुशासन और ऊर्जावान  बनाता है इसलिए विशेष रूप से शनिवार और हर रविवार क्रिकेट मैच का आयोजन दूसरे विद्यालय के छात्रों के साथ हमेशा विद्यालय द्वारा करवाया जाता थाI  जिनमें दो अलग- अलग टीम सम्मिलित होते थे चौथी कक्षा से  सातवीं कक्षा तक जूनियर और सातवीं से दसवीं तक सीनियर टीम बनाई जाती थी ,मैंने हर खेल के प्रति लोगों  का झुकाव देखा है परंतु एक खिलाड़ी होने के नाते ही नहीं बल्कि एक खेल -प्रेमी व दर्शक होने के नाते पूरे भारत में क्रिकेट सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल है I

Tuesday, March 12, 2019

Essay in hindi on दुर्गा पूजा (दशहरा) | Durga puja Dusharra festival पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

दुर्गा पूजा को दशहरा ,विजयदशमी और नवरात्र कहा जाता है I यह हिंदुओं का प्रसिद्ध त्योहार हैI  यह पर्व  बंगाल, बिहार, झारखंड ,उत्तर प्रदेश सहित पुरे देश  में बड़ी ही धूमधाम से मनाई जाती हैI  दुर्गा पूजा क्यों मनाया जाता है ?इसके बारे में बहुत सारे पौराणिक कथाएं प्रचलित है ,परंतु कुछ प्रसिद्ध कथाओं में से  एक कथा आज ही के दिन श्री रामचंद्र ने रावण का वध करके  लंका में विजय प्राप्त की  थीI जिसके फलस्वरूप विजय दशमी अर्थात दशहरा का पर्व धूमधाम से पूरे देश में मनाया जाता है I उस दिन ना केवल लंका,अयोध्या बल्कि स्वर्गलोक  से लेकर पाताललोक तक सभी जगह लोग ढोल- नगाड़ों के साथ अध्यात्मिक भजन- कीर्तन गाकर, वंदना कर अधर्मी रावण के आतंक से हमेशा के लिए मुक्त होने पर भगवान राम ,लक्ष्मण, सीता सहित उस युद्ध में शामिल होने वाले हर वीर योद्धाओं का स्वागत किया गया थाI 

Essay in hindi on क्रिसमस | Festival Christmas 25 December पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

क्रिसमस को बड़ा दिन भी कहा जाता है,यह पर्व परमेश्वर यीशु के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है  I क्रिसमस ईसाईयों का एक प्रसिद्ध त्योहार है सबसे खास बात यह है की यह हमेशा 25 दिसंबर को संपूर्ण विश्व में एक साथ मनाया जाता हैI  क्रिसमस दिसंबर महीना में जब आता है तो उसकी तैयारियां जोर- शोर से दिसंबर के शुरुआती दिनों से ही  आरंभ हो जाती है ,भारत से अधिक वैसे देश जहां ईसाईयों का बहुलता अधिक है वहां इसे और भी भव्य तरीके से मनाया जाता है I परमेश्वर यीशु का जन्म इसी दिन हुआ था उन्हें परमेश्वर का पुत्र कहा जाता हैI  यीशु मसीह को इस्लाम में ईसा कहा जाता है I इनके  माता मरियम और पिता का नाम जोसेफ था क्रिसमस का त्योहार आते हीं  लोग हर्षोल्लास- उत्साह के साथ इसकी तैयारियां करते हैं बच्चों और  विद्यार्थियों में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिलती है क्योंकि विद्यालयों एवं कॉलेजों में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है जिस के संदर्भ में करीब 10 दिन पहले से ही नाट्य रूपांतरण और समाज के हित में प्रेरणादाई भाषण की तैयारियां जोर- शोर से होती है जिसमें  विद्यार्थी और शिक्षक  मिलकर इस आयोजन को सफल बनाते हैं I

Friday, March 8, 2019

Essay in hindi on सह-शिक्षा | Co Education पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

कुछ विद्यालय ऐसे होते हैं जहाँ लड़के या लड़कियों की अलग पढ़ाई की व्यवस्था की जाती है I उस  विद्यालय में अगर लड़की पढ़ती है तो  लड़के का नामांकन नहीं होता ठीक उसी प्रकार जहां लड़के पढ़ते हैं वहां लड़कियों का नामांकन नहीं होता परंतु कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जहां छात्र एवं छात्राएं एक साथ बैठकर एक ही कक्षा में पढ़ते हैंI  जहां दोनों को समान  शिक्षक द्वारा शिक्षा प्रदान की जाती है,ऐसी  शिक्षा व्यवस्था को सह  शिक्षा प्रणाली कहा जाता हैI सह शिक्षा का अर्थ है जहां छात्र और छात्राएं एक साथ बैठकर पढ़ाई करते हैंI आज  शहरों में  उच्च व निजी   विद्यालयों में सह शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से समान  है और अनिवार्य  भी परंतु आज भी छोटे नगरों  व ग्रामीण विद्यालय में इस प्रकार की शिक्षा प्रणाली विवाद बना हुआ है कुछ बुद्धिजीवियों के मानना है कि जीवन चक्र के दो पहिया पुरुषों और औरतें हैं  दोनों को  मिलकर पहिये को खींचना है इसलिए दोनों को भविष्य में एक साथ ही जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठानी है इसलिए कोई भी क्षतियाँ सह-शिक्षा में नहीं है क्योंकि अगर छात्र एवं छात्राएं एक साथ शिक्षा ग्रहण  करते हैं तो एक दूसरे को भावनात्मक रूप से अच्छी तरह से समझते हैं जिसके कारण सामान्य दोस्त की तरह व्यवहार करते हैं जिससे कभी  हानि नहीं पहुंचा सकते क्योंकि उन्हें एक दूसरे से व्यवहारिक संबंध बनते हैं जिससे भविष्य में किसी प्रकार के दुर्व्यवहार अनैतिक कार्यों का बढ़ावा अच्छी नहीं लगतीI 

Essay in hindi on ईद | Festival Eid पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

ईद मुसलमानों का प्रसिद्ध त्योहार है जिसका बेसब्री से लोगों को इंतजार रहता है I यह  विश्व के  साथ -साथ  पुरे  भारत में बड़ी तैयारी के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैI  ईद एकता एवं आपसी मेल-जोल का प्रतीक है I  ईद -उल- फितर इस्लामी कैलेंडर के अनुसार दसवें महीने के पहले दिन मनाया जाता है यह  इस्लामी कैलेंडर के सभी महीनों के समान चांद के दिखाई देने पर शुरू होता है I  उस समय रमजान का पाक महीना में पूरा महीना व्रत रखा जाता है रोज सुबह जल व कुछ खा कर बिना पानी के पूरे दिन- भर रहना पड़ता है और उसके बाद पुनः शाम को रोजा तोड़ा जाता है I इसके लिए अल्लाह  आशीर्वाद ,ऊर्जा सभी में प्रदान करते हैं  जिसके कारण तापमान अधिक होने के कारण भी लू के समय भी प्यास के मारे गला सुखता है फिर भी लोग धैर्य के साथ आस्था व  अध्यात्म के प्रति निष्ठावान रहना हमें ईद सिखाता है I रमजान का महीना सबसे पाक महीना है इस समय लोग हर जरूरतमंदों को दान करते हैं और अपने कमाई हुई अंश का थोड़ा भाग ईद के दिन ईदी के   तौर पर दिया जाता हैI  रमजान के पूरे एक  मास बात आसमान में ईद के चांद के दर्शन होते ही इसकी घोषणा हो जाती है ईद की ,  ईद के दिन सुबह --सुबह लोग उठ कर नहा- धोकर नए-नए कपड़े पहनकर मस्जिद में सबसे पहले  नमाज पढ़ते हैं I   फिर हर समुदाय, धर्म के लोगों  को अपने घर पर आमंत्रित किया जाता है और पकवान का लुफ्त उठाया जाता हैI  बच्चे ,बुजुर्ग, महिलाएं सभी लोग गले लगा कर एक दूसरे का अमन चैन व तरक्की की कामना करते हैंI 

Tuesday, March 5, 2019

Essay in hindi on कृषि | Agriculture पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

हमारा देश कृषि प्रधान देश है जहां आज भी लगभग ६० फीसदी  लोग कृषि पर निर्भर रहते हैं|  हम जनसंख्या के लिहाज से पूरे विश्व में दूसरे स्थान पर काबिज है जहां सामान्यत: लोग गांव में रहते हैं और अपने खेतों में खेती-बाड़ी कर जीविका चलाते है I उन्हीं में से कोई बहुत बड़ा किसान तो कोई गरीब किसान होते हैं अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि भारतीय किसानों के स्थिति उतनी संतोषजनक नहीं होती इसके लिए काफी हद तक प्रकृति पर भी निर्भर रहना पड़ता हैI  अगर मौसम खेती के अनुरूप ना हो तो काफी नुकसान झेलना पड़ता है कभी सूखा तो ,कहीं बाढ़  तो कहीं ओला न जाने ऐसे कितने भी आपदाएं  झेल कर भी किसान अपने कर्तव्य का इमानदारीपूर्वक निर्वाहन करते  हैI   किसानों के हालात  संतोषजनक न  होने के कारण यह भी है  अधिक  किसान गांव में  रहते हैं उनमें से अधिक कम शिक्षित होते हैं जो खेती करने के सही विधि नहीं जान पाते परंतु वह अपने अनुभव व पूर्वजों के बताए गए मार्ग पर चल कर इमानदारी से मौसम अनुसार फसलें उपजाया करते हैंI

Essay in hindi on ताजमहल | Tajmahal पे हिंदी में निबंध (लेख ) nibandh lekh

बात उस समय कि है जब हम विद्यार्थी जीवन मे थे उस समय हमारे विद्यालय मे हमेशा  छुट्टीयो मे कोई ऐतिहासिक स्थल या पर्यटन स्थल घूमया जाता था I जो हमारे देश कि गर्व और भव्यता का प्रतिक हो। जिससे  हमें  प्राचीन भारत और हमारे संस्कृति के बारे में अधिक से अधीक जानकर अपनी ज्ञान  में वृद्धि कर सकें I उनमे से कुछ ऐतिहासिक महत्व रखने के साथ- साथ  अपनी आश्चर्यजनक सुन्दरता के लिये विश्व मे प्रख्यात होते थे  ऐसी स्थलो मॆ सबसे ज्यादा उत्सुकता ताजमहल देखनॆ के समय हमारे अन्दर थी। ताजमहल  मुगल सम्राट शाहजहा द्वारा बनाया गया था जो अपने प्रियतमा बेगम मुमताज महल के यादों में उनके कब्र के पास ही बनाया गया  इसकी भव्यता व सुंदरता की  जीतनी तारीफ की जाय शब्दों की कमी पड़ जाएगी ,चांदनी रात में इसकी चमक दूर -दूर से ही दिखाई पड़ती है जैसे  कोई कोहिनूर हीरा कोयले की खान में सी चमक रही होI  हमें याद है कि मैंने अपने शिक्षकों से अनुरोध किया था की कम से कम इसके बारे में अध्ययन और अधिक जानकारी के लिए दो-तीन दिन यहीं पर रुक अध्ययन किया जाए इसके पीछे हमारी मकसद यही था  इस  ताजमहल को हमेशा देखते रहें I ताजमहल आधुनिक में व भविष्य में भी सबसे आश्चर्यजनक भवनों में शुमार रहेगा मुगल वास्तुकला का सबसे उत्कृष्ट नमूना जिसके वास्तुकार ना सिर्फ  भारतीय बल्कि अफगानी ,फारसी अनेकों यूरोपीय ने मिलकर इसका निर्माण किया थाI

Saturday, March 2, 2019

Essay in hindi on महात्मा गांधी | Father of Nation Mahatma Gandhi पे हिंदी में निबंध (लेख )

भारत में अनेकों महापुरुष व महान व्यक्ति पैदा हुए हैं उन्हीं में से एक महापुरुष थे हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  I  लोकप्रियता के साथ- साथ सादगी विचारधारा वाले महात्मा गांधी का नाम मोहनदास करमचंद गांधी था ,वह अन्याय के सामने कभी न झुकने के कारण पूरा विश्व में प्रेरणीय हैI उन्होंने भारत के आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था उनके पिता राजकोट के दीवान थे जिनका नाम करमचंद गांधी था ,  माता का नाम पुतलीबाई था जो काफी अध्यात्मिक थीI  महात्मा गांधी अपनी मां के आध्यात्मिक विचार से काफी प्रभावित थेI उनसे प्रभावित होने की वजह  से ही हमेशा शाकाहारी जीवन व्यतीत कियाI संपूर्ण अहिंसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी जिसमे वो सफल हुए  जिससे  विश्वभर के लोगों में प्रेरणीय हुए Iगांधी जी ने अपने प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय प्राथमिक विद्यालय तथा उच्च विद्यालय में प्राप्त कीयाI   गांधीजी  ने खुद अपनी आत्मकथा में लिखा है कि मैं पढ़ने में  मेधावी छात्र नहीं था परंतु आज्ञाकारी और सब को आदर करने के कारण अपने  शिक्षकों के बीच काफी प्यारा था I बचपन में उन्होंने गलत संगत भी लगे परंतु जल्द  उन्हें अपनी गलती का आभास हुआ और सभी बुराइयों को त्याग दिए, गांधीजी मैट्रिक के इम्तिहान के बाद वे विधि व कानून की पढ़ाई करने इंग्लैंड 1887 में गए क्यूंकि उनके घर वाले चाहते थे की वह बैरिस्टर बनें I 

Thursday, February 28, 2019

Essay in hindi on दीपावली | Diwali पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

दीपावली या दिवाली हिंदुओं के चार प्रमुख त्योहारों में से एक है, यह दीपों और रौशनी का त्योहार है जिसके अध्यात्मिक मान्यताओं के साथ -साथ स्वच्छता व हमारे पर्यावरण को संतुलित करने में भी अहम भूमिका हैI   जिससे हमारे शारीरिक ,आंतरिक मन को भी स्वस्थ रहने में अहम भूमिका निभाता है, दीपावली जब भी आता है लोगों में जबरदस्त उत्साह व खुशी चेहरे पर देखते ही बनती हैI  दीपावली का अर्थ है दीपों का त्योहर अर्थात प्रकाश का प्रतीक जो अंधेरों में प्रकाश फैला कर डरावनी अंधेरे को दूर करता है उसी प्रकार इस पर्व का महत्व है कि दीपावली मनाने से हमारे बुरे विचार और अज्ञानी जीवन में ज्ञान फैलाकर वास्तविक दुनिया  से रूबरू कराता हैI

Wednesday, February 27, 2019

Essay in hindi on जनसंख्या का दुष्प्रभाव | Effect of Population पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

आज के दौर में जनसंख्या बेरोजगारी ,गरीबी व मानव त्रासदी का प्रमुख कारण हैI  जनसंख्या विस्फोटक पदार्थों से भी अधिक जानलेवा और परेशानियों का प्रमुख वजह भारत में  बना हुआ हैI  वैसे तो पूरे विश्व में जनसंख्या लगतार  बढ़ने से मुख्य समस्या बना हुआ है परंतु विशेषकर हमारे देश में आर्थिक रूप से कमजोर करने में बढ़ती जनसंख्या का बहुत बड़ा हाथ हैI  देश 1947 में आजाद हुआ था तब से हम लोग ढेर सारी समस्याओं  का सामना  कर रहे हैं उनमें से सबसे खतरनाक व विशाल समस्या है जनसंख्या का तेजी से बढ़ना लगभग दस से बारह लाख  औसतन प्रतिवर्ष जनसंख्या में इजाफा होता है, जिसके कारण आग की तरह यह तेजी से ना सिर्फ़ मनुष्य के घर वह स्थानों को अतिक्रमण कर वंचित हो रहे हैं बल्कि जानवरों के लिए भी जंगल धीरे- धीरे मनुष्य के रहने का स्थान में बदल कर जंगल से गांव कस्बों में तब्दील हो गईI 

Sunday, February 24, 2019

Essay in hindi on सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य | Army Training Importance पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

जब ब्रिटिश हुकूमत जब भारत पर शासन कर रहे थे तो हमारे देश की सुरक्षा की जिम्मेवारी उनकी थी, हम अपने देश में  ही उनके विरुद्ध आंतरिक लड़ाई लड़ रहे थे और आजादी के लिए जी जान से संघर्ष कर रहे थेI उस समय हम विदेशी आक्रमण के बारे में बिल्कुल चिंता- ग्रस्त नहीं थे मगर आज सब कुछ पूरी तरह से बदल गया है चाहे नीति हो रणनीति हो सभ्यता, संस्कृति आदिI  हमारा देश आधुनिकता के दौर में है आज हम पूरी तरह से स्वतंत्र सुरक्षित हैI  हर भारतीय का पहला कर्तव्य है कि अपने देश की रक्षा करना और कोई भी ऐसा कार्य न करना जिससे देश की शान धूमिल हो उन्हीं प्रमुख में से एक है विदेशी ताकतों के बीच से अपनी सीमा पार से विदेशी घुसपैठियों, आंतकवादीयों को रोकना जिससे अपराध भ्रष्टाचार कम होI

Saturday, February 23, 2019

Essay in hindi on Prime Minister नरेंद्र मोदी | Narendra modi पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

आजादी के बाद जो दीवानगी वह लोकप्रियता नेहरू जी को मिली थी ठीक उसी प्रकार की लोकप्रियता ना केवल राष्ट्र स्तर पर बल्कि विश्व स्तर पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए देखने को मिलती है I  नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को एक गरीब परिवार में हुआI  उनके पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी था और उनकी माता का नाम हीराबेन मोदी  हैI महज 6 साल की उम्र से ही मोदी ने अपने पिता जिनका चाय का दूकान था उनके साथ दुकान पर हाथ बंटाना शुरू कर दिया, नरेंद्र मोदी का गांव का नाम वडनगर हैI  छात्र जीवन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए I उन्होंने शुरुआती जीवन से समाजिक सक्रियता और स्नातक करने के बाद आर एस एस के पूर्णकालिक सदस्य बने उसके बाद उन्होंने घर छोड़ कर देश के तमाम तीर्थ स्थलों का भ्रमण किया जिसे मालूम चलता है कि नरेंद्र मोदी जी का अध्यात्म के प्रति अधिक लगाव हैI

Thursday, February 21, 2019

Essay in hindi on रेडियो | Radio पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

प्राचीन समय में रेडियो विज्ञान का एक सुखद उपहार था ,जो सारे संसार को एक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया अर्थात हम किसी भी स्थान पर किसी भी समय देश- विदेश के हालात व खबरें दस-पंद्रह मिनटों के अंदर ही रेडियो के माध्यम से विस्तृत में जान जाते हैं I इसके अलावा भी खबरों के प्रसारण के अलावा भी रेडियो हर व्यवसायियों, छात्रों, किसानों, गृहिणियों सभी वर्गों व उम्रों  के लिए  विशेष रूप से अलग -अलग कार्यक्रम का प्रसारण होता हैI पहले  रेडियो के माध्यम से संगीत और नाटक के साथ -साथ खेल का कमेंट्री सुनने में काफी लोकप्रिय थे आज के आधुनिक युग में भी तकनीकी उपकरणों का वर्चस्व जैसे टेलिविजन, कंप्यूटर ,मोबाइल ,इंटरनेट के आगमन के बावजूद रेडियो के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता, भले ही आज हम खबरें को सुनने के साथ -साथ लाइव देख भी सकते हैं फिर भी आकाशवाणी का महत्व उसके प्रसारण न सुनने की  कमी खलती हैI

Tuesday, February 19, 2019

Essay in Hindi on एकता | Unity पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

विचारों के सामूहिक मेल को एकता कहते हैं ,वैसे मुख्य विचारधारा जो सामाजिक भलाई के साथ- साथ देश के हमेशा विकास की राह में कदम से कदम मिलाकर चलने में सहायक हो यह एकता का ही उदाहरण हैI  एकता ‘एक’  होने की भावना को जागृत करता है ,जहां सभी लोग एकता के रूप में एक ही मन से किसी कार्यों ,उद्देश्यों  को ध्यान में रखकर किसी भी कार्य को अंजाम देते हैं जिससे सामूहिक भलाई हो सकेI  एकता लोगो  के मकसद ,निश्चय और मनोबल  को प्रोत्साहन कर मजबूत बनाती है ,जिससे कोई भी कठिन कार्य असान लगने लगता हैI  मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है वह बगैर समाज के शायद ही कभी रहना पसंद कर सकता है या यूं कहें कि बिना समाज का इंसान का जीवित रह पाना मुश्किल हैI  उनके सही- गलत कार्यों का फर्क समाज के पसंदानुसार और निर्णय के अनुसार ही निश्चय होता है यह उसकी स्वभाविक कमजोरी है कि किसी भी मनुष्य को अकेलापन पसंद नहीं हो सकती या यूं कहें कि अकेले रहने वाले मनुष्य हमेशा अवसाद से ग्रसित और जीने की लालसा को छोड़कर निराशावादी बन जातें है इसलिए वह हमेशा किसी भी कार्य को करने से पहले अपने परिवार के हर बड़े सदस्यों से परामर्श लेता है चाहे उसके कैरियर बनाना हो या किसी स्थान पर यात्रा करना या बैठना-उठनाI  परिवार के बाद पड़ोस वह अपनी जाति या संप्रदाय के साथ -साथ अपने गांव ,कस्बों या शहरों के मुहल्लों में  भी विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और विचारों का साझा या प्रस्ताव रखता हैI  जब लोग एकमत होने पर कोई विशेष परामर्श देते हैं तो उसका महत्व सही व नैतिक बन जाता हैI  भारत में प्रेम, धर्मनिरपेक्षता ,आपसी विचारों का सामंजस्य  के एकता के मिसाल पर  पूरी दुनिया हमेशा ही प्रेरणा लेती है I

Sunday, February 17, 2019

Essay in hindi on पुस्तकालय | Library पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

वह स्थान जहां विभिन्न प्रकार के पुस्तकों का संग्रह होता है उसे पुस्तकालय कहते हैं I जहां सभी लोग एक-साथ बैठकर अपने पसंदीदा और ज्ञानवर्धक किताबों का अध्ययन करते हैं या दूसरे शब्दों में पुस्तकों का घर को पुस्तकालय से संबोधन किया जाता हैI  पुस्तकालय से अपने आप में खास और विशेष लगाव प्रत्येक पाठकों के बीच  होता है क्योंकि यहां पर हर विचारधारा ,विषयों व लोगों के मनपसंद पुस्तकें हमेशा उपलब्ध रहती है जिससे मनुष्य का ज्ञान विस्तार होकर एक अच्छा चरित्र वाला इंसान बनने में प्रेरित करता है और जीवन के पथ पर हमेशा विकास के बयार की ओर निकलता हैI इसलिए पुस्तकालयों में हमेशा अच्छी-अच्छी कंटेंट और विषयों वाली पुस्तके होती हैं I अच्छी पुस्तकों  की संग्रह और सुचारु और सक्रियता से पुस्तकालय अपने आप में  शिक्षा का अलख जगाने का काम करती है चाहे वह नैतिकता से जुड़े हो या स्वास्थ्य या किसी अन्य विषय से जुड़े पुस्तकें ना सिर्फ पढ़ना बिल्कुल उसे अपने व्यवहार में हमेशा अमल  करने से हमारे पुस्तकालय जाने का आशय  पूरा होता हैI  पुस्तकालय हमारे जीवन के  साथ-साथ मन को ज्ञानी बनाता है जहां से हमारे विचारों का आदान-प्रदान व सूचनाओं से हमारे मन में  ढेर सारी खूबसूरत व उपयोगी विचार उत्पन्न होते हैंI  यहां से देश- दुनिया की नई और पुरानी बातें उनकी नीतियां उनके संस्कृति, वेशभूषा आदि सभी चीजों से रूबरू होने का सौभाग्य प्राप्त होता हैI 

Wednesday, February 13, 2019

Essay in hindi on सुभाष चंद्र बोस | Subash Chandra Bose पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

भारत  वीरो एवं वीरांगनाओं का देश है ,प्राचीन समय से ही  शौर्य व बलिदानों के लिए यह  प्रख्यात है। यहां के लोगों ने अपने निजी वह आरामदायक जिंदगी छोड़कर देश हित के  लिए कड़ा संघर्ष किया और अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया ऐसे कई महापुरुषों महात्मा गांधी ,भगत सिंह, लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस, गोपाल कृष्ण गोखले ,सुभाष चंद्र बोस ,पंडित जवाहरलाल नेहरू आदि जैसे कई महापुरुषों  को अथक व कड़ा संघर्ष के फलस्वरूप आज देश में हम चैन की सांस ,स्वतंत्रतापूर्वक अपने राय रखना और अपने सपनों के हासिल करने की जज्बा रखते हैं । इन्होंने आजादी के लिए ना सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार, दोस्तों और समाज के  लोगों को अंग्रेजों के विरुद्ध कड़ा संघर्ष और अपने हक की अधिकार मांगने के लिए प्रेरित किया। जिसके कारण आज हमारा देश स्वतंत्र हुआ और स्वदेशी लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू की गयी। मातृभूमि के इस नि:स्वार्थ व देश-प्रेमियों का नाम इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा इन विभूतियों का स्मरण मात्र से ही लोगों में देशभक्ति के साथ- साथ देश के प्रति कर्तव्यों के निर्वाहण व अन्याय के विरुद्ध लड़ने को प्रेरित करता है।

Essay in hindi on विज्ञान का योगदान | Contribution of Science पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

किसी भी है विषय व क्षेत्र में क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कहते हैं या किसी भी जुड़े विशेष विषयों उनके बारे में तमाम जानकारियों से परांगत  होना ही विज्ञान की श्रेणी में खड़ा करता हैIआज के आधुनिक युग में बिना विज्ञान के योगदान के बिना जीवित रहना भी संभव नहीं है ,आज की दुनिया दस वर्ष के पहले की  दुनिया से काफी बदलाव हो गया है पहले हमारे पूर्वजों 30 वर्ष पहले की बात और आज की जमाने की बात करते थे व संसाधनों की कमी व अपनी विवशता को स्मरण करते थे परंतु आधुनिक युग में 10 वर्ष में ही  विज्ञान के दौर में काफी बदलाव आ चुके हैं I विज्ञान का असर हमारे दैनिक जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है या यूं कहें यह पूरी तरह से एक विशाल व प्रभावी क्रांति का रूप ले लिया हैI  आज किसी भी तरह की सोच -अवधारणा जो पहले असाधारण वह केवल सपने की सोच होती थी आज  सभी साधारण और हकीकत में तब्दील हो गया है,

Sunday, February 10, 2019

Essay in hindi on मेला | Fair Festival पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                         
एक वैसे स्थान जहां काफी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं या वह स्थान जहां विभिन्न प्रकार की दुकाने जो किसी उद्देश्य अथवा पर्व के अवसर पर एक ही जगह सजाई जाती है उन्हें मेला कहते हैं I मेला का अर्थ है विविधता से भरी रंग- बिरंगी चूड़ियां व  स्वादिष्ट से भरपूर मिठाइयां , आकर्षक खिलौने आदि के साथ -साथ झूले- चरखे  आदि  एक ही जगह एकत्रित होते हैं मेला शहरों से ज्यादा गांव में काफी आकर्षक व उत्साह देखने को मिलती है क्योंकि शहर में संसाधनों की आपूर्ति व हर तरह के दुकानें प्रतिदिन सजी  रहती है परंतु गांव में इसके विपरीत वैसे मौके पर मेला का आयोजन होता है जब कोई पर्व  या किसी महात्मा व साधु- संतों के जन्म या पुण्यतिथि हो I मेरे गांव में दशहरा के अवसर पर मेला का आयोजन होता है जिसमें हर वर्ग के लोग व हर उम्र के लोग आस-पास के क्षेत्रों  के व्यवसायी व ग्रामीण लोग सभी शामिल होते हैंI यह मेला दशहरा  के तत्वधान में हमेशा दुर्गा मंदिर के समीप लगाया जाता है उस समय हमारी गांव की भव्यता व चर्चा पूरे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा होती है ग्रामीणों के संपूर्ण प्रयास से हमेशा दशहरे के दिन आकर्षक मूर्तियां  व सुंदर सजावट ना केवल मंदिर के प्रांगण में देखने को मिलती है बल्कि नवरात्र के नौ दिन पूरी गांव रौशनी  से जगमग रहती है परंतु मेले का आयोजन दशहरा के जिस दिन रावण जलाया जाता है उस दिन होता है I

Wednesday, February 6, 2019

Essay in hindi on होली | Holi Festival पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

               
होली भारत का महत्वपूर्ण त्योहार है या यूं कहें कि भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय त्योहारों में से एक है क्योंकि इस पवित्र एवं उत्साह के रंग में सभी धर्म, रंग ,वेशभूषा, जाति, संप्रदाय के लोग एक ही रंग में झूमते हुए  दिल से एक दूसरे को गले लगा कर इस पर्व का लुफ्त उठाते हैं I  होली के रंग में लोगों के बीच गिले-शिकवे दूर हो जाता है एक दूसरे के साथ गले मिलते हैं चाहे बच्चे हों  या बड़े सभी लोगों के उत्साह होली के दिन देखते ही मिलता है I होली का भारत में काफी महत्व है इसके संदर्भ से बहुत सारी पौराणिक प्रचलित कथाएं है परंतु सबसे प्रसिद्ध कथा है कि आज ही के दिन भक्त पहलाद को नया जीवन मिला था अर्थात उन्हें मारने की असफल कोशिश उनके पिता राक्षस हिरण्यकश्यप  के द्वारा किया गया थाI  राजा हिरण्यकश्यप नामक राक्षस ने भगवान  विष्णु से नफरत के कारण वह अपने राज्य में किसी को भगवान का उपासना करने नहीं देता था परंतु उसका पुत्र पहलाद भगवान का अत्यंत ही भक्त था जिससे हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को मृत्युदंड देने की घोषणा कियाI उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को भस्म करने के लिए भेजा, होलिका को वरदान मिला था कि वह कभी भी आग में भस्म(जल) नहीं सकतीI

Essay in Hindi on वर्षा ऋतु | Rainy Season पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                
भारत में सभी देशों के मुकाबले सबसे अधिक मौसम में विविधता पाई जाती हैI यहां ऐसे  सामान्यतः छह ऋतुएं  है परंतु मुख्य रूप से चार हैंI मेरे नजर में उन सब से अधिक उपयोगी ऋतु,वर्षा ऋतु हैI  वर्षा ऋतु की शुरुआत सुबह के बादलों से भरी होती है सूर्य भगवान का आगमन आकाश में स्पष्ट नहीं दिखाई देते, गर्गराहट  और समय-समय  पर बिजली का चमकने  से कभी -कभी डरावनी भी लगती हैI  उस समय पूरी वायुमंडल का वातावरण बदल जाता है थोड़ा अंधेरा छाई रहती है और बारिश  से भीषण गर्मी से राहत मिलती है इस मौसम में अधिकांशत: कोई भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकलता यह मौसम सभी जीव-जंतु व प्राणियों के लिए वरदान हैI यह मौसम बच्चों को बहुत ही लुभाती है इस मौसम में बच्चे वर्षा में अपने आप को भिंगोते हैं, नदियां व छोटे-छोटे तालाबों में तैरते हैं तो कहीं देखा जाता है कि उत्साह भरे अपने कागज के नाव को, खिलौने वाले बत्तख को पानी में तैराना काफी मनोरंजन बना देती हैI

Friday, February 1, 2019

Essay in hindi on अनुशासन | discipline पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

      
वर्तमान में देश की सबसे बड़ी समस्या अनुशासनहीनता हैI भ्रष्टाचार,अराजकता आदि बड़ी -बड़ी घटनाएं घटित होने में अनुशासनहीनता सबसे बड़ी कारण है या यूं कहें कि अनुशासनहीन व्यक्ति असमाजिक के साथ- साथ पशु के समान मूर्ख व समाज के दुश्मन होते हैI जिन्हें संवेदनशीलता, नैतिकता से कोई लेना देना नहीं होता,अनुशासन का अर्थ है  आज्ञाकारी व समाज द्वारा बनाए गए नैतिक नियमों का पालन करना जिससे समाज को उचित कर्तव्य निर्वाहन  कर भला हो सकेI  जिससे हम खुद के साथ- साथ पूरे  देश का विकास कर सके इसलिए इन नियमों के अनुसार कार्य करने की आदत डालनी चाहिएI  बड़े -बुजुर्गों और ज्ञानी लोगों के दिए गए सुझावों को ईमानदारी से  बखूबी निभाना ही  अनुशासन  कहलाता है I हम दुनिया के किसी भी क्षेत्र में इस निश्चित नियम को पालन करके ही सफल व इंसान कहलाने योग्य बन सकते है,क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समाज में ही रहता है जहां रीति- रिवाज ,उचित- अनुचित ,नैतिक- अनैतिक, वेशभूषा , आदर -अनादर जैसी बातें बचपन से ही सिखाया जाता है ताकि वह भविष्य में अपने परिवार व समाज के लिए कुछ कर सकेI कोई भी इंसान आगे अपने क्षेत्र में समाज के कारण ही बढ़ सकता है जो कि उसके अच्छे किए कार्यो  ,फैसलों पर समर्थन करता हैIहमें सफल और लोगों में विश्वासी बने रहने के लिए अनुशासित और आज्ञाकारी जिंदगी जीना होगा जिससे एक अच्छे इंसान व्यक्तित्व की उत्पत्ति हो फिर जिससे लोग भी व्यक्तिगत रूप से आपके लिए आपके हित में सब कुछ समर्पित कर देंगेI

Essay in hindi on डाकिया | Postman पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh


वैसे डाक विभाग में कार्यरत व्यक्ति जो पत्र,मनी-ऑर्डर आदि दूसरे घर तक पहुंचाने का कार्य करता है उसे डाकिया कहते हैंI डाकिया की नियुक्ति सरकार द्वारा किया जाता है और सरकार से ही उनका आजीविका चलती है अर्थात सरकार द्वारा ही उनकी वेतन दी जाती हैI  डाकिया का ड्रेस खाकी पैंट , खाकी कमीज ,खाकी टोपी या पगड़ी होती है जो अपने साथ खाकी रंग का थैला या चमड़े का थैला लिया रहता है जिसमें पत्र ,मनीऑर्डर आदि संबंधी कागजात भरे होते हैंI अगर हम आज से करीब तीन दशक पहले की बात करें जब विज्ञान का प्रभाव  संचार माध्यम में थोड़ा कम था तब उतनी मोबाइल, कंप्यूटर आदि जैसे उपकरणों का वर्चस्व नहीं था तब  एक दूसरे का हाल-चाल या किसी दूसरे स्थान पर पैसे और तोहफे आदि  पहुंचाने का कार्य पत्र,मनीऑर्डर आदि के माध्यम से ही की जाती हैI   गांवों, कस्बों ,शहरों  आदि सभी जगह पर पत्र के माध्यम से हि एक दूसरे को सुख -दु:ख का  समाचार लेते या किसी प्रकार के आर्थिक सहायता हो या कहीं दूर अपने भाई को राखी भेजना हो या किसी विशेष पर्व के सामग्री हो सभी डाकिया के माध्यम से ही संभव हो पाता है Iआज भी तकनीकी रूप से सक्षम होने के बावजूद पत्र और मनीआर्डर , डाकपोस्ट आदि का  प्रचलन कम नहीं हुआ हैI  डाकिया हमारे लिए हर मौसम व परिस्थितियों में भी काम  करता है चाहे धूप हो या मूसलाधार बारिश,कंपकंपाती ठंड में भी  घर- घर जाकर परिवार को खबर देता हैIहमारे मुस्कान को बढ़ाने में डाकिया का सहयोग अतुलनीय है ,डाकिया की जिंदगी में शायद ही कभी फुर्सत  के पल हो I 

Monday, January 28, 2019

Essay in hindi on सफलता के लिए गुण | Successful in Life goal पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

            
जीवन में संघर्ष और दु:ख से दूरी बनाना कठिन है और कमजोरी भी, क्योंकि जीवन संघर्ष से परिपूर्ण हैI इससे जगत में हर प्राणी चाहे मनुष्य हॊ या जीव-जंतु, सभी लोग संघर्ष और दु:ख से निकलने के लिए हमेशा ही उत्सुक रहते हैं क्योंकि कोई भी संघर्ष व दु:ख अधिक नहीं सहन करना चाहता I संघर्ष का अर्थ केवल कठिन परिश्रम करना ही नहीं है बल्कि जिस क्षेत्र में वह कठिन परिश्रम कर रहा है उसके बावजूद उसे अपेक्षित सफलता ना मिले, फिर भी सकारात्मक सोच के साथ लगातार परिश्रम जारी रख रहा है वहि संघर्ष का पर्याय है I यह नहीं कहा जा सकता कि पूरे विश्व में प्रत्येक व्यक्ति सफल हो क्योंकि किसी विद्वान ने कहा है कि असफलता एक सामान्य बात है पर सफल होना एक अपवाद की तरह है I

Saturday, January 26, 2019

Essay in Hindi on गाय | Cow पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                           
गाय एक पालतू जानवर है ,गाय को विश्व की अपेक्षा भारत मे जानवरों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता हैI  प्राचीन काल से ही भारत में गायों के प्रति अध्यात्मिक, व्यवसायिक रूप से काफी अहम माना गया हैI गाय का विशेषकर हिंदू धर्म में माता का रूप दिया गया है जो देवी- देवताओं के भाँती पूजनीय हैं, गाय के चार पैर,दो सींग एक लंबी पूछ है होती है I गाय के पैरों में  खुर होते हैं जो उनके दलदली व ऊँचे -नीचे  जैसे स्थानों में भी आसानी से चलने में मदद करता है ,गाय के बारे में आध्यात्मिक रूप से अगर बात किया जाए तो गाय का गोबर एवं मूत्र काफी पवित्र है जो कि हर सत्संग ,पूजा- पाठ के प्रारंभ में  गाय के गोबर से पुताई करना उस पूजा स्थल को शुद्ध माना गया है I गाय का मूत्र को गंगाजल की भांति ही पवित्र माना गया है ,गाय को गौ भी  कहा जाता है, गाय में ऐसा माना गया है कि सर्वाधिक देवी -देवताओं का वास हैI  गाय के दूध से मक्खन , दही, मिष्ठान आदि में प्रयोग की जाती  हैI सभी जानवरों जो घरेलू व मनुष्यों के दूध देने का कार्य करती हैं उनमें गाय सर्वश्रेष्ठ हैI 

Thursday, January 24, 2019

Essay in Hindi on समाचारपत्र News Paper पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                
देश-विदेश की वर्तमान स्थिति और उनके बारे में पूरे विस्तृत जानकारी हमें समाचारपत्र के माध्यम से मिलती है। समाचारपत्र को देश का चौथा स्तंभ के रूप में माना गया है, यह हमेशा से ही हमारे लिए उपयोगी रहा है चाहे वह अंग्रेजों कि सरकार को उखाड़ फेंकने में और युवाओं में जोश भर कर क्रांति लाने में या वर्तमान दौर में किसी भी सत्ता काबीज सरकार को कुर्सी उखाड़ फेंकने में समाचार पत्र की भूमिका अहम है। खेल, राजनीतिक फिल्में ,राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय आदि खबरें हमें समाचार पत्र द्वारा मिलती है।  प्रसिद्ध लेखकों ,नेताओं ,विद्वानों  के विचार को जनता के पास पहुंचाने का कार्य करता है। यह सरकार और जनता के बीच पुलिया का कार्य करता है,इसका प्रभाव व शक्ति का उपयोग हमेशा न्यायपालिका व सरकारों के चल रहे अनेकों  योजनाओं के बारे में विस्तृत सूचना दे कर जनता को जागरूक करने का कार्य करता है ,वैसे तो आधुनिक युग में विज्ञान द्वारा अनेकों उपकरणों के माध्यम से संचार व्यवस्था काफी तेजी से कार्य करता है हम मिनटों में देश -विदेश की खबरें की जानकारियां हमें इंटरनेट व टेलीविजन, रेडियो आदि जैसे उपकरणों के माध्यम से मिल जाती है

Tuesday, January 22, 2019

Essay in Hindi on झांसी की रानी | Jhansi ki Rani पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                    
भारत हमेशा से ही वीरता और विद्वानों के लिए प्रसिद्ध हैI  भारत एक शांतिप्रिय देश है जहां आपसी प्रेम और अहिंसा के साथ- साथ अनुशासन लोगों के रग-रग में बसा हुआ है, यहां के लोग जितने परिश्रमी वह दयालु हैं शायद ही कहीं देखने को मिले ,यहां अतिथियों को भगवान माना जाता है  परंतु जब भी कोई बाहरी आक्रमण भारत पर बुरी नजर डालता है तो उन्हें ईंट  का जवाब पत्थर से दिया जाता है I  देशसेवा और राज्यधर्म के लिए लोग नि:स्वार्थ रूप से अपना सब कुछ न्यौछावर कर देते हैं, ऐसे वीर-वीरांगनाओं की परिचय देना भारत में  सूर्य को दीया दिखाने के समान है क्योंकि भारत में वीर-वीरांगनाओं कि ऐसी अनेको कथाएं हैं जिन्होंने अपने देश स्वराज के रक्षा करते हुए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दियाI 

Saturday, January 19, 2019

Essay in Hindi on खेल का महत्व | Importance of Sports & Games पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                
किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए हमें अपनी जिंदगी को ऊर्जा से भरपूर के साथ-साथ सकारात्मक सोच बहुत जरूरी है I  इसके लिए स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है या यूं कहें कि स्वास्थ्य ही धन है अगर हम स्वस्थ हैं तो सुंदर, धनी, बुद्धिमान एवं प्रतिष्ठित बनते हैI स्वास्थ्य को बनाए रखने में खेल का महत्वपूर्ण योगदान हैI अगर हम स्वस्थ ना रहें तो हम कोई भी कार्य  सही ढंग से नहीं कर सकते , चाहे वह छोटी कार्य हो या बड़ी कार्य क्योंकि बीमार और अस्वस्थ व्यक्ति किसी को पसंद नहीं क्योंकि ना तो वह मानसिक रूप से सक्रिय होकर बेहतर सुझाव दे सकते हैं और ना ही कठिन परिश्रम ही कर सकते I जो अस्वस्थ होते हैं वह मंदबुद्धि के हो जाते हैं जिसके कारण उन्हें पढ़ाई या किसी और भी कार्य जिसमें कठिन परिश्रम करना हो वह पीछे रह जाते हैंI खेल ना केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी ताजगी महसूस कराता है, जो इंसान को ऊर्जावान ,शारीरिक रूप से और मानसिक रूप से सकरात्मक सपनों से भरपूर रहने में मदद करता हैI  खेल हमारे शारीरिक क्षमता के साथ- साथ कौशल को सुधारने हेतु में मदद करता है किसी भी व्यक्ति को सफल और खुशहाल  जीवन जीने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फीट रहना होता है जिसमें खेल की भूमिका काफी अहम है I खेल को चाहे वह निजी जिंदगी हो या पेशेवर दोनों ही माध्यम से यह हमारे लिए फायदेमंद है निजी जिंदगी की बात करें तो हमारे व्यस्त एवं भागदौड़ भरे जीवन के कार्यक्रम में यह तनाव और थकावट को दूर कर तंदुरुस्त और ऊर्जावान बनाता है I वहीं खेल के किसी प्रकार को हम पेशेवर की तरह अपने लक्ष्य  बनाने पर जीविका के साथ -साथ प्रतिष्ठा व भी देता हैI 

Friday, January 18, 2019

Essay in hindi on मातृभूमि | Motherland पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

             
 मैं अपने मातृभूमि से बहुत प्यार करता हूं, मातृभूमि का आशय यह है कि जो जिस देश या स्थान पर जन्म लेता है वही उसकी जन्मभूमि या मातृभूमि कहलाता है I  मुझे अपने देश के नाम लेते हि  गर्व के साथ समर्पण व अनुशासन की भावना जागृत होती है I दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों में से एक प्राकृतिक सुंदरता व भव्यता के कारण मुझे मेरी मातृभूमि से विशेष  लगाव है और गर्व भी  कि मैं एक भारतीय हूंI मेरा जन्म “भारत” देश में हुआI  इस देश का विशेषता का वर्णन करना  शब्दों में संभव नहीं है I भारत हर क्षेत्रों  में दुनिया के लिए प्रेरणीय  है I सभी लोगों को अभिलाषा  होती है, एक बार हमारी मातृभूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त होI प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति अलग-अलग सभ्यता से भरपूर है हमारा देश ,उसके बावजूद सभी लोग एक ही रंग में रंगे हैंI  संस्कृति भले ही अलग है भाषाएं अलग है ,लेकिन लोगों के मन में एक ही एहसास है भारतीय होने पर गर्वI  हमारे देश को लगभग 3 भागों में विभाजित किया जा सकता है उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र, उपजाऊ मैदान और दक्कन (दक्षिणी)I  उत्तरी क्षेत्र में हिमालय और उसके विभिन्न शाखाओं के लिए जाना जाता है जो हमारे लिए काफी उपयोगी है , कृषि प्रधान देशों में सर्वश्रेष्ठ भारत में फसलें उपजाऊ का प्रमुख कारण हिमालय एवं उनके अन्य शाखाओं से ही  संभव है, जो प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाने के साथ-साथ इनका जलवायु ठंड होने के कारण पर्यटकों को तो  आकर्षित करता ही है, साथ ही साथ प्रमुख नदियां- गंगा, यमुना ,ब्रह्मपुत्र आदि जैसे नदियां यहीं से होकर गुजरती हैI  जिनके बहाव के कारण उपजाऊ मिट्टी खेत में पहुंचती है इसलिए इन्हें भारत के समृद्धि भी बोल  सकते हैं I यहां की जलवायु शुद्ध वातावरण के कारण स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक लाभदायक हैI हिमालय का सर्वोच्च शिखर माउंट एवरेस्ट विश्व का सर्वोच्च शिखर भी हैI  यह हमारे अभिवावक के तौर पर भी जाने जाते हैंI 

Thursday, January 17, 2019

Essay in Hindi on जीवन का लक्ष्य | for School Students पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                 
किसी विद्वान ने कहा है कि कर्म ही पूजा है, क्योंकि हम जो भी जिंदगी में करते हैं उसी के अनुसार फल मिलता है I कोई प्रतिष्ठित व्यक्ति तो कोई घृणित ,अमीर , गरीब ,मध्यमवर्ग आदि जैसे वर्ग में शामिल हो जाते हैंI हमें  जीविका चलाने के लिए हमेशा कार्य करना होता है , जिसके पास धन की कमी नहीं है वह भी आनंदित  मुद्रा में कार्य करते हैंI अगर हम कोई कर्म ही न करें तो,हमारा जीवन जानवर से भी बदतर हो जाएगा, क्योंकि जानवर को भी अपने भोजन के लिए कर्म करना पड़ता हैI मनुष्य की पहचान उनके किए गए कर्मों और लिए गए फैसलों से होता है I परिश्रम और कार्य का मतलब यह नहीं कि हम जीविका चलाने के लिए कोई भी कार्य कर ले जो घृणित हो या जिसमें आपकी कोई रुचि ना हो, बल्कि हमें सही समय पर अपना मनचाहा लक्ष्य  को निश्चय और निर्णय करने की जरूरत है और उसके बाद धैर्य के साथ नियमित कड़ा परिश्रम करके अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है I परंतु कोई भी  निर्णय करने से पहले उसके बारे में जानकारी और ज्ञान होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि हमारी मनचाहा लक्ष्य बहुत ही  सपनों की तरह होता हैI 

Tuesday, January 15, 2019

Essay in hindi on विद्यार्थी एवं परीक्षा | Student & Examination पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                    
परीक्षा हमेशा विद्यार्थियों के मन में भय पैदा करती है ,चाहे वे मेघावी छात्र हों या औसत मगर सभी लोग के मन में एक ही अभिलाषा जागृत होती है कि किसी भी तरीके से परीक्षा के परिणाम बढ़िया आये या दूसरे शब्दों में यह कहे कि विद्यार्थियों के लिए एक जांच है परीक्षा, जो उनके परिपक्वता और आत्मविश्वास को जोड़ता है, जिससे खुद की कमियां, त्रुटियों का आकलन कर  निरंतर सुधार करते हैं I जैसे-जैसे परीक्षाएं नजदीक आने लगती है वैसे -वैसे विद्यार्थियों की मेहनत और अधिक हो जाती है उनको हमेशा डर परीक्षा की सताती है वर्तमान में भी जाकर भविष्य के बारे में सोचने लगते हैं ,जिससे उनका वर्तमान भी काफी प्रभावित होने लगता है

Essay in hindi on चुनाव (निर्वाचन) Election पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                         
चुनाव इन दिनों विशेष मायने रखता है ,किसी भी लोकतांत्रिक देश में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि और सरकार का  देश पर शासन होता  है I प्रत्येक ऐसे नागरिक जो 18 वर्ष से ऊपर हो स्वतंत्रतापूर्वक अपनी इच्छानुसार वोट देने का अधिकार है, अर्थात दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि देश के न्यायपूर्ण संचालन का बागडोर देना जनता पर निर्भर करती हैI  इसलिए सरकार जनता के प्रति जवाबदेह हैI  देश में चुनाव की परंपरा प्राचीन समय से ही चला आ रहा है ,जब राजशाही शासन व्यवस्था था तब भी सम्राट, राजाओं व मंत्रियों द्वारा अपना उत्तराधिकारी का चुनाव करते थे, जिसमें जनता की कोई भागीदारी नहीं होती थीI  राष्ट्रीय रूप से  भारत में सर्वप्रथम चुनाव सफलतापूर्वक लॉर्ड  लिनलिथगो  के कार्यकाल में  हुआ थाI स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश की प्रथम पहचान स्वतंत्र रूप से वोट अर्थात मत देने का अधिकार है ,भारत एक ऐसा देश है जहां जनता को शासन संबंधी कार्य में भाग लेने का अधिकार दिया गया हैI देश में निष्पक्ष रुप से चुनाव( निर्वाचन) और जनता के हाथ में मौलिक अधिकार के साथ -साथ मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना भारत के लोकतंत्रात्मक  राष्ट्र की पहचान हैI  भारतीय संविधान सभा का निर्माण कैबिनेट मिशन के संस्तुतियों के आधार पर किया गया था, मिशन योजना के तहत

Thursday, January 10, 2019

Essay in hindi on इंटरनेट | Internet पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                         

 इंटरनेट आधुनिक विज्ञान का एक आश्चर्यजनक उपयोगी अविष्कार है I इंटरनेट का अर्थ होता है अंतरजाल , जिस पर यह बिल्कुल खरा उतरता है I यह सारे संसार के लोगों के बीच तालमेल बैठाकर एक दूसरे को परिचित कराने का काम किया है ,इंटरनेट के माध्यम से हम वह हर काम कर सकते हैं जो उपयोगी एवं अनिवार्य होI  इंटरनेट का असर किसी भी क्षेत्र से अब अछूता नहीं है ,चाहे वह  व्यापार, उद्योग, शिक्षण, सरकारी, गैर- सरकारी दस्तावेजों का अवलोकन  कागजी लेखा-जोखा या  किसी के साथ बातचीत करना होI   वीडियो के माध्यम से हम एक दूसरे को क्रियाशील माध्यम में नजर रखना इत्यादि सभी चीजें अब इंटरनेट के माध्यम से संभव है I इंटरनेट नेटवर्किंग का सूचना का वेब है ,जो कंप्यूटर डिवाइस को विश्व स्तर पर एक साथ जोड़ता है , यह एक ऐसा नेटवर्क है जिससे किसी भी कंप्यूटर डिवाइसेज इसके माध्यम से अन्य कंप्यूटर डिवाइसेज से संपर्क करते हैंI  अर्थात यह परस्पर  जुड़े हुए कंप्यूटर नेटवर्क की वैश्विक प्रणाली है ,जिसके माध्यम से सूचना का आदान- प्रदान किया जाता हैI 

Essay in hindi on सरस्वती पूजा | Saraswati puja पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

                       
 सरस्वती पूजा माघ महीने में शुक्ल पक्ष के वसंतपंचमी के दिन मनाई जाती है, सरस्वती मां को विद्या एवं बुद्धि की परम देवी माना गया है, माता सरस्वती के कृपा से मानव एवं जीव -जंतुओं को वाणी प्राप्त हुआIसरस्वती पूजा विद्यार्थियों के बीच काफी लोकप्रिय हैIस्कूलों,कॉलेजों तथा हर शिक्षण संस्थानों में हर वैसी जगह जहां गीत- संगीत,नृत्य आदि जैसे कला का गुर सिखाया जाता है, बड़े ही धूम-धाम से यह उत्सव  मनाया जाता हैIमां सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी माना जाता है, उनका सवारी हंस है,उनका आसन कमल जो सादगी और स्वच्छता का प्रतीक है I मां सरस्वती श्वेत वस्त्र धारण करती हैं  जो की सादगी का प्रतीक है, जिससे यह शिक्षा मिलती है कि विद्या ग्रहण करने वालों को आकर्षक एवं कीमती वस्तुओं का धारण नहीं करना चाहिए ,मां सरस्वती की चार भुजाएं हैं उनकी एक हाथ में वीणा जो संगीत का ज्ञान आवश्यक माना गया है ,गीत एवं संगीत को भक्ति एवं आध्यात्मिक रूप से काफी अहम माना गया है ,दूसरे हाथ में पुस्तक जो ज्ञान का शिक्षा देती है और एक हाथ वरमुद्रा  में और एक हाथ पुष्पमाला से सुसज्जित  हैI  पुराण  एवं शास्त्र के अनुसार वसंत पंचमी अर्थात सरस्वती पूजा के अलग-अलग ढंग से  चित्रण और सुनने को मिलता हैI मां सरस्वती का इसी दिन जन्म हुआ था इसलिए उनके जन्म दिवस के रूप में भी भी यह पर्व मानाया जाता हैI  मां सरस्वती को भगवती शारदा,वीणा- पानी, वागेश्वरी और वाग्देवी के नामों से भी जाना जाता है, सरस्वती पूजा के तैयारियां कुछ दिन पहले से ही  शुरू हो जाती है पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ मोहल्ले ,कस्बों तथा गाँवों   में चंदा जमा करते हैं और पूजा के अवसर पर मां सरस्वती के सुंदर मूर्तियां सजावट व सुंदर वस्त्रों से सजा कर उनकी आराधना करते हैंI इस दिन स्त्रियां पीले रंग का वस्त्र धारण करती हैं

Monday, January 7, 2019

Essay on कुंभ मेला Kumbh mela in hindi पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

कुंभ हिंदुओं का पवित्र एवं अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, कुंभ का आयोजन 12 वर्ष के समयांतराल  बाद होता है और इनके मध्यांतर में अर्धकुंभ भी लगता है जो 6 वर्ष के बाद आता है जब सूर्य और चंद्रमा वृश्चिक राशि में  बृहस्पति मेष राशि में प्रवेश करता है ,तब कुंभ मेला का संयोग बनता है। कुंभ पर्व का आयोजन हरिद्वार के गंगा नदी पर प्रयाग के संगम तट पर जहां गंगा ,यमुना एवं सरस्वती का मिलन है, नासिक में गोदावरी नदी और उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे आयोजन होता है I कुंभ मेला विश्व के किसी भी सामूहिक व धार्मिक मेला से जनसंख्या एवं वर्चस्व के मामले में सर्वश्रेष्ठ है, शास्त्रों के अनुसार उस दिन कुंभ पर्व पर श्रद्धालु दान, स्नान, पूजा- अर्चना साधु- संतों का दर्शन करते हैं, ऐसा माना जाता है कि  कुंभ के अवसर पर स्नान करना एक लाख वर्ष पृथ्वी के परिक्रमा के तुल्य के बराबर एवं सैकड़ों यज्ञ के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है ,विद्वानों के अनुसार उस दिन का शाही स्नान दुर्गुणों को दूर कर सद्गुण विचारों का आगमन होता है I इस दिन दान देने से मोक्ष की प्राप्ति होती है एवं मरणोपरांत स्वर्ग लोक में स्थान मिलती है, स्वर्गलोक एक ऐसी जगह है जो हमारे मरने के बाद किए गए नैतिक एवं उचित कार्य व कर्मों के अनुसार प्राप्त होता है, जहां सुख- समृद्धि के साथ- साथ वैभव एवं आनंद का साधन होता है ,वहीं नरक के बारे में कहा जाता है कि  हमारे द्वारा किए गए अनुचित एवं अनैतिक कर्मों का सजा दिया जाता है, जहां यातना एवं कठोर दंड दिया जाता हैI

Thursday, January 3, 2019

Essay on Republic day गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) in hindi पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh

 गणतंत्र दिवस हमारे देश का राष्ट्रीय पर्व है यह हर वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है, इसी दिन 1950 में आजादी के बाद भारत का अपना संविधान और लोकतांत्रिक ढांचे नए सिरे से लागू हुआI  भारतीय शासित देश बना अर्थात गणतंत्रात्मक बना ,26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस जो देश की पूर्ण स्वाधीनता का प्रतीक है इस दिन हम उन सभी महापुरुषों को याद करते हैं जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया,इसका ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्त्व है ,जो हमेशा प्रेरणीय  हैI

 वैसे तो अंग्रेजों का भारत में  आगमन 1600 में व्यापारिक  सबंध स्थापित कर हुआ,और धीरे -धीरे राजतंत्र व्यवस्था को समाप्त कर बंगाल, मैसूर आदि अनेक शक्तिशाली  प्रांतों एवं राज्यों पर अधिकार कर लिए, कंपनी के अधीन गवर्नर जनरल की नींव से पुरे भारत में  राजतंत्र व्यवस्था को ख़त्म कर पुरे देश को कब्जे में ले लिया,सोने की चिड़िया जैसी देश पूरी तरह से  अंग्रेजों का गुलाम हो चुका था ,ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीयों को अपने ही देश में सामान्य जीवन जीने का सारे अधिकार छीनने लगे थे,कृषि प्रधान देश के  किसान अपने ही देश में दर-दर भटक रहे थे, स्थाई बंदोबस्त लागू कर भू राजस्व का  लगभग 90% ब्रिटिश कंपनी को 10% भाग ही अपने पास रखना था ,किसी भी भारतीयों को उच्च पद पर नियुक्ति वर्जित था

Essay on पिकनिक Picnic for School Students पे हिंदी में निबंध (लेख ) Nibandh lekh


मेरा दिसंबर सबसे प्रिय महीना है ,जब भी यह दस्तक देता है सर्दियों के साथ साथ शीतलता वाली रातें मौसम को और ही आकर्षक बनाता है स्कूलों की छुट्टियों में इजाफा हमारे लिए एक नए अवसर के रूप में होता क्योंकि प्रतिदिन हम  एक ही कार्य करते हैं जैसे कि पढ़ना- लिखना, स्कूल और कोचिंग जाना एक हि कार्य जो प्रतिदिन हो साधारण और नीरस बना देता है और विद्यार्थियों के लिए तो समय की पाबंदी और अनुशासन के साथ साथ कुछ ना कुछ नया सीखना, पढ़ना लिखना,जिंदगी ऐसे ही चलती है परंतु दिसंबर जब भी दस्तक देती है हमारे लिए एक अलग ही खुशी और सुकून लेकर आती है I क्योंकि क्योंकि क्रिसमस का त्योहार त्यौहार के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन जिसमें विद्यार्थियों के साथ- साथ शिक्षकों उत्साहपूर्ण तरीके  तरीके से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते उस दिन हमारे लिए सांता क्लॉज़ द्वारा मिलने वाली उपहारें जो और ही खास बना देता है और उसके साथ ही प्रारंभ हो जाती है नव वर्ष की तैयारियां ,हमारे लिए नए साल की पहली तारीख ख़ास पर्व से भी ज्यादा मायने रखता है क्योंकि सबसे खास होता है हमारे लिए पिकनिक जिसके नाम सुनते ही मन उत्साह ऊर्जा से भर जाती है.


   पिकनिक दरअसल अपने आप में ही विशेष मायने रखता है इसका अर्थ होता है एक ऐसे स्थानों पर घूमने के साथ-साथ समय व्यतीत करना जहां प्राकृतिक सौंदर्य और तारो ताजा वातवरण से परिपूर्ण जगह जहां पर जहां पर एक साथ समूह में भोजन और मनोरंजन आदि करना होता है ,कभी-कभी  परीक्षाओं के बाद स्कूल की तरफ से पिकनिक का आयोजन होता है जिसमें सारे विद्यार्थियों के साथ- साथ शिक्षकगण भी उपस्थित होते हैं छात्रों से भरी बस शहर से थोड़ी दूर एक ऐसे पार्क या झील के लिए रवाना होता है जहां खूबसूरत वादियां और ऐतिहासिक स्ठल सुंदर दृश्य के साथ सुंदर दृश्य के साथ अपने आप  अपने आप में ही एक इतिहास समेटे रहता है जहां मनोरंजन के साथ-साथ नई चीजें को अध्ययन करने की मौका मौका मिलता है